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लिए चल रही कछुआ चाल : जागलान
Updated Sun, 05 Nov 2017 11:22 PM IST
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सरकार समझौते को लागू करने के लिए चल रही कछुआ चाल : जागलान
अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने 26 नवंबर को जसिया में होने वाली जाट समाज की महाकुंभ रैली के लिए सफीदों में रविवार को निमंत्रण पत्र बांटे। संघर्ष समिति के जिला प्रधान कैप्टन भूपेंद्र जागलान ने जाट धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि रैली के दो उद्देश्य है। सरकार ने आंदोलन को माना, लेकिन पूरा नहीं किया। उस पर कछुआ गति से चल रही है। उन्होंने कहा कि जो गति अप्रैल में थी सरकार ने उससे भी गति धीमी कर दी है। इस विषय पर भी 26 नवंबर को रैली स्थल पर कोई न कोई निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने कहा है कि जो प्रक्रिया होती है, उसके तहत काम होना चाहिए। जिस पर अब सरकार ने आयोग गठित कर दिया है। जो सर्वे कर रहा है। सरकार ने छह माह में पूरा करने की बात कही थी। आयोग को 31 मार्च को अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। सामाजिक तानेबाने को लेकर उन्होंने कहा की जो धरने चले उसमें 36 बिरादरी के लोग उसमें आए थे। हमारी मांग सरकार से है, जाति विशेष से नहीं है। उन्होंने कहा कि जैसे दूसरे भाईयों को आरक्षण दिया है, वैसे ही हमें भी दिया जाए। यदि 26 नवंबर तक मांग पूरा नहीं की जाएगी, तो 26 नवंबर को आंदोलन की रुपरेखा तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि समिति द्वारा जसिया में ही एक कोचिंग सेंटर खोला जा रहा है, जहां ऐसे बच्चे जिनके माता पिता आर्थिक तौर पर सक्षम नहीं है, लेकिन बच्चे टैलेंटेड है। उनकी समाज की ओर मदद दी जाएगी, ताकि वे रोजगार प्राप्त कर सके। उन्होंने बताया कि इस रैली में अनेक बॉलीवुड के कलाकारों के अलावा, खेल जगत व सभी राजनीतिक पार्टियों के नेता भी भाग लेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने 26 नवंबर को जसिया में होने वाली जाट समाज की महाकुंभ रैली के लिए सफीदों में रविवार को निमंत्रण पत्र बांटे। संघर्ष समिति के जिला प्रधान कैप्टन भूपेंद्र जागलान ने जाट धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि रैली के दो उद्देश्य है। सरकार ने आंदोलन को माना, लेकिन पूरा नहीं किया। उस पर कछुआ गति से चल रही है। उन्होंने कहा कि जो गति अप्रैल में थी सरकार ने उससे भी गति धीमी कर दी है। इस विषय पर भी 26 नवंबर को रैली स्थल पर कोई न कोई निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने कहा है कि जो प्रक्रिया होती है, उसके तहत काम होना चाहिए। जिस पर अब सरकार ने आयोग गठित कर दिया है। जो सर्वे कर रहा है। सरकार ने छह माह में पूरा करने की बात कही थी। आयोग को 31 मार्च को अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। सामाजिक तानेबाने को लेकर उन्होंने कहा की जो धरने चले उसमें 36 बिरादरी के लोग उसमें आए थे। हमारी मांग सरकार से है, जाति विशेष से नहीं है। उन्होंने कहा कि जैसे दूसरे भाईयों को आरक्षण दिया है, वैसे ही हमें भी दिया जाए। यदि 26 नवंबर तक मांग पूरा नहीं की जाएगी, तो 26 नवंबर को आंदोलन की रुपरेखा तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि समिति द्वारा जसिया में ही एक कोचिंग सेंटर खोला जा रहा है, जहां ऐसे बच्चे जिनके माता पिता आर्थिक तौर पर सक्षम नहीं है, लेकिन बच्चे टैलेंटेड है। उनकी समाज की ओर मदद दी जाएगी, ताकि वे रोजगार प्राप्त कर सके। उन्होंने बताया कि इस रैली में अनेक बॉलीवुड के कलाकारों के अलावा, खेल जगत व सभी राजनीतिक पार्टियों के नेता भी भाग लेंगे।