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बारिश के कारण किसानों की सब्जियां हुई खराब, सब्जियों के दाम हुए दोगुना
Updated Sat, 07 Jul 2018 12:17 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। मौसम की मार किसानों के साथ-साथ ग्राहकों पर भी पड़ी है। पिछले दिनों हुई बारिश के कारण किसानों की सब्जियों की फसलें पानी में डूब गईं जिसके कारण मंडियों में सब्जियां पहले की अपेक्षा बहुत कम मात्रा में पहुंचीं। इससे सब्जियों के दामों में पहले की अपेक्षा दोगुना बढ़ोतरी हुई हैैैैैै। आम आदमी सब्जियां खरीदने में खुद को असहज महसूस कर रहा है। गौरतलब है कि गांव बंद के दौरान भी सब्जियां मड़ियों में कम पहुंची थी जिसके कारण उस समय भी मंडियों में सब्जियों के दाम आसमान छुए थे। ऐसे में फिर से सब्जियों के दाम बढ़ने से लोगों को सोचने पर मजबूर होना पड़ रहा है कि वे कौनसी सब्जी बनाएं।
सब्जी पहले का रेट अब का रेट
घीया 30 रुपये प्रति किलो 50 रुपये प्रति किलो
शिमला मिर्च 50 रुपये प्रति किलो 70 रुपये प्रति किलो
अरबी 45 रुपये प्रति किलो 50 रुपये प्रति किलो
भिंडी 20 रुपये प्रति किलो 40 रुपये प्रति किलो
तोरी 20 रुपये प्रति किलो 50 रुपये प्रति किलो
करेला 25 रुपये प्रति किलो 30 रुपये प्रति किलो
फूल गोभी 30 रुपये प्रति किलो 40 रुपये प्रति किलो
हरी मिर्च 35 रुपये प्रति किलो 50 रुपये प्रति किलो
खीरा 15 रुपये प्रति किलो 30 रुपये प्रति किलो
टमाटर 25 रुपये प्रति किलो 50 रुपये प्रति किलो
आलू 10 रुपये प्रति किलो 18 रुपये प्रति किलो
प्याज 14 रुपये प्रति किलो 24 रुपये प्रति किलो
पहलेे की अपेक्षा मंडी में सब्जियां कम आईं
सब्जी विक्रेता आजाद सिंह का कहना है कि सब्जियां पहले की अपेक्षा मंडियों मेें आधी मात्रा में पहुंची हैं। ग्राहकों की डिमांड ज्यादा है और सब्जियां कम। इसलिए सब्जियों के दाम दोगुने हो गए हैं।
बरसात के कारण सब्जियां हुईं बर्बाद
किसान रोहताश का कहना है कि बरसात के कारण सब्जियों के फूल जल्दी झड़ गए जिस कारण सब्जियां पहले की अपेक्षा कम पैदा हुईं। इससे किसान को बड़ा नुकसान हुआ है।
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आसमान छू रहे सब्जियों के दाम
ग्राहक गीता देवी का कहना है कि पिछले कुछ दिन से सब्जियों के दाम दोगुने हो गए हैं। ऐसे में आम आदमी को रोजाना उपयोग में होने वाली सब्जियां को खरीदने में मुश्किल का समाना करना पड़ रहा है।
पहले की अपेक्षा मंडी में सब्जी कम आ रही है। बारिश के कारण सब्जियों के फूल झड़ गए हैं। जिससे किसानों की सब्जियों की पैदावार पहले की अपेक्षा कम हो गई है। इसी के चलते दामों में दोगुना बढ़ोतरी हुई है। हरियाणा ही नहीं यूपी व राजस्थान में भी सब्जियों की पैदावार कम हो रही है।
-आढ़ती, सतीश।
मंडी में प्रतिदिन सब्जी की आवक
सब्जी पहले अब
घीया 1000 किलो 625 किलो
तोरी 250 किलो 100 किलो
भिंडी 500 किलो 250 किलो
हरी मिर्च 500 किलो 200 किलो
टमाटर 15000 किलो 7500 किलो
खीरा 10000 किलो 6250 किलो
करेला 1200 किलो 300 किलो
फूल गोभी 500 किलो 200 किलो
शिमला मिर्च 400 किलो 250 किलो
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जींद। मौसम की मार किसानों के साथ-साथ ग्राहकों पर भी पड़ी है। पिछले दिनों हुई बारिश के कारण किसानों की सब्जियों की फसलें पानी में डूब गईं जिसके कारण मंडियों में सब्जियां पहले की अपेक्षा बहुत कम मात्रा में पहुंचीं। इससे सब्जियों के दामों में पहले की अपेक्षा दोगुना बढ़ोतरी हुई हैैैैैै। आम आदमी सब्जियां खरीदने में खुद को असहज महसूस कर रहा है। गौरतलब है कि गांव बंद के दौरान भी सब्जियां मड़ियों में कम पहुंची थी जिसके कारण उस समय भी मंडियों में सब्जियों के दाम आसमान छुए थे। ऐसे में फिर से सब्जियों के दाम बढ़ने से लोगों को सोचने पर मजबूर होना पड़ रहा है कि वे कौनसी सब्जी बनाएं।
सब्जी पहले का रेट अब का रेट
घीया 30 रुपये प्रति किलो 50 रुपये प्रति किलो
शिमला मिर्च 50 रुपये प्रति किलो 70 रुपये प्रति किलो
अरबी 45 रुपये प्रति किलो 50 रुपये प्रति किलो
भिंडी 20 रुपये प्रति किलो 40 रुपये प्रति किलो
तोरी 20 रुपये प्रति किलो 50 रुपये प्रति किलो
करेला 25 रुपये प्रति किलो 30 रुपये प्रति किलो
फूल गोभी 30 रुपये प्रति किलो 40 रुपये प्रति किलो
हरी मिर्च 35 रुपये प्रति किलो 50 रुपये प्रति किलो
खीरा 15 रुपये प्रति किलो 30 रुपये प्रति किलो
टमाटर 25 रुपये प्रति किलो 50 रुपये प्रति किलो
आलू 10 रुपये प्रति किलो 18 रुपये प्रति किलो
प्याज 14 रुपये प्रति किलो 24 रुपये प्रति किलो
पहलेे की अपेक्षा मंडी में सब्जियां कम आईं
सब्जी विक्रेता आजाद सिंह का कहना है कि सब्जियां पहले की अपेक्षा मंडियों मेें आधी मात्रा में पहुंची हैं। ग्राहकों की डिमांड ज्यादा है और सब्जियां कम। इसलिए सब्जियों के दाम दोगुने हो गए हैं।
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बरसात के कारण सब्जियां हुईं बर्बाद
किसान रोहताश का कहना है कि बरसात के कारण सब्जियों के फूल जल्दी झड़ गए जिस कारण सब्जियां पहले की अपेक्षा कम पैदा हुईं। इससे किसान को बड़ा नुकसान हुआ है।
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आसमान छू रहे सब्जियों के दाम
ग्राहक गीता देवी का कहना है कि पिछले कुछ दिन से सब्जियों के दाम दोगुने हो गए हैं। ऐसे में आम आदमी को रोजाना उपयोग में होने वाली सब्जियां को खरीदने में मुश्किल का समाना करना पड़ रहा है।
पहले की अपेक्षा मंडी में सब्जी कम आ रही है। बारिश के कारण सब्जियों के फूल झड़ गए हैं। जिससे किसानों की सब्जियों की पैदावार पहले की अपेक्षा कम हो गई है। इसी के चलते दामों में दोगुना बढ़ोतरी हुई है। हरियाणा ही नहीं यूपी व राजस्थान में भी सब्जियों की पैदावार कम हो रही है।
-आढ़ती, सतीश।
मंडी में प्रतिदिन सब्जी की आवक
सब्जी पहले अब
घीया 1000 किलो 625 किलो
तोरी 250 किलो 100 किलो
भिंडी 500 किलो 250 किलो
हरी मिर्च 500 किलो 200 किलो
टमाटर 15000 किलो 7500 किलो
खीरा 10000 किलो 6250 किलो
करेला 1200 किलो 300 किलो
फूल गोभी 500 किलो 200 किलो
शिमला मिर्च 400 किलो 250 किलो