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Jhajjar-Bahadurgarh News: गांवों में भी उपलब्ध होंगे ट्रांसफार्मर, नहीं होगी समस्या
Sun, 10 Nov 2024 03:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 10 Nov 2024 03:05 AM IST
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झज्जर। ट्रांसफार्मर खराब होने पर लोगों को पहले की तरह बिजली के लिए घंटों इंतजार नहीं करना होगा। क्योंकि जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर को ठीक किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर खराब होने पर ज्यादा परेशानियां न हो, इसके लिए गांवों में ही बिजली के टांसफार्मर की स्टोरेज होगी। हर गांव में एक स्टोर बनाया जाएगा, इसमें हर कैपेसिटी के ट्रांसफर रखे जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना मिलने पर जल्द से जल्द ठीक कर दिया जाएगा।पहले शहरी क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर खराब होने पर इसके बदलने में लगभग तीन से चार घंटे व ग्रामीण क्षेत्र में लगभग पांच से छह घंटे का समय लगता था, लेकिन अब ऊर्जा मंत्री के नए आदेशों के तहत प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में एक घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में दो घंटे में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। जिले में भी ट्रांसफार्मर खराब होने पर बिजली निगम जल्द से जल्द उनको ठीक कराने के लिए मुस्तैद है। ट्रांसफार्मर खराब होने पर पहले जहां सूचना प्राप्त होने के बाद लोगों को कई घंटों तक बिजली के ठीक होने का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब शहरी क्षेत्र में एक घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में दो घंटे समय सुनिश्चित किया है।
जिले में लगे 8 हजार ट्रांसफार्मर
जिले में करीब आठ हजार ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। प्रतिमाह करीब चार प्रतिशत और प्रतिवर्ष करीब पांच प्रतिशत ट्रांसफार्मर खराब हो जाते हैं। बिजली निगम के पास स्टाॅक में अलग-अलग क्षमता के करीब 250 ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। वहीं शहरी क्षेत्र में 18 से 20 और ग्रामीण क्षेत्र में 50 से 60 ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो जाते हैं।
30 प्रतिशत के पास नहीं सेफ्टी किट
बिजली निगम में कर्मचारी तो पूरे हैं, लेकिन सेफ्टी किट की मांग है। जो नए कर्मचारी आए हैं, उनको सेफ्टी किट उपलब्ध करवाई जानी है। निगम के पास कर्मचारियों के लिए 70 प्रतिशत सेफ्टी किट ही उपलब्ध है, लेकिन 30 प्रतिशत सेफ्टी किट की अभी भी जरूरत है।
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ऊर्जा मंत्री के नए आदेशों की पालना की जाएगी। बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना प्राप्त होने के बाद ही उसको जल्द से जल्द ठीक करा दिया जाएगा। लोगों को बिजली से संबंधित परेशानी नहीं आनी दी जाएगी। इसके लिए गांवों में स्टोर बनाए जाएंगे।
- प्रदीप कुमार, एक्सईएन, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम, झज्जर
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जिले में लगे 8 हजार ट्रांसफार्मर
जिले में करीब आठ हजार ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। प्रतिमाह करीब चार प्रतिशत और प्रतिवर्ष करीब पांच प्रतिशत ट्रांसफार्मर खराब हो जाते हैं। बिजली निगम के पास स्टाॅक में अलग-अलग क्षमता के करीब 250 ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। वहीं शहरी क्षेत्र में 18 से 20 और ग्रामीण क्षेत्र में 50 से 60 ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो जाते हैं।
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30 प्रतिशत के पास नहीं सेफ्टी किट
बिजली निगम में कर्मचारी तो पूरे हैं, लेकिन सेफ्टी किट की मांग है। जो नए कर्मचारी आए हैं, उनको सेफ्टी किट उपलब्ध करवाई जानी है। निगम के पास कर्मचारियों के लिए 70 प्रतिशत सेफ्टी किट ही उपलब्ध है, लेकिन 30 प्रतिशत सेफ्टी किट की अभी भी जरूरत है।
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ऊर्जा मंत्री के नए आदेशों की पालना की जाएगी। बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना प्राप्त होने के बाद ही उसको जल्द से जल्द ठीक करा दिया जाएगा। लोगों को बिजली से संबंधित परेशानी नहीं आनी दी जाएगी। इसके लिए गांवों में स्टोर बनाए जाएंगे।
- प्रदीप कुमार, एक्सईएन, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम, झज्जर