फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Women removed butter in the movement, made khichdi made of millet

आंदोलन में महिलाओं ने निकाला मक्खन, बाजरे की बनाई खिचड़ी

Tue, 09 Mar 2021 01:19 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 09 Mar 2021 01:19 AM IST
विज्ञापन
Women removed butter in the movement, made khichdi made of millet
बाजरा कूटकर खिचड़ी बनाने की तैयारी करती महिलाएं। - फोटो : Bahadurgarh
बादली। ढांसा बॉर्डर पर किसान आंदोलन स्थल पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। महिलाओं ने आंदोलन की अध्यक्षता की और सरकार से तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग की। महिलाओं ने हरियाणवी गीतों के माध्यम से सरकार पर जमकर प्रहार किए और उम्मीद जताई कि सरकार एक दिन किसानों की मांगों को जरूर पूरा करेगी और एमएसपी पर कानून बनाएगी। आंदोलन में पहुंची महिलाओं ने जहां दही से घी निकाला। वहीं बाजरे की खिचड़ी भी बनाई।
विज्ञापन

महिलाएं सोमवार की सुबह ही आंदोलनस्थल पर पहुंचनी शुरू हो गई। बादली से सुनीता गुलिया सहित दर्जनों महिलाएं स्वयं ट्रैक्टर चलाकर धरनास्थल पर पहुंची। महिलाएं घर से ही खाना बनाने के लिए खाद्य सामग्री लेकर पहुंची। जबकि कुछ महिलाएं पुरानी और हरियाणवी वेशभूषा पहनकर आंदोलन में आई। महिलाओं ने धरनास्थल पर बनाए गए चूल्हे पर खाना बनाया, जबकि कुछ महिलाओं ने दही से मक्खन निकालने का काम भी देसी अंदाज में किया। बाजरा कूटकर महिलाओं ने खिचड़ी भी बनाई। महिलाएं पूरा दिन गीतों पर झूमती रहीं। आंदोलन की अध्यक्षता करते हुए धनपति गुलिया ने सभी महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई दी। उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए किसान आंदोलन में महिलाओं की भूमिका जारी रहेगी और एक ही नहीं बल्कि अन्य दिनों में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़-चढ़कर रहेगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन के आखिरी समय तक महिलाएं भाग लेंगी।
विज्ञापन

इस अवसर पर सुनीता बादली, रेनू बागपत, मुकेश दूबलधन, ममता बागपत, राजरानी, शीला, निर्मला ने संबोधित किया। जबकि सैकड़ों की संख्या में महिलाएं मौजूद रही। आंदोलन स्थल पर महिला दिवस पर बागपत से एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां पहुंची रोशनी ने अपनी बहू मंजू और पौत्री दीक्षा के साथ किसानों को समर्थन दिया। बुजुर्ग महिला रोशनी ने बताया कि वह खेती बाड़ी का काम करती है और जिस प्रकार से कानूनों को बनाया गया है, उससे उनकी खेती बाड़ी करने के प्रति जोश कम हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हरियाणवी गायक अजय हुड्डा के गानों पर थिरकीं महिलाएं
आंदोलनस्थल पर महिलाएं अजय हुड्डा के गाने पर मोदी जी थारी तोप कड़े सै हम दिल्ली आगे...और 52 गज का दामण पहर मटक चालूंगी... पर जमकर नाचते हुए मनोरंजन किया। पूरा दिन महिलाएं हरियाणवी गीतों पर झूमती रही। मंच पर थिरकती महिलाओं ने किसानों को संदेश दिया कि वह आंदोलन में कमजोर न हो, क्योंकि महिलाओं का साथ उनके साथ है और आगे रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed