फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   toll news

डीघल टोल पर दो माह में पकड़ी 300 फर्जी आईडी

Sat, 13 Jul 2019 02:09 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jul 2019 02:09 AM IST
विज्ञापन
toll news
एनएच-71 स्थित डीघल टोल पर टैक्स बचाने के लिए फर्जी आईडी का इस्तेमाल किया जा रहा है। टोल प्लाजा पर इस तरह के कई मामले सामने आए हैं। गंभीर बात ये है कि फर्जी आईडी ऐसी भी पकड़ी गई हैं, जो पुलिस, आर्मी व लोकल एड्रेस की दर्शाई गई हैं। इन फर्जी आईडी के पकड़े जाने से बड़ा सवाल ये खड़ा हो रहा है कि टोल टैक्स बचाने के लिए बनाई जा रही ये फर्जी आईडी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हो सकती हैं। फर्जी आईडी को लेकर शुक्रवार को डीघल टोल पर एक युवक ने टोल बचाने के चक्कर में दिल्ली विधानसभा का आई कार्ड दिखाया जब टोल बूथ पर बैठे कर्मचारी को शक हुआ तो उसने टोल की सिक्योरिटी को बुला लिया। मामला बढ़ता देख वाहन चालक आईडी छोड़कर मौके से फरार हो गया। एक वाहन चालक ने आर्मी का आई कार्ड दिखाया और टोल कर्मी ने आई कार्ड को देखा तो वह किसी और के होने पर अधिकारियों को सूचना दी। उसके बाद अधिकारियों ने आई कार्ड को जब्त कर लिया। इस दौरान चालक फरार हो गया। डीघल टोल प्लाजा से रोजाना साढ़े 9 हजार छोटे व साढ़े 3 हजार बड़े वाहन गुजरते है। इसमें से तीन हजार वाहन बिना टोल दिए ही निकालते है और 2500 वाहन वह है जो लोकल पास बने हुए हैं। टोल प्लाजा पर पिछले करीब दो माह में 300 आईकार्ड की बड़ी खेप इकट्ठी हो गई है।
विज्ञापन

पांच किलोमीटर लोकल एड्रेस पर टोल फ्री
टोल प्लाजा के नियमों के अनुसार यदि वाहन चालक के पास लोकल आईडी प्रूफ है और 0 से 5 किलोमीटर के दायरे में आता है तो उसका टोल फ्री होता है, जबकि 0 से 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले वाहनों के लिए एसडीएम के लेटर के बाद 65 रुपये प्रतिमाह का शुल्क देना होता हैं।
विज्ञापन

तीन हजार वाहन मुफ्त में पार करते हैं टोल
टोल कंपनी से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार रोजाना करीब 3000 वाहन फ्री निकलते है। मैनेजर नितेश मलिक ने बताया की लोकल एड्रेस वाले वाहनों के लिए टोल कंपनी ने 2500 वाहनों के तो 100 रुपये का लाइफ टाइम पास बना रही है। लेकिन लोकल की आड़ में बड़ी संख्या में वाहन बिना टोल दिए निकलते है। उन्होंने बताया कि 3 हजार वाहनों में 1500 वाहन तो सरकारी होते है, जिनमें पुलिस, आर्मी, दमकल विभाग, वीआईपी गाड़ियां शामिल हैं। वहीं 1500 वाहन फर्जी लोकल आईडी दिखाकर निकलते हैं और अगर टोल लेने के लिए कहा जाता है तो टोल कर्मचारियों से झगड़ा करने के लिए उतारू होते हैं। फर्जी आई कार्ड दिखाकर गाड़ी निकालने वालों में बड़ी संख्या छोटे वाहनों की होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

टोल प्लाजा पर टैक्स बचाने के चक्कर में फर्जी आईडी का इस्तेमाल किया जा रहा है। पिछले दो माह में करीब 300 फर्जी आईडी पकड़ी गई है। ऐसी ही घटना शुक्रवार को हुई, जब एक युवक ने टोल बचाने के चक्कर में आर्मी का फर्जी आई कार्ड दिखाया। जब शक हुआ तो वाहन चालक आई कार्ड छोड़कर मौके से फरार हो गया। टोल पर आए दिन लोकल एड्रेस वाले अपने वाहनों को जबरदस्ती से लेकर निकालते हैं।
नितेश मलिक, टोल प्लाजा मैनेजर, डीघल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed