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नागरिक अस्पताल में डिलीवरी के दौरान नवजात बच्चे की मौत, परिजनों ने लगाया चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप
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डिलीवरी के दौरान नवजात की मौत, चिकित्सक पर लगाया लापरवाही का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नागरिक अस्पताल में बुधवार की रात डिलीवरी के दौरान एक बच्चे की मौत हो गई। डिलीवरी के दौरान बच्चे के मुंह तथा नाक से खून निकल रहा था। परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत ले ली है। अस्पताल प्रशासन ने एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन करके जांच शुरू कर दी। वहीं महिला की हालत गंभीर होने के चलते उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया है। बच्चे के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने के लिए पीजीआई रोहतक भे दिया गया है। सिविल सर्जन ने कहा कि यदि जांच में चिकित्सक की लापरवाही सही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
गांव मांडो खेड़ी निवासी अनूप ने कहा कि उसकी भाभी रीना को बुधवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। वह उसे लेकर डिलीवरी के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचा। यहां चिकित्सक डॉ. गीता ने भाभी की हालत देखकर कहा कि दो बजे तक बच्चे की डिलीवरी हो जाएगी। इसके बाद किसी भी चिकित्सक ने उसकी भाभी को नहीं देखा। यहां केवल कर्मचारियों ने ही उसकी भाभी की जांच की। इसके बाद वह फिर से डॉ. गीता से मिला। डॉ. ने कहा कि चार बजे डिलीवरी होगी। जब वह चार बजे फिर चिकित्सक से मिला तो उसने कहा कि सात बजे डिलीवरी होगी, जबकि उसकी भाभी को दर्द बढ़ता रहा और वह चिल्लाती रही। अनूप ने कहा कि वह चिकित्सक से बार-बार भाभी को देखने की बात कहता रहा, लेकिन चिकित्सक ने एक बार भी उसकी भाभी को नहीं देखा। रात को लगभग साढ़े 11 बजे अस्पताल के कर्मचारियों ने ही उसकी भाभी की डिलीवरी करवाई। उसकी भाभी को मरा हुआ बच्चा पैदा हुआ। बच्चे के नाक-कान से खून बह रहा था। अनूप ने कहा कि इससे उसकी भाभी की भी तबीयत खराब हो गई। चिकित्सकों ने उसकी भाभी को रात को ही रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। अनूप ने कहा कि चिकित्सकों की लापरवाही के कारण ही बच्चे की मौत हुई है।
पुलिस को दी लिखित शिकायत
अनूप ने चिकित्सक की लापरवाही की शिकायत पुलिस को दी है। पुलिस ने शिकायत लेकर कार्रवाई के लिए नागरिक अस्पताल प्रशासन को लिखा है। सिविल लाइन थाना प्रभारी वीरेंद्र खर्ब ने कहा कि उनके पास चिकित्सक की लापरवाही के बारे में शिकायत आई है। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है। यदि चिकित्सक की लापरवाही सामने आएगी तो कार्रवाई की जाएगी।
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तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच
सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया ने कहा कि डॉ. सीमा वशिष्ठ, डॉ. निशा, डॉ. अदिति की तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी। यह टीम पूरे मामले की जांच करेगी। यदि इस मामले में चिकित्सक की लापरवाही की बात सामने आई तो चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नागरिक अस्पताल में बुधवार की रात डिलीवरी के दौरान एक बच्चे की मौत हो गई। डिलीवरी के दौरान बच्चे के मुंह तथा नाक से खून निकल रहा था। परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत ले ली है। अस्पताल प्रशासन ने एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन करके जांच शुरू कर दी। वहीं महिला की हालत गंभीर होने के चलते उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया है। बच्चे के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने के लिए पीजीआई रोहतक भे दिया गया है। सिविल सर्जन ने कहा कि यदि जांच में चिकित्सक की लापरवाही सही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
गांव मांडो खेड़ी निवासी अनूप ने कहा कि उसकी भाभी रीना को बुधवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। वह उसे लेकर डिलीवरी के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचा। यहां चिकित्सक डॉ. गीता ने भाभी की हालत देखकर कहा कि दो बजे तक बच्चे की डिलीवरी हो जाएगी। इसके बाद किसी भी चिकित्सक ने उसकी भाभी को नहीं देखा। यहां केवल कर्मचारियों ने ही उसकी भाभी की जांच की। इसके बाद वह फिर से डॉ. गीता से मिला। डॉ. ने कहा कि चार बजे डिलीवरी होगी। जब वह चार बजे फिर चिकित्सक से मिला तो उसने कहा कि सात बजे डिलीवरी होगी, जबकि उसकी भाभी को दर्द बढ़ता रहा और वह चिल्लाती रही। अनूप ने कहा कि वह चिकित्सक से बार-बार भाभी को देखने की बात कहता रहा, लेकिन चिकित्सक ने एक बार भी उसकी भाभी को नहीं देखा। रात को लगभग साढ़े 11 बजे अस्पताल के कर्मचारियों ने ही उसकी भाभी की डिलीवरी करवाई। उसकी भाभी को मरा हुआ बच्चा पैदा हुआ। बच्चे के नाक-कान से खून बह रहा था। अनूप ने कहा कि इससे उसकी भाभी की भी तबीयत खराब हो गई। चिकित्सकों ने उसकी भाभी को रात को ही रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। अनूप ने कहा कि चिकित्सकों की लापरवाही के कारण ही बच्चे की मौत हुई है।
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पुलिस को दी लिखित शिकायत
अनूप ने चिकित्सक की लापरवाही की शिकायत पुलिस को दी है। पुलिस ने शिकायत लेकर कार्रवाई के लिए नागरिक अस्पताल प्रशासन को लिखा है। सिविल लाइन थाना प्रभारी वीरेंद्र खर्ब ने कहा कि उनके पास चिकित्सक की लापरवाही के बारे में शिकायत आई है। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है। यदि चिकित्सक की लापरवाही सामने आएगी तो कार्रवाई की जाएगी।
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तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच
सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया ने कहा कि डॉ. सीमा वशिष्ठ, डॉ. निशा, डॉ. अदिति की तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी। यह टीम पूरे मामले की जांच करेगी। यदि इस मामले में चिकित्सक की लापरवाही की बात सामने आई तो चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।