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मेडिकल कॉलेज की साइट पर फिर रार, निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से ग्राम पंचायत ने दी हुई जमीन की बोली करवाने का लिया फैसला
Updated Wed, 04 Apr 2018 12:44 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
साढ़े तीन साल पहले मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर द्वारा जींद में मेडिकल कॉलेज की घोषणा करने के समय जहां जींद के लोगों को विकास की उम्मीद जगी थी, वह अब निराशा में बदलती जा रही है। यही कारण है कि मेडिकल कॉलेज की साइट पर निर्माण कार्य शुरू नहीं होने के चलते हैबतपुर गांव की पंचायत ने 22 एकड़ जमीन की बोली करवाकर जमीन बिजाई के लिए ठेके पर देने का फैसला लिया है।
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद 2014 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने जींद दौरे के दौरान जींद में मेडिकल कॉलेज की घोषणा की थी। इसके बावजूद यह परियोजना लटकी खड़ी है। अब मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन मुहैया करवाने वाली पंचायत भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है। घोषणा के बाद इस परियोजना को लागू करना तो दूर, इसके लिए कोई प्रावधान भी नहीं आया है। पहली बार मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 2014 में जींद में मेडिकल कॉलेज की घोषणा की थी। इसके बाद एक साल तक जमीन की तलाश चलती रही, लेकिन जमीन मिले हुए भी दो साल हो गए हैं, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ा है।
पंचायत को प्रति वर्ष 10 लाख रुपये का फटका
मेडिकल कॉलेज के लिए हैबतपुर गांव की पंचायत ने 22 एकड़ जमीन सरकार को दी है। दरअसल इस जमीन को पंचायत प्रति वर्ष फसल बिजाई के लिए ठेके पर देती थी। इससे पंचायत को एक साल में 10 लाख रुपये की आमदनी होती थी। पिछले इस जमीन की बोली नहीं हो सकी। ऐसे में अब दोबारा से पंचायत को घाट नहीं हो, इसलिए गेहूं की फसल कटाई के बाद पंचायत इस जमीन की बोली करवाने का फैसला कर चुकी है।
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चारदीवारी का भी नहीं हुआ टेंडर
सरकार घोषणा के साढ़े तीन साल बाद भी यहां कोई काम नहीं शुरू हो पाया है। हालांकि सरकार पिछले करीब तीन महीने से चारदीवारी का काम शुरू करवाने की बात कह रही है, लेकिन इसके लिए भी अभी तक टेंडर नहीं हो सका है। पीडब्ल्यूडी बीएंडआर कमे एक्सईएन नवनीत नैन के अनुसार अभी इस काम के लिए टेंडर नहीं किया गया है। इसकी प्रक्रिया चल रही है। इस माह में टेंडर होने की उम्मीद है।
पंचायत कर चुकी है फैसला
मेडिकल कॉलेज के लिए पंचायत ने जमीन दी है, लेकिन सरकार यहां काम शुरू नहीं कर रही है। इसके लिए बार-बार अधिकारियों से मिला जा चुका है। ऐसे में पंचायत को काफी नुकसान हो रहा है और विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। इसके चलते पंचायत ने गेहूं कटाई के बाद जमीन की बोली करवा कर ठेके पर देने का फैसला लिया है। जब सरकार की तैयारियां हो जाएंगी, पंचायत जमीन मुहैया करवा देगी।
कश्मीरो देवी, सरपंच हैबतपुर।
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जींद।
साढ़े तीन साल पहले मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर द्वारा जींद में मेडिकल कॉलेज की घोषणा करने के समय जहां जींद के लोगों को विकास की उम्मीद जगी थी, वह अब निराशा में बदलती जा रही है। यही कारण है कि मेडिकल कॉलेज की साइट पर निर्माण कार्य शुरू नहीं होने के चलते हैबतपुर गांव की पंचायत ने 22 एकड़ जमीन की बोली करवाकर जमीन बिजाई के लिए ठेके पर देने का फैसला लिया है।
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद 2014 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने जींद दौरे के दौरान जींद में मेडिकल कॉलेज की घोषणा की थी। इसके बावजूद यह परियोजना लटकी खड़ी है। अब मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन मुहैया करवाने वाली पंचायत भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है। घोषणा के बाद इस परियोजना को लागू करना तो दूर, इसके लिए कोई प्रावधान भी नहीं आया है। पहली बार मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 2014 में जींद में मेडिकल कॉलेज की घोषणा की थी। इसके बाद एक साल तक जमीन की तलाश चलती रही, लेकिन जमीन मिले हुए भी दो साल हो गए हैं, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ा है।
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पंचायत को प्रति वर्ष 10 लाख रुपये का फटका
मेडिकल कॉलेज के लिए हैबतपुर गांव की पंचायत ने 22 एकड़ जमीन सरकार को दी है। दरअसल इस जमीन को पंचायत प्रति वर्ष फसल बिजाई के लिए ठेके पर देती थी। इससे पंचायत को एक साल में 10 लाख रुपये की आमदनी होती थी। पिछले इस जमीन की बोली नहीं हो सकी। ऐसे में अब दोबारा से पंचायत को घाट नहीं हो, इसलिए गेहूं की फसल कटाई के बाद पंचायत इस जमीन की बोली करवाने का फैसला कर चुकी है।
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चारदीवारी का भी नहीं हुआ टेंडर
सरकार घोषणा के साढ़े तीन साल बाद भी यहां कोई काम नहीं शुरू हो पाया है। हालांकि सरकार पिछले करीब तीन महीने से चारदीवारी का काम शुरू करवाने की बात कह रही है, लेकिन इसके लिए भी अभी तक टेंडर नहीं हो सका है। पीडब्ल्यूडी बीएंडआर कमे एक्सईएन नवनीत नैन के अनुसार अभी इस काम के लिए टेंडर नहीं किया गया है। इसकी प्रक्रिया चल रही है। इस माह में टेंडर होने की उम्मीद है।
पंचायत कर चुकी है फैसला
मेडिकल कॉलेज के लिए पंचायत ने जमीन दी है, लेकिन सरकार यहां काम शुरू नहीं कर रही है। इसके लिए बार-बार अधिकारियों से मिला जा चुका है। ऐसे में पंचायत को काफी नुकसान हो रहा है और विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। इसके चलते पंचायत ने गेहूं कटाई के बाद जमीन की बोली करवा कर ठेके पर देने का फैसला लिया है। जब सरकार की तैयारियां हो जाएंगी, पंचायत जमीन मुहैया करवा देगी।
कश्मीरो देवी, सरपंच हैबतपुर।