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बारिश से मंडियों में ही नहीं गोदामों पर भी भीगा हजारों क्विंटल गेहूं

Fri, 07 May 2021 01:55 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 07 May 2021 01:55 AM IST
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Thousands of quintals of wheat soaked not only in the mandis but also in the godowns due to rain
झज्जर। अनाज मंडियों में चार दिन पहले गेहूूं की खरीद का कार्य बंद हो चुका है। लेकिन खरीद एजेंसियों की धीमी उठान प्रक्रिया के चलते वीरवार की शाम को आंधी के साथ आई बारिश से हजारों क्विंटल गेहूं भीग गया है। चाहे वह अनाज मंडियों खुले आसमान के नीचे पड़ा हो या गोदामों में खुले आसमान के नीचे भंडारण किया गया हो।
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जिले की अनाज मंडियों में वीरवार की शाम को हुई बारिश से खरीद केंद्रों पर गरीबों का निवाला भीग गया है। क्योंकि सरकार की तरफ से खरीदा गया अनाज सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को सस्ती दरों पर वितरण किया जाता है। जिले के अलावा गेहूं को रोड या रेल मूवमेंट के माध्यम से दूसरे राज्यों में भी वितरण के लिए भेजा जाता है।
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वहीं खरीद एजेंसी की लापरवाही के कारण धौड़ गांव के गोदाम पर खुले आसमान के नीचे भंडारण किए गए गेहूं के चट्टों को न ढकने के कारण हजारों कट्टे गेहूं के भीग गए हैं। जिले में 10 स्थानों पर गेहूं की खरीद की गई है। कट्टों में भरे गए अनाज का भी उठान नहीं हो पा रहा है और खुले आसमान के नीचे पड़ा हजारों क्विंटल गेहूं बारिश में भीग गया है। जिन ढेरों को ढका गया था उन ढेरों के नीचे बारिश का पानी घुस गया है। जिससे गेहूं के खराब होने का अंदेशा बढ़ गया है। वीरवार की शाम को आई आंधी के कारण गेहूं के ढेरों पर ढके गए तिरपाल भी उड़ गए थे। उसके बाद भी आढ़तियों की लेबर ने गेहूं के ढेरों को तिरपालों से ढका है। लेकिन उसके बाद भी गेहूं के भरे हुए कट्टों व ढेरों में पड़े गेहूं के नीचे बारिश का पानी भरा हुआ है।
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आढ़तियों की लेबर ढेरों के पास भरे पानी को निकालने में जुटी हुई है। मंडी चाहे कच्ची हो या पक्की सभी स्थानों पर यही हाल है। वीरवार को उठान का कार्य होना था लेकिन बारिश के बाद वह भी प्रभावित हो गया है। जिले के खरीद केंद्रों पर एक लाख 80 मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद की गई थी। इसमें से करीब एक लाख क्विंटल गेहूं अनाज मंडियों में पड़ा है। पक्की मंडियों में ही नहीं कच्ची मंडियों में सबसे ज्यादा अनाज भीगा है। आढ़तियों ने ऊपर से तिरपाल ढक भी दिया तो अनाज के ढेरों के नीचे पानी घुस गया है।
अनाज मंडियों में पड़े गेहूं की जिम्मेदारी आढ़तियों की है। गोदाम में भंडारण के बाद गेहूं के भीगने की जिम्मेदारी खरीद एजेंसी की है।
- मनीषा मेहरा, डीएफएससी, झज्जर
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