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जींद के लघुसचिवालय को मिला आईएसओ 9001 प्रमाण पत्र
Updated Wed, 20 Dec 2017 12:14 AM IST
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लघु सचिवालय में बढ़ेंगी सुविधाएं, विभागीय जानकारी लेना होगा आसान
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
जिला सचिवालय की सेवाओं के लिए आईएसओ सर्टिफिकेट मिल गया है। अब जिला सचिवालय की सेवाओं में गुणात्मक सुधार होगा और लोगों को समयबद्ध तरीके से सेवाएं उपलब्ध करवाने काम में प्रगति होगी। डीसी अमित खत्री ने जिला सचिवालय की सेवाओं में सुधार लाने के लिए आईएसओ सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए चरणबद्ध तरीके से सुधार का कार्य शुरू किया। कई चरणों में अधिकारियों के साथ बैठक हुई। आईएसओ सर्टिफिकेट के मानकों की जानकारी देने के लिए कई दौर की बैठकें हुई। कर्मियों को आईएसओ सर्टिफिकेट के महत्व के बारे में बताया। समय- समय पर इस दिशा में हुई प्रगति का आंकलन खुद डीसी द्वारा किया गया। जिला सचिवालय पर जनसाधारण की सुविधा के लिए स्थापित की गई सेवा खिड़कियों पर जाकर खुद डीसी ने सेवाओं का मुआयना किया। जनसाधारण को अपना काम करवाने के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़े, इसके लिए मापदंड तैयार किए।
बदलेगा लघु सचिवालय का स्वरूप
आईएसओ 9001 प्रमाण पत्र का मतलब है कि प्रत्येक कर्मी अपनी सीट पर पद एवं नाम की प्लेट रखेगा। टेबल पर फाइलिंग का इंडैक्स रहेगा, जिससे कर्मचारी की कार्यकुशलता का अंदाजा हो सकेगा। इसके तहत कार्यालय की साफ-सफाई, आपदा प्रबंधन के लिए सहायक उपकरणों की उपलब्धता जैसी बातें भी शामिल की गई हैं। लोगों की शिकायतें प्राप्त करने के लिए शिकायत पेटी लगाने जैसे कामों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाया गया है। सरकारी कार्यालयों में आने वाले लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। शिकायत अथवा समस्या लेकर आने वाले लोगों की बात को सुनकर उनका स्थाई समाधान ढूंढने और कर्मियों को व्यवहार कौशल बनने का भी प्रशिक्षण दिया गया है।
आईएसओ सर्टिफिकेट 9001 की प्रक्रिया लगातार सुधारों की प्रक्रिया है। समय की आवश्यकता के अनुसार सुधारों में बदलाव किया जाता है। इससे लोगों को बेहत सुविधाएं मिलेंगी और कर्मचारियों की कार्यकुशलता में सुधार होगा।
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-अमित खत्री, डीसी
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
जिला सचिवालय की सेवाओं के लिए आईएसओ सर्टिफिकेट मिल गया है। अब जिला सचिवालय की सेवाओं में गुणात्मक सुधार होगा और लोगों को समयबद्ध तरीके से सेवाएं उपलब्ध करवाने काम में प्रगति होगी। डीसी अमित खत्री ने जिला सचिवालय की सेवाओं में सुधार लाने के लिए आईएसओ सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए चरणबद्ध तरीके से सुधार का कार्य शुरू किया। कई चरणों में अधिकारियों के साथ बैठक हुई। आईएसओ सर्टिफिकेट के मानकों की जानकारी देने के लिए कई दौर की बैठकें हुई। कर्मियों को आईएसओ सर्टिफिकेट के महत्व के बारे में बताया। समय- समय पर इस दिशा में हुई प्रगति का आंकलन खुद डीसी द्वारा किया गया। जिला सचिवालय पर जनसाधारण की सुविधा के लिए स्थापित की गई सेवा खिड़कियों पर जाकर खुद डीसी ने सेवाओं का मुआयना किया। जनसाधारण को अपना काम करवाने के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़े, इसके लिए मापदंड तैयार किए।
बदलेगा लघु सचिवालय का स्वरूप
आईएसओ 9001 प्रमाण पत्र का मतलब है कि प्रत्येक कर्मी अपनी सीट पर पद एवं नाम की प्लेट रखेगा। टेबल पर फाइलिंग का इंडैक्स रहेगा, जिससे कर्मचारी की कार्यकुशलता का अंदाजा हो सकेगा। इसके तहत कार्यालय की साफ-सफाई, आपदा प्रबंधन के लिए सहायक उपकरणों की उपलब्धता जैसी बातें भी शामिल की गई हैं। लोगों की शिकायतें प्राप्त करने के लिए शिकायत पेटी लगाने जैसे कामों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाया गया है। सरकारी कार्यालयों में आने वाले लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। शिकायत अथवा समस्या लेकर आने वाले लोगों की बात को सुनकर उनका स्थाई समाधान ढूंढने और कर्मियों को व्यवहार कौशल बनने का भी प्रशिक्षण दिया गया है।
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आईएसओ सर्टिफिकेट 9001 की प्रक्रिया लगातार सुधारों की प्रक्रिया है। समय की आवश्यकता के अनुसार सुधारों में बदलाव किया जाता है। इससे लोगों को बेहत सुविधाएं मिलेंगी और कर्मचारियों की कार्यकुशलता में सुधार होगा।
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-अमित खत्री, डीसी