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कैप्टन के फोटो वार पर बागी गुट का पलटवार
Updated Wed, 06 Dec 2017 12:19 AM IST
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कैप्टन के फोटो वार पर बागी गुट का पलटवार
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
मार्च में जाट आरक्षण आंदोलन के धरने समाप्त होने के बाद जाट आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्यों के बीच शुरू हुई जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है। हालांकि इसको लेकर कई बार पंचायतों और खाप चौधरियों ने मध्यस्थता की है, लेकिन जाट नेताओं के बीच आई दरार पटने की बजाये और चौड़ी होती जा रही है। इसी कड़ी में एक सप्ताह पहले अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक का जींद दौड़ा नई जंग को जन्म दे गया। इसके बाद जहां यशपाल मलिक के विरोधी खेमे ने मलिक पर सरकार के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया तो दो दिन पहले यशपाल मलिक समर्थकों ने विरोधी गुट के नेताओं का फोटो वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के साथ जारी किया। इन लोगों का कहना है कि यशपाल मलिक का विरोध कर रहे लोग वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के इशारे पर समाज का तोड़ने का काम कर रहे हैं।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के इस फोटो वार के बाद अब विरोधियों ने भी पलटवार किया है। मंगलवार को जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पूर्व जिला प्रधान और नई समिति के जिलाध्यक्ष वीरभान ढुल और जाट नेता किताब सिंह भनवाला ने यशपाल समर्थकों पर नए आरोप मढ़ दिए हैं। इससे साफ है कि आने वाले दिनों मेें जाट आरक्षण की लड़ाई का तो पता नहीं, लेकिन नेताओं के बीच का जुबानी युद्ध तेज होगा। दरअसल तीन दिन पहले वित्तमंत्री के साथ जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेताओं का फोटो जारी करने पर अब यशपाल मलिक से बागी हुए गुट ने मोर्चा संभाला है। इन लोगों का कहना है कि समाज का पैसा हड़पने वाले लोग जाट समाज के खिलाफ साजिश रच रहे हैं।
प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष वीरभार ढुल व किताब सिंह भनवाला ने कहा कि जिला प्रधान कैप्टन भूपेंद्र सिंह जागलान स्वयंभू नेता हैं। उन्होंने शादी समारोह में वित्तमंत्री के साथ बैठने का मीटिंग का रूप देकर जाट समाज के खिलाफ रचि जा रही साजिश को साबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला यशपाल मलिक के साथियों बौखलाहट का परिणाम है। इन लोगों ने जाट समाज के पैसों को हड़पा है। जिसकी चारों तरफ निंदा हो रही है।
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उन्होंने कहा कि भूपेंद्र जागलान 2017 के आंदोलन और धरनों की घोशणा होते ही कनाडा भाग गया था। वीरभान ढुल की अध्यक्षता में जब धरने पूरे चरम पर चल रहे थे, तब वे वापस लौटे। तभी से उन्होंने खुद को प्रधान का दावेदार कहकर धरने को बिगाड़ने का काम शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा कि कैप्टन भूपेंद्र सिंह कनाडा से वापस आकर स्वयं भू प्रधान बने और यशपाल मलिक की जसिया रैली के प्रचार में समाज के हड़पे गए पैसे को पानी की तरह बहाया। ऐसे में अब वे इस प्रकार के फोटो जारी कर समाज को तोड़ने का काम कर रहे हैं।
पैसे पर छिड़ी है रार
मार्च महीने में जाट आरक्षण आंदोलन के धरने समाप्त होने पर जींद की समिति के पास करीब 37 लाख रुपये बचे हैं। इस यशपाल मलिक का विरोधी खेमा कहता है कि मलिक इस पैसे का गलत प्रयोग कर रहे हैं, जबकि मलिक के समर्थकों का कहना है कि पैसा समाज के काम में ही खर्च होगा। यह पैसा विरोधी खेमे को दिलवाने के लिए कई बार खाप पंचायतें भी हुई और इसके चेक भी जारी किया गया, लेकिन ऐन मौके पर मलिक समर्थकों ने चैक को रद्द करवा दिया।
करवाया जाएगा केस दर्ज
यह साफ है कि चेक जारी करने के बाद इस चेक को रद्द करवाया गया, और बैंक खाते से पैसे निकाले गए। इससे साफ है कि यशपाल मलिक और उनके समर्थक कैप्टन भूपेंद्र सिंह जैसे लोगों को समाज से कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे में अब अदालत की मदद लेकर केस दर्ज करवाया जाएगा।
वीरभान ढुल, जाट नेता।
सामने आ चुकी है सच्चाई
वीरभान ढुल और उनके समर्थकों की सच्चाई अब सबके सामने आ चुकी है। अब साफ हो चुका है कि ये लोग वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के कहने पर समाज को तोड़ रहे हैं। ऐसे में सिर्फ समाज में अपने चेहरे बचाने के लिए नेता बयानबाजी कर रहे हैं।
कैप्टन भूपेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
मार्च में जाट आरक्षण आंदोलन के धरने समाप्त होने के बाद जाट आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्यों के बीच शुरू हुई जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है। हालांकि इसको लेकर कई बार पंचायतों और खाप चौधरियों ने मध्यस्थता की है, लेकिन जाट नेताओं के बीच आई दरार पटने की बजाये और चौड़ी होती जा रही है। इसी कड़ी में एक सप्ताह पहले अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक का जींद दौड़ा नई जंग को जन्म दे गया। इसके बाद जहां यशपाल मलिक के विरोधी खेमे ने मलिक पर सरकार के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया तो दो दिन पहले यशपाल मलिक समर्थकों ने विरोधी गुट के नेताओं का फोटो वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के साथ जारी किया। इन लोगों का कहना है कि यशपाल मलिक का विरोध कर रहे लोग वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के इशारे पर समाज का तोड़ने का काम कर रहे हैं।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के इस फोटो वार के बाद अब विरोधियों ने भी पलटवार किया है। मंगलवार को जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पूर्व जिला प्रधान और नई समिति के जिलाध्यक्ष वीरभान ढुल और जाट नेता किताब सिंह भनवाला ने यशपाल समर्थकों पर नए आरोप मढ़ दिए हैं। इससे साफ है कि आने वाले दिनों मेें जाट आरक्षण की लड़ाई का तो पता नहीं, लेकिन नेताओं के बीच का जुबानी युद्ध तेज होगा। दरअसल तीन दिन पहले वित्तमंत्री के साथ जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेताओं का फोटो जारी करने पर अब यशपाल मलिक से बागी हुए गुट ने मोर्चा संभाला है। इन लोगों का कहना है कि समाज का पैसा हड़पने वाले लोग जाट समाज के खिलाफ साजिश रच रहे हैं।
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प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष वीरभार ढुल व किताब सिंह भनवाला ने कहा कि जिला प्रधान कैप्टन भूपेंद्र सिंह जागलान स्वयंभू नेता हैं। उन्होंने शादी समारोह में वित्तमंत्री के साथ बैठने का मीटिंग का रूप देकर जाट समाज के खिलाफ रचि जा रही साजिश को साबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला यशपाल मलिक के साथियों बौखलाहट का परिणाम है। इन लोगों ने जाट समाज के पैसों को हड़पा है। जिसकी चारों तरफ निंदा हो रही है।
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उन्होंने कहा कि भूपेंद्र जागलान 2017 के आंदोलन और धरनों की घोशणा होते ही कनाडा भाग गया था। वीरभान ढुल की अध्यक्षता में जब धरने पूरे चरम पर चल रहे थे, तब वे वापस लौटे। तभी से उन्होंने खुद को प्रधान का दावेदार कहकर धरने को बिगाड़ने का काम शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा कि कैप्टन भूपेंद्र सिंह कनाडा से वापस आकर स्वयं भू प्रधान बने और यशपाल मलिक की जसिया रैली के प्रचार में समाज के हड़पे गए पैसे को पानी की तरह बहाया। ऐसे में अब वे इस प्रकार के फोटो जारी कर समाज को तोड़ने का काम कर रहे हैं।
पैसे पर छिड़ी है रार
मार्च महीने में जाट आरक्षण आंदोलन के धरने समाप्त होने पर जींद की समिति के पास करीब 37 लाख रुपये बचे हैं। इस यशपाल मलिक का विरोधी खेमा कहता है कि मलिक इस पैसे का गलत प्रयोग कर रहे हैं, जबकि मलिक के समर्थकों का कहना है कि पैसा समाज के काम में ही खर्च होगा। यह पैसा विरोधी खेमे को दिलवाने के लिए कई बार खाप पंचायतें भी हुई और इसके चेक भी जारी किया गया, लेकिन ऐन मौके पर मलिक समर्थकों ने चैक को रद्द करवा दिया।
करवाया जाएगा केस दर्ज
यह साफ है कि चेक जारी करने के बाद इस चेक को रद्द करवाया गया, और बैंक खाते से पैसे निकाले गए। इससे साफ है कि यशपाल मलिक और उनके समर्थक कैप्टन भूपेंद्र सिंह जैसे लोगों को समाज से कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे में अब अदालत की मदद लेकर केस दर्ज करवाया जाएगा।
वीरभान ढुल, जाट नेता।
सामने आ चुकी है सच्चाई
वीरभान ढुल और उनके समर्थकों की सच्चाई अब सबके सामने आ चुकी है। अब साफ हो चुका है कि ये लोग वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के कहने पर समाज को तोड़ रहे हैं। ऐसे में सिर्फ समाज में अपने चेहरे बचाने के लिए नेता बयानबाजी कर रहे हैं।
कैप्टन भूपेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति।