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महिलाओं ने किसान आंदोलन को फीका नहीं पड़ने दिया : बसंत सिंह
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नयागांव चौक के पास बैठक में महिलाओं को संबोधित करते बसंत सिंह।
- फोटो : Bahadurgarh
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बहादुरगढ़। नया गांव चौक के निकट भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) के पड़ाव में पंजाब के विभिन्न जिलों की महिलाओं की बैठक हुई। बठिंडा जिले के उपाध्यक्ष बसंत सिंह ने महिलाओं की सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मोर्चे के लंबा होने के बावजूद महिलाओं ने सभा को फीका नहीं पड़ने दिया। इसके लिए उन्होंने खासतौर पर महिलाओं और बहनों का शुक्रिया अदा किया।
बसंत सिंह ने कहा कि महिलाओं को समान स्थान देने के लिए सप्ताह के अन्य दिनों को छोड़कर मंगलवार को मंच संभालने, कामकाज करने और बोलने की जिम्मेदारी संगठन की होती है। इस दिन महिलाएं जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सरकारों को कोसती हैं। महिलाओं का केंद्र सरकार को संदेश है कि महिलाओं को न केवल घर की दीवारों तक सीमित रहना है बल्कि उन्हें आंदोलन भी चलाना है। सरकार की पथभ्रष्ट नीतियों के कारण जैसे-जैसे कर्ज का संकट बढ़ता है, सबसे पहले महिलाएं प्रभावित होती हैं।
बसंत सिंह ने कहा कि महिलाओं पर आज संकट के बादल हैं। इन सभी कठिनाइयों से निपटने के लिए महिलाओं को अधिक से अधिक संघर्ष करना है। इतिहास ने दिखाया है कि दुनिया की कोई भी शक्ति महिलाओं को युद्ध के मैदान में उनकी सूझबूझ और समझदारी के चलते हरा नहीं सकती। बठिंडा से आईं छाती एवं पेट की बीमारी की विशेषज्ञ डॉ. सिमरजीत कौर मान की पूरी टीम ने रोगियों के लिए नि:शुल्क शिविर लगाया। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और किसानों ने अपनी जांच करवाई और दवाएं प्राप्त की।
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बसंत सिंह ने कहा कि महिलाओं को समान स्थान देने के लिए सप्ताह के अन्य दिनों को छोड़कर मंगलवार को मंच संभालने, कामकाज करने और बोलने की जिम्मेदारी संगठन की होती है। इस दिन महिलाएं जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सरकारों को कोसती हैं। महिलाओं का केंद्र सरकार को संदेश है कि महिलाओं को न केवल घर की दीवारों तक सीमित रहना है बल्कि उन्हें आंदोलन भी चलाना है। सरकार की पथभ्रष्ट नीतियों के कारण जैसे-जैसे कर्ज का संकट बढ़ता है, सबसे पहले महिलाएं प्रभावित होती हैं।
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बसंत सिंह ने कहा कि महिलाओं पर आज संकट के बादल हैं। इन सभी कठिनाइयों से निपटने के लिए महिलाओं को अधिक से अधिक संघर्ष करना है। इतिहास ने दिखाया है कि दुनिया की कोई भी शक्ति महिलाओं को युद्ध के मैदान में उनकी सूझबूझ और समझदारी के चलते हरा नहीं सकती। बठिंडा से आईं छाती एवं पेट की बीमारी की विशेषज्ञ डॉ. सिमरजीत कौर मान की पूरी टीम ने रोगियों के लिए नि:शुल्क शिविर लगाया। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और किसानों ने अपनी जांच करवाई और दवाएं प्राप्त की।
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