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जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बागी गुट ने यशपाल मलिक पर साधा निशाना, बताया यशपाल मलिक नहीं ठगपाल मलिक

Sat, 02 Dec 2017 12:10 AM IST
Updated Sat, 02 Dec 2017 12:10 AM IST
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जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बागी गुट ने यशपाल मलिक पर साधा निशाना, बताया यशपाल मलिक नहीं ठगपाल मलिक
जाट नेता बीरभान बोले : समाज का पैसा हड़पना चाहता है ठगपाल मलिक
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति से अलग हुए नई अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रधान बीरभान ढुल ने जाट नेता यशपाल मलिक पर निशाना साधते हुए उन्हें ठगपाल मलिक तक कह डाला। ढुल ने कहा कि यशपाल मलिक ने जाटों के लिए नहीं समाज का पैसा हड़पने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्हें जाट ग्लोबल मिशन और जाट सेवा संघ संगठनों के पैसे की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
जाट धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत में बीरभान ढुल और किताब सिंह भनवाला ने कहा कि अब यह साफ हो गया है जसिया रैली भाजपा द्वारा प्रायोजित थी। उन्होंने कहा कि यशपाल मलिक का जींद में भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह के नजदीकी व्यक्ति के प्रतिष्ठान पर कार्यक्रम किया जाना इसके संकेत हैं। उन्होंने कहा कि यशपाल मलिक समाज के नाम पर पैसे जोड़ कर हड़प जाना चाहते हैं। इसलिए उन्हें ठगपाल मलिक कहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले साल स्वयं केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने 19 मार्च को हुए समझौते में कहा था कि वह वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु को अपने स्तर पर केस वापस लेने के लिए मना लेंगे, लेकिन जसिया रैली में इस पर कोई बात नहीं हुई। दोनों नेताओं ने कहा कि यशपाल मलिक ने युवाओं के केस वापसी और आरक्षण को लेकर कोई सवाल केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने नहीं पूछा। इस मौके पर महेंद्र सिंह जागलान, पालाराम बीबीपुर, आरडी बूरा, प्रोफेसर बलवान सिंह और चांदरूप मलिक मौजूद रहे।
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गुमराह कर रहे हैं मलिक
वीरभान ढुल ने कहा कि यशपाल मलिक ने सिर्फ पांच युवाओं पर केस बचे होने की बात कही, जो साफ झूठ है। उन्होंने कहा कि अब भी 13 युवाओं पर केस चल रहा है, और 15 को सजा हो चुकी है। जिन लोगों की जमानत हुई है, वह भी अपने वकील और अपने पैसे से बाहर आए हैं। ऐसे में यशपाल मलिक बताएं उन्होंने समाज के लिए क्या किया। उन्होंने सिर्फ खुद पर लगे देशद्रोह के केस को वापस करवाया है।
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नौ महीने कहां थे यशपाल मलिक
किताब सिंह भनवाला ने कहा कि इसी साल 19 मार्च को सरकार के साथ बातचीत होने पर आंदोलन समाप्त हुआ था। इसके बाद यशपाल मलिक ने आरक्षण दिलवाने के लिए कोई काम नहीं किया। यहां तक कि जाट युवाओं को जेलों से निकालने के लिए भी कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि जींद की कमेटी के पास बचे करीब 37 लाख रुपये की जांच के लिए वह लोग कई बार पुलिस से मिल चुके हैं, लेकिन यह जांच आगे नहीं बढ़ रही है। ऐसे में अब कोर्ट के माध्यम से इस मामले में केस दर्ज करवाए जाएंगे।


यशपाल मलिक को जल्द ही भगाएंगे हरियाणा से
जाट नेताओं ने कहा कि अब प्रदेश का जाट समाज यशपाल मलिक को समझ चुका है, समाज धीरे-धीरे उनके खिलाफ लामबंद होने लगा है। जल्द ही प्रदेश के जाट समाज के लोग उन्हें वापस उत्तर प्रदेश छोड़कर आएंगे।
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