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एनएचएम कर्मचारियों पर लटक रही कार्रवाई की तलवार, 216 बर्खास्त
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प्रशासन की सख्ती देखकर 27 एनएचएम कर्मचारी काम पर लौटे
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे एनएचएम कर्मचारियों पर अब प्रशासनिक कार्रवाई की तलवार लटक रही है। यही कारण है कि जींद में हड़ताल कर रहे 270 में से 27 कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। वहीं एक सप्ताह से हड़ताल पर चल रहे 216 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के अनुसार जो कर्मचारी नोटिस के बावजूद काम पर नहीं लौटे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
पिछले कुछ दिनों से एनएचएम के 270 कर्मचारी हड़ताल पर चल रहे थे। बुधवार को इनमें से 243 कर्मचारी हड़ताल पर रहे और 27 कर्मचारी काम पर लौट आए। बाकी कर्मचारी अभी भी हड़ताल पर डटे हुए हैं।
मांगों को लेकर 16वें दिन हड़ताल कर रहे कर्मचारियों के धरने की अध्यक्षता डॉ. परजीत आरबीएस ने की। सरकार और अधिकारियों की सख्ती का कर्मचारियों पर कोई असर नहीं है। कर्मचारियों ने सरकार के प्रति रोष जताया और कर्मचारी नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही मांगे पूरी नहीं करती है तो यह आंदोलन उग्र रूप ले सकता है, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। सरकार अपनी हठधर्मिता के रवैये से बाहर आकर बात करे और कर्मचारियों की मांगों को पूरा करे। ऑल हरियाणा की मिनिस्ट्रियल स्टाफ की प्रदेश अध्यक्ष सुनीता कालीरमन ने एनएचएम कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया ओर कहा कि सरकार जल्द हड़ताली कर्मचारियों की मांगें नहीं माने तो सभी स्थायी कर्मचारी भी आकर धरने पर बैठेंगे। इस मौके पर कुलदीप सिवाच, रामफल एंबुलेंस चालक, रमेश चालक, नवीन चालक, प्रवीन लडवाल ईएमटी, कुलबीर मलिक ईएमटी व महिला साथियों में रीना, आशा स्टाफ नर्स, शकुंतला स्टाफ नर्स, कमलेश स्टाफ नर्स, पूनम स्टाफ नर्स भूख हड़ताल पर रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे एनएचएम कर्मचारियों पर अब प्रशासनिक कार्रवाई की तलवार लटक रही है। यही कारण है कि जींद में हड़ताल कर रहे 270 में से 27 कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। वहीं एक सप्ताह से हड़ताल पर चल रहे 216 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के अनुसार जो कर्मचारी नोटिस के बावजूद काम पर नहीं लौटे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
पिछले कुछ दिनों से एनएचएम के 270 कर्मचारी हड़ताल पर चल रहे थे। बुधवार को इनमें से 243 कर्मचारी हड़ताल पर रहे और 27 कर्मचारी काम पर लौट आए। बाकी कर्मचारी अभी भी हड़ताल पर डटे हुए हैं।
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मांगों को लेकर 16वें दिन हड़ताल कर रहे कर्मचारियों के धरने की अध्यक्षता डॉ. परजीत आरबीएस ने की। सरकार और अधिकारियों की सख्ती का कर्मचारियों पर कोई असर नहीं है। कर्मचारियों ने सरकार के प्रति रोष जताया और कर्मचारी नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही मांगे पूरी नहीं करती है तो यह आंदोलन उग्र रूप ले सकता है, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। सरकार अपनी हठधर्मिता के रवैये से बाहर आकर बात करे और कर्मचारियों की मांगों को पूरा करे। ऑल हरियाणा की मिनिस्ट्रियल स्टाफ की प्रदेश अध्यक्ष सुनीता कालीरमन ने एनएचएम कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया ओर कहा कि सरकार जल्द हड़ताली कर्मचारियों की मांगें नहीं माने तो सभी स्थायी कर्मचारी भी आकर धरने पर बैठेंगे। इस मौके पर कुलदीप सिवाच, रामफल एंबुलेंस चालक, रमेश चालक, नवीन चालक, प्रवीन लडवाल ईएमटी, कुलबीर मलिक ईएमटी व महिला साथियों में रीना, आशा स्टाफ नर्स, शकुंतला स्टाफ नर्स, कमलेश स्टाफ नर्स, पूनम स्टाफ नर्स भूख हड़ताल पर रहे।
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