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प्राइवेट स्कूल संचालकों की सरकार को खरी-खरी, हम नहीं भरेंगे फार्म नंबर दो : राजेश मौण
Updated Sun, 28 Oct 2018 11:50 PM IST
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फार्म नंबर दो भरने के लिए तैयार नहीं निजी स्कूल संचालक
अमर उजाला ब्यूरो
उचाना। फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजेश मौण ने कहा कि सरकार सालों से चल रहे स्कूल संचालकों से फार्म भरवाने के बजाए शपथपत्र लेकर स्पष्ट कर सकती है कि स्कूल चल रहे हैं या नहीं। स्कूल संचालक फार्म नंबर दो नहीं भरेगा, क्योंकि यह निजी स्कूल है, जोकि अपने स्तर पर खर्च एकत्रित करते है और सरकार की तरफ से उन्हें कोई मदद नहीं की जाती। सरकार प्राइवेट स्कूलों के साथ सौतले व्यवहार व भेदभाव पूर्ण व्यवहार कर रही है। कभी पैसेंजर टैक्स तो कभी प्रापर्टी तो कभी सुरक्षा के नाम पर कड़े नियम उन पर लागू करती है। जिससे प्राइवेट शिक्षा महंगी हो और अभिभावकों की नाराजगी प्राइवेट स्कूलों के प्रति बढ़े ये सरकार की मंशा है।
घोघड़िया डीएन स्कूल में जिला स्तरीय बैठक में बोलते हुए मौण ने कहा कि प्रदेश सरकार निजी स्कूल विरोधी नीतियां बनाने में लगी है। निजी स्कूलों को बंद करना चाहती है। प्रदेश सरकार ने निजी स्कूलों के संचालकों को तंग करने के लिए दोबारा से फार्म नंबर दो भरने के आदेश दिए हैं, जिसे निजी स्कूल किसी भी कीमत पर मानने के लिए तैयार नहीं है। यदि निजी स्कूलों के साथ धक्का किया गया तो आंदोलन करने से भी स्कूल संचालक पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि दिसंबर में अंबाला में महा रैली का आयोजन भी किया जाएगा। जिसमें निजी स्कूल संचालक प्रदेश भर से पहुंच कर अपनी एकता का परिचय देंगे। प्रदेश भर में चलने वाले निजी स्कूल मान्यता लेते समय फार्म नंबर दो भर चुके है और अब सरकार दोबारा फार्म नंबर ो भरवाने की बात कर मात्र स्कूल संचालकों को परेशान करने में लगी है। सरकार के आदेशानुसार जिन स्कूलों को दस साल हो गए है या फिर दस साल से पहले चल रहे है तो भी फार्म भरेंगे। जिसके कारण स्कूल संचालक चिंतित हैं, क्योंकि स्कूलों के पुराने नियमों के अनुसार मान्यता मिली हुई है और ऐसे में वह नए नियमों को पूरा नहीं कर सकते। इस मौके पर उचाना खंड प्रधान अनिल डोहाना खेड़ा, जिला कोषाध्यक्ष भूपेंद्र गिल, जुलाना खंड प्रधान विनोद पानू, पूर्व जिला प्रधान जितेंद्र ढांडा, जींद खंड प्रधान राजेश पहल, सत्यवान नेहरा, पिल्लूखेड़ा के प्रधान सुभाष भारद्वाज, अलेवा खंड प्रधान सोमवीर, त्रिलोक भारद्वाज जिला एडवाइजर, सफीदों प्रधान अरुण खर्ब, पूर्व प्रधान नरेश बराड़, नरवाना खंड प्रधान सतपाल जागलान, सतीश फौगाट जिला सचिव मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
उचाना। फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजेश मौण ने कहा कि सरकार सालों से चल रहे स्कूल संचालकों से फार्म भरवाने के बजाए शपथपत्र लेकर स्पष्ट कर सकती है कि स्कूल चल रहे हैं या नहीं। स्कूल संचालक फार्म नंबर दो नहीं भरेगा, क्योंकि यह निजी स्कूल है, जोकि अपने स्तर पर खर्च एकत्रित करते है और सरकार की तरफ से उन्हें कोई मदद नहीं की जाती। सरकार प्राइवेट स्कूलों के साथ सौतले व्यवहार व भेदभाव पूर्ण व्यवहार कर रही है। कभी पैसेंजर टैक्स तो कभी प्रापर्टी तो कभी सुरक्षा के नाम पर कड़े नियम उन पर लागू करती है। जिससे प्राइवेट शिक्षा महंगी हो और अभिभावकों की नाराजगी प्राइवेट स्कूलों के प्रति बढ़े ये सरकार की मंशा है।
घोघड़िया डीएन स्कूल में जिला स्तरीय बैठक में बोलते हुए मौण ने कहा कि प्रदेश सरकार निजी स्कूल विरोधी नीतियां बनाने में लगी है। निजी स्कूलों को बंद करना चाहती है। प्रदेश सरकार ने निजी स्कूलों के संचालकों को तंग करने के लिए दोबारा से फार्म नंबर दो भरने के आदेश दिए हैं, जिसे निजी स्कूल किसी भी कीमत पर मानने के लिए तैयार नहीं है। यदि निजी स्कूलों के साथ धक्का किया गया तो आंदोलन करने से भी स्कूल संचालक पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि दिसंबर में अंबाला में महा रैली का आयोजन भी किया जाएगा। जिसमें निजी स्कूल संचालक प्रदेश भर से पहुंच कर अपनी एकता का परिचय देंगे। प्रदेश भर में चलने वाले निजी स्कूल मान्यता लेते समय फार्म नंबर दो भर चुके है और अब सरकार दोबारा फार्म नंबर ो भरवाने की बात कर मात्र स्कूल संचालकों को परेशान करने में लगी है। सरकार के आदेशानुसार जिन स्कूलों को दस साल हो गए है या फिर दस साल से पहले चल रहे है तो भी फार्म भरेंगे। जिसके कारण स्कूल संचालक चिंतित हैं, क्योंकि स्कूलों के पुराने नियमों के अनुसार मान्यता मिली हुई है और ऐसे में वह नए नियमों को पूरा नहीं कर सकते। इस मौके पर उचाना खंड प्रधान अनिल डोहाना खेड़ा, जिला कोषाध्यक्ष भूपेंद्र गिल, जुलाना खंड प्रधान विनोद पानू, पूर्व जिला प्रधान जितेंद्र ढांडा, जींद खंड प्रधान राजेश पहल, सत्यवान नेहरा, पिल्लूखेड़ा के प्रधान सुभाष भारद्वाज, अलेवा खंड प्रधान सोमवीर, त्रिलोक भारद्वाज जिला एडवाइजर, सफीदों प्रधान अरुण खर्ब, पूर्व प्रधान नरेश बराड़, नरवाना खंड प्रधान सतपाल जागलान, सतीश फौगाट जिला सचिव मौजूद रहे।
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