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हटाए गए क्रेच वर्कर्स व हैल्पर्स पहुंचे डीसी दरबार
Updated Thu, 13 Sep 2018 12:51 AM IST
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नौकरी से हटाए गए क्रेच वर्कर्स और हेल्पर्स पहुंचे डीसी दरबार
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। क्रेच वर्कर्स व हेल्पर्स यूनियन के सदस्य मांगों को लेकर बुधवार को डीसी से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि जून मेें सर्वे करवार 102 केंद्रों को चालू अवस्था में दिखाकर बाकी को बंद कर दिया गया। इससे काफी कर्मचारियों का रोजगार छीन गया। डीसी अमित खत्री को ज्ञापन सौंपकर दोबारा सर्वे करवाने की मांग की। हटाए गए वर्कर्स व हेल्पर्स को वापस काम पर लिए जाने की मांग की।
जिला प्रधान अनिता ने बताया कि प्रदेशभर में 463 क्रेच केंद्र काम कर रहे है। जिनमें 900 से ज्यादा क्रेच वर्कर्स व हेल्पर्स कार्यरत है, सरकार ने आइसीडीएस में समायोजन करने के बावजूद भी आंगनबाड़ी वर्कर्स व हैल्पर्स के बराबर वेतनमान नहीं दिया गया। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जून में सर्वे करवाकर 102 केंद्रों चालू अवस्था में दिखाकर, बाकी बचे केंद्रों को बंद कर दिया गया। इससे वर्कर्स व हैल्पर्स को निराशा हाथ लगी और सरकार के खिलाफ भारी रोष है। प्रशासन के माध्यम से मांग है, कि दोबारा सर्वे करवाकर नए केंद्र स्थपित किए जाए और क्रेच वर्कर्स व हेल्पर्स को नौकरी से न निकाला जाए। अगर सरकार व प्रशासन ने दोबारा सर्वे नहीं करवाया गया तो सोनीपत में जारी धरने से बड़े आंदोलन के की शुरूआत की जाएगी। इस मौके पर मुकेश कुमारी, निर्माला देवी, मीना, सुमित्रा, सुदेश, कुसुम, सुजाता, सरोज, वर्षा व सरिता मौजूद रही।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। क्रेच वर्कर्स व हेल्पर्स यूनियन के सदस्य मांगों को लेकर बुधवार को डीसी से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि जून मेें सर्वे करवार 102 केंद्रों को चालू अवस्था में दिखाकर बाकी को बंद कर दिया गया। इससे काफी कर्मचारियों का रोजगार छीन गया। डीसी अमित खत्री को ज्ञापन सौंपकर दोबारा सर्वे करवाने की मांग की। हटाए गए वर्कर्स व हेल्पर्स को वापस काम पर लिए जाने की मांग की।
जिला प्रधान अनिता ने बताया कि प्रदेशभर में 463 क्रेच केंद्र काम कर रहे है। जिनमें 900 से ज्यादा क्रेच वर्कर्स व हेल्पर्स कार्यरत है, सरकार ने आइसीडीएस में समायोजन करने के बावजूद भी आंगनबाड़ी वर्कर्स व हैल्पर्स के बराबर वेतनमान नहीं दिया गया। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जून में सर्वे करवाकर 102 केंद्रों चालू अवस्था में दिखाकर, बाकी बचे केंद्रों को बंद कर दिया गया। इससे वर्कर्स व हैल्पर्स को निराशा हाथ लगी और सरकार के खिलाफ भारी रोष है। प्रशासन के माध्यम से मांग है, कि दोबारा सर्वे करवाकर नए केंद्र स्थपित किए जाए और क्रेच वर्कर्स व हेल्पर्स को नौकरी से न निकाला जाए। अगर सरकार व प्रशासन ने दोबारा सर्वे नहीं करवाया गया तो सोनीपत में जारी धरने से बड़े आंदोलन के की शुरूआत की जाएगी। इस मौके पर मुकेश कुमारी, निर्माला देवी, मीना, सुमित्रा, सुदेश, कुसुम, सुजाता, सरोज, वर्षा व सरिता मौजूद रही।
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