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हांसी रोड रेलवे फाटक पर घोषणा के आठ साल बाद आरओबी का काम शुरू, व्यापारी बोले चौपट हो जाएगा धंधा
Updated Fri, 16 Nov 2018 12:28 AM IST
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आठ साल बाद शुरू हुआ रेलवे फाटक पर आरओबी का काम और विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार हांसी रोड रेलवे फाटक पर आरओबी निर्माण का काम शुरू हो गया है, लेकिन यहां के व्यापारियों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि पुल बनने से उनका धंधा चौपट हो जाएगा। व्यापारियों की मांग है कि यदि सरकार यहां पुल बना रही है तो पिल्लर पर बनाए, ताकि उनका काम प्रभावित न हो। फिलहाल 42 करोड़ 63 लाख रुपये से मिट्टी के भरत वाले आरओबी के निर्माण का वर्क अलाट हुआ है।
दिल्ली-बठिंडा रेलवे सेक्शन पर पड़ने वाले हांसी रोड रेलवे फाटक पर अधिक यातायात होने के कारण दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में करीब आठ साल पहले प्रदेश सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए यहां आरओबी बनाने की योजना शुरू की, लेकिन यह लटकती चली गई। चार साल पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस परियोजना को गंभीरता से लेते हुए यहां पर आरओबी का काम शुरू करवाने की घोषणा की। इसके बाद पिछले दिनों हुए टेंडर में एक फर्म को 42 करोड़ 63 लाख रुपये का निर्माण कार्य का वर्क अलाट कर दिया गया। इस पर यहां के व्यापारियों में रोष है। उनका कहना है कि पुल का निर्माण होने से उनका काम खत्म हो जाएगा।
पिल्लर वाला पुल बने तो मिले राहत
व्यापारियों का कहना है कि यदि सरकार यहां पर पुल बना रही है तो पिल्लर पर बना दिया जाए। इससे पुल के नीचे बची जगह पर उनका काम होता रहेगा। आमने-सामने की दुकानदारों का संपर्क भी बना रहेगा, लेकिन वर्क आर्डर में मिट्टी को भरकर पुल बनाने की योजना है। इससे दुकानों का आपस का संपर्क टूट जाएगा।
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शहर का मशीनरी बाजार है हांसी रोड
हांसी रोड पर शहर का मशीनरी बाजार है। यहां अधिकतर काम बड़ी मशीनरी का होता है। बाजार में करीब 400 दुकानें हैं। अधिकतर काम ट्रैक्टर और बड़ी मशीनरी की मरम्मत का होता है। व्यापारियों की माने तो इस मार्केट में करीब चार हजार परिवारों का रोजगार चलता है। यहां मिट्टी को भरकर पुल बनाने से उनके रोजगार पर संकट आएगा। इसी प्रकार फाटक से बीड़ की ओर भारी कृषि उपकरण निर्माण का काम है। पिछले महीने ही पुल निर्माण के विरोध में हांसी रोड के व्यापारियों ने बाजार बंद कर रोष जताया था।
व्यापारियों को राहत देनी जरूरी
यहां आरओबी समय की जरूरत है, लेकिन व्यापारियों को राहत देनी जरूरी है। यहां पिल्लर पर पुल बनने से हांसी रोड पर व्यापार प्रभावित नहीं होगा। व्यापारी यही मांग कर रहे हैं। कुछ ज्यादा नहीं मांग रहे हैं।
व्यापारी
सुनील वशिष्ठ, अन्ना टीम।
रोजगार होगा प्रभावित
हांसी रोड पर अधिकतर काम भारी मशीनरी का है। सारा काम एक ही गैराज में नहीं होता, एक दूसरी दुकान पर जाना पड़ता है। यहां मिट्टी को भरकर पुल बनाने से यह बहुत मुश्किल हो जाएगा। इससे व्यापार प्रभावित होगा।
मोहन, प्रधान हांसी रोड।
इसके लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन फिलहाल इसमें कोई जानकारी नहीं आई है। प्रशासन ने व्यापारियों की बात सरकार तक पहुंचा दी है।
अमित खत्री, डीसी।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार हांसी रोड रेलवे फाटक पर आरओबी निर्माण का काम शुरू हो गया है, लेकिन यहां के व्यापारियों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि पुल बनने से उनका धंधा चौपट हो जाएगा। व्यापारियों की मांग है कि यदि सरकार यहां पुल बना रही है तो पिल्लर पर बनाए, ताकि उनका काम प्रभावित न हो। फिलहाल 42 करोड़ 63 लाख रुपये से मिट्टी के भरत वाले आरओबी के निर्माण का वर्क अलाट हुआ है।
दिल्ली-बठिंडा रेलवे सेक्शन पर पड़ने वाले हांसी रोड रेलवे फाटक पर अधिक यातायात होने के कारण दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में करीब आठ साल पहले प्रदेश सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए यहां आरओबी बनाने की योजना शुरू की, लेकिन यह लटकती चली गई। चार साल पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस परियोजना को गंभीरता से लेते हुए यहां पर आरओबी का काम शुरू करवाने की घोषणा की। इसके बाद पिछले दिनों हुए टेंडर में एक फर्म को 42 करोड़ 63 लाख रुपये का निर्माण कार्य का वर्क अलाट कर दिया गया। इस पर यहां के व्यापारियों में रोष है। उनका कहना है कि पुल का निर्माण होने से उनका काम खत्म हो जाएगा।
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पिल्लर वाला पुल बने तो मिले राहत
व्यापारियों का कहना है कि यदि सरकार यहां पर पुल बना रही है तो पिल्लर पर बना दिया जाए। इससे पुल के नीचे बची जगह पर उनका काम होता रहेगा। आमने-सामने की दुकानदारों का संपर्क भी बना रहेगा, लेकिन वर्क आर्डर में मिट्टी को भरकर पुल बनाने की योजना है। इससे दुकानों का आपस का संपर्क टूट जाएगा।
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शहर का मशीनरी बाजार है हांसी रोड
हांसी रोड पर शहर का मशीनरी बाजार है। यहां अधिकतर काम बड़ी मशीनरी का होता है। बाजार में करीब 400 दुकानें हैं। अधिकतर काम ट्रैक्टर और बड़ी मशीनरी की मरम्मत का होता है। व्यापारियों की माने तो इस मार्केट में करीब चार हजार परिवारों का रोजगार चलता है। यहां मिट्टी को भरकर पुल बनाने से उनके रोजगार पर संकट आएगा। इसी प्रकार फाटक से बीड़ की ओर भारी कृषि उपकरण निर्माण का काम है। पिछले महीने ही पुल निर्माण के विरोध में हांसी रोड के व्यापारियों ने बाजार बंद कर रोष जताया था।
व्यापारियों को राहत देनी जरूरी
यहां आरओबी समय की जरूरत है, लेकिन व्यापारियों को राहत देनी जरूरी है। यहां पिल्लर पर पुल बनने से हांसी रोड पर व्यापार प्रभावित नहीं होगा। व्यापारी यही मांग कर रहे हैं। कुछ ज्यादा नहीं मांग रहे हैं।
व्यापारी
सुनील वशिष्ठ, अन्ना टीम।
रोजगार होगा प्रभावित
हांसी रोड पर अधिकतर काम भारी मशीनरी का है। सारा काम एक ही गैराज में नहीं होता, एक दूसरी दुकान पर जाना पड़ता है। यहां मिट्टी को भरकर पुल बनाने से यह बहुत मुश्किल हो जाएगा। इससे व्यापार प्रभावित होगा।
मोहन, प्रधान हांसी रोड।
इसके लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन फिलहाल इसमें कोई जानकारी नहीं आई है। प्रशासन ने व्यापारियों की बात सरकार तक पहुंचा दी है।
अमित खत्री, डीसी।