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Jhajjar-Bahadurgarh News: शिकायत पेटी के पास क्यों नहीं है कागज-पेन
Tue, 18 Nov 2025 02:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Tue, 18 Nov 2025 02:07 AM IST
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-फोटो 53 : नागरिक अस्पताल में निरीक्षण के लिए पहुंची एनक्यूएएस की टीम। संवाद
बहादुरगढ़। नागरिक अस्पताल के ट्रामा सेंटर के गेट के पास शिकायत पेटी तो है लेकिन यहां पेन और कागज नहीं रखा गया है। इस खामी पर सोमवार को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्यूएएस) की टीम ने निरीक्षण के दौरान सवाल उठाते हुए कहा कि यह कैसी व्यवस्था है। मरीज अपनी शिकायत किस पर लिखेंगे। क्या वे घर से पेन-कागज लेकर आएंगे।
टीम ने टीम ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस करते हुए पेन-कागज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इससे पहले दिन मिली खामियों ने अस्पताल प्रबंधन की चुनौतियां बढ़ा दी हैं। टीम को पहले दिन कुछ महत्वपूर्ण खामियां उजागर हुई। अधिकारियों ने सफाई से लेकर आपातकालीन सेवाओं, ट्रामा सेंटर में व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए मरीजों से भी बातचीत की।
टीम में डॉ. गुरबीर सिंह ढिल्लो, मोनिका राणा और डॉ. रेणुका शिंदे के अलावा अन्य शामिल रहे। टीम ने अस्पताल में वाटर कूलर के पास गिलास और डस्टबिन न मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई। कहा, पानी पीने आए मरीजों और परिजनों की सुविधा के लिए गिलास की उपलब्धता अनिवार्य है। साथ ही प्रयोग किए गिलास को फेंकने के लिए डस्टबिन भी होना चाहिए।
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टीम ने नर्सिंग स्टाफ से हैंडवॉश प्रक्रिया का डेमो लिया और कई बिंदुओं पर प्रश्न पूछे। सफाई कर्मचारियों से भी वार्ड, ओटी और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सफाई संबंधी सावधानियों और प्रक्रियाओं को लेकर सवाल पूछे गए। टीम ने ट्राॅमा सेंटर के रेड, येलो और ग्रीन जोन की व्यवस्था का निरीक्षण किया और कुछ स्थानों पर सुधार के निर्देश दिए।
अस्पताल परिसर में पार्किंग व्यवस्था भी अव्यवस्थित पाई गई, जिस पर टीम ने तत्काल सुधार की बात कही। कई जगह पार्किंग के बोर्ड तक नहीं मिले।
खामियां होंगी दूर
अस्पताल अधिकारियों ने बताया कि एनक्यूएएस टीम के दौरे को लेकर हर स्तर पर तैयारियां की गई हैं। रंग-रोगन से लेकर वार्डों में टाइल्स, दवाइयों का पूरा स्टॉक, ऑक्सीजन प्लांट की सर्विसिंग और मशीनों की मरम्मत तक करवाई गई। अस्पताल के कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी से काम कर रहे हैं। जो भी खामियां टीम ने बताई हैं, उनमेंं सुधार होगा।
सात बिंदुओं पर चल रहा निरीक्षण
एनक्यूएएस टीम अस्पताल का सात बिंदुओं पर निरीक्षण कर रही है। इसमें सर्विस प्रोविजन, पेशेंट राइट्स, सपोर्ट सर्विस, क्लीनिकल सर्विस, इंफेक्शन कंट्रोल, क्वालिटी मैनेजमेंट और आउटकम है। 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक मिलने पर अस्पताल को राष्ट्रीय स्तर की मान्यता मिलेगी, जिसके बाद बजट भी बढ़ेगा और उपकरण खरीद व सेवाओं में सुधार होगा। बहादुरगढ़ सिविल अस्पताल राज्य स्तर पर पहले ही 70 प्रतिशत अंक लेकर क्वालिफाई कर चुका है। रोजाना एक हजार मरीजों वाली इस अस्पताल के लिए यह निरीक्षण बेहद अहम है। टीम बुधवार तक अस्पताल का निरीक्षण करेगी।
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टीम ने टीम ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस करते हुए पेन-कागज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इससे पहले दिन मिली खामियों ने अस्पताल प्रबंधन की चुनौतियां बढ़ा दी हैं। टीम को पहले दिन कुछ महत्वपूर्ण खामियां उजागर हुई। अधिकारियों ने सफाई से लेकर आपातकालीन सेवाओं, ट्रामा सेंटर में व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए मरीजों से भी बातचीत की।
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टीम में डॉ. गुरबीर सिंह ढिल्लो, मोनिका राणा और डॉ. रेणुका शिंदे के अलावा अन्य शामिल रहे। टीम ने अस्पताल में वाटर कूलर के पास गिलास और डस्टबिन न मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई। कहा, पानी पीने आए मरीजों और परिजनों की सुविधा के लिए गिलास की उपलब्धता अनिवार्य है। साथ ही प्रयोग किए गिलास को फेंकने के लिए डस्टबिन भी होना चाहिए।
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टीम ने नर्सिंग स्टाफ से हैंडवॉश प्रक्रिया का डेमो लिया और कई बिंदुओं पर प्रश्न पूछे। सफाई कर्मचारियों से भी वार्ड, ओटी और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सफाई संबंधी सावधानियों और प्रक्रियाओं को लेकर सवाल पूछे गए। टीम ने ट्राॅमा सेंटर के रेड, येलो और ग्रीन जोन की व्यवस्था का निरीक्षण किया और कुछ स्थानों पर सुधार के निर्देश दिए।
अस्पताल परिसर में पार्किंग व्यवस्था भी अव्यवस्थित पाई गई, जिस पर टीम ने तत्काल सुधार की बात कही। कई जगह पार्किंग के बोर्ड तक नहीं मिले।
खामियां होंगी दूर
अस्पताल अधिकारियों ने बताया कि एनक्यूएएस टीम के दौरे को लेकर हर स्तर पर तैयारियां की गई हैं। रंग-रोगन से लेकर वार्डों में टाइल्स, दवाइयों का पूरा स्टॉक, ऑक्सीजन प्लांट की सर्विसिंग और मशीनों की मरम्मत तक करवाई गई। अस्पताल के कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी से काम कर रहे हैं। जो भी खामियां टीम ने बताई हैं, उनमेंं सुधार होगा।
सात बिंदुओं पर चल रहा निरीक्षण
एनक्यूएएस टीम अस्पताल का सात बिंदुओं पर निरीक्षण कर रही है। इसमें सर्विस प्रोविजन, पेशेंट राइट्स, सपोर्ट सर्विस, क्लीनिकल सर्विस, इंफेक्शन कंट्रोल, क्वालिटी मैनेजमेंट और आउटकम है। 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक मिलने पर अस्पताल को राष्ट्रीय स्तर की मान्यता मिलेगी, जिसके बाद बजट भी बढ़ेगा और उपकरण खरीद व सेवाओं में सुधार होगा। बहादुरगढ़ सिविल अस्पताल राज्य स्तर पर पहले ही 70 प्रतिशत अंक लेकर क्वालिफाई कर चुका है। रोजाना एक हजार मरीजों वाली इस अस्पताल के लिए यह निरीक्षण बेहद अहम है। टीम बुधवार तक अस्पताल का निरीक्षण करेगी।

-फोटो 53 : नागरिक अस्पताल में निरीक्षण के लिए पहुंची एनक्यूएएस की टीम। संवाद