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एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के चलते टीकाकरण हो रहा प्रभावित, हड़ताल के कारण 3200 बच्चों का नहीं हो पाया टीकाकरण
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एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से 3200 बच्चों का नहीं हो पाया टीकाकरण
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे एनएचएम कर्मचारियों की वजह से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। एक तरफ जहां एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जिले के पांच लाख बच्चों को कृमिनाशक दवा नहीं दी गई, वहीं हर बुधवार को जिले के एक से दो साल के बच्चों के लिए चलाया जा रहा टीकाकरण अभियान भी प्रभावित हो रहा है। जिलेभर में 160 स्वास्थ्य केंद्र हैं और उनमें 535 कर्मचारी काम करते हैं। इसमें से लगभग 270 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इसके कारण लगभग दो सप्ताह से बुधवार को एक से दो साल के बच्चों को मिलने वाला टीकाकरण नहीं हो रहा है। जिससे दो सप्ताह के दौरान लगभग 3200 बच्चों का टीकाकरण नहीं हो पाया है।
यह टीकाकरण हर बुधवार को एक से दो साल के उम्र के बच्चों का होता है। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। इससे आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं एनएचएम कर्मचारियों ने मांगों को लेकर धरने को तेज कर दिया है। मंगलवार को जहां एनएचएम कर्मचारियों ने पुतला फूंककर रोष प्रकट किया था। बुधवार को हवन करवा कर कर्मचारियों की मांग जल्द पूरी होने के लिए भगवान से प्रार्थना की ।
आज निकालेंगे कैंडल मार्च
जितेंद्र ने कहा कि हवन कर भगवान से प्रार्थना करते हैं कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की मांगों को जल्द ही पूरा करें। अगर सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया तो वीरवार को कैंडल मार्च निकाला जाएगा।
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एंबुलेंस सेवा पटरी पर लाने की कवायद
एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल पर होने के कारण अब एंबुलेंस सेवा को पटरी पर लाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके तहत सभी सीएचसी पर कार्यरत नियमित चालकों को नागरिक अस्पतालों में एंबुलेंस चालक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके तहत 11 चालकों को एंबुलेंस सेवा में लगाया गया है। यह चालक पहले अधिकारियों की गाड़ी चला रहे थे। नई व्यवस्था तक अब अधिकारी या तो अपने टूर स्थगित करेंगे या फिर अपनी निजी गाड़ी से टूर पर जाएंगे। सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के अनुसार जरूरी सेवाओं को जारी रखने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
ज्यादा काम नहीं हुआ प्रभावित
हर बुधवार को एक साल से दो साल के बच्चों का टीकाकरण किया जाता है। एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर चल रहे हैं। इससे कुछ जगहों पर बच्चों का टीकाकरण नहीं हो पाया, लेकिन कुछ ही कर्मचारी हड़ताल पर है। इससे ज्यादा काम प्रभावित नहीं हुआ।
डॉ. प्रभुदयाल, नोडल अधिकारी।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे एनएचएम कर्मचारियों की वजह से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। एक तरफ जहां एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जिले के पांच लाख बच्चों को कृमिनाशक दवा नहीं दी गई, वहीं हर बुधवार को जिले के एक से दो साल के बच्चों के लिए चलाया जा रहा टीकाकरण अभियान भी प्रभावित हो रहा है। जिलेभर में 160 स्वास्थ्य केंद्र हैं और उनमें 535 कर्मचारी काम करते हैं। इसमें से लगभग 270 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इसके कारण लगभग दो सप्ताह से बुधवार को एक से दो साल के बच्चों को मिलने वाला टीकाकरण नहीं हो रहा है। जिससे दो सप्ताह के दौरान लगभग 3200 बच्चों का टीकाकरण नहीं हो पाया है।
यह टीकाकरण हर बुधवार को एक से दो साल के उम्र के बच्चों का होता है। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। इससे आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं एनएचएम कर्मचारियों ने मांगों को लेकर धरने को तेज कर दिया है। मंगलवार को जहां एनएचएम कर्मचारियों ने पुतला फूंककर रोष प्रकट किया था। बुधवार को हवन करवा कर कर्मचारियों की मांग जल्द पूरी होने के लिए भगवान से प्रार्थना की ।
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आज निकालेंगे कैंडल मार्च
जितेंद्र ने कहा कि हवन कर भगवान से प्रार्थना करते हैं कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की मांगों को जल्द ही पूरा करें। अगर सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया तो वीरवार को कैंडल मार्च निकाला जाएगा।
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एंबुलेंस सेवा पटरी पर लाने की कवायद
एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल पर होने के कारण अब एंबुलेंस सेवा को पटरी पर लाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके तहत सभी सीएचसी पर कार्यरत नियमित चालकों को नागरिक अस्पतालों में एंबुलेंस चालक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके तहत 11 चालकों को एंबुलेंस सेवा में लगाया गया है। यह चालक पहले अधिकारियों की गाड़ी चला रहे थे। नई व्यवस्था तक अब अधिकारी या तो अपने टूर स्थगित करेंगे या फिर अपनी निजी गाड़ी से टूर पर जाएंगे। सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के अनुसार जरूरी सेवाओं को जारी रखने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
ज्यादा काम नहीं हुआ प्रभावित
हर बुधवार को एक साल से दो साल के बच्चों का टीकाकरण किया जाता है। एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर चल रहे हैं। इससे कुछ जगहों पर बच्चों का टीकाकरण नहीं हो पाया, लेकिन कुछ ही कर्मचारी हड़ताल पर है। इससे ज्यादा काम प्रभावित नहीं हुआ।
डॉ. प्रभुदयाल, नोडल अधिकारी।