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Jhajjar-Bahadurgarh News: आज से थमेगी शहनाई की गूंज, 9 फरवरी से शुक्र होंगे अस्त
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बहादुरगढ़। आगामी 16 दिसंबर से खरमास शुरू हो जाएगा। अब 52 दिनों तक शुक्र अस्त रहेंगे। 7 दिसंबर से शहनाई की गूंज थम जाएगी और 9 फरवरी से शुक्र अस्त हो जाएंगे। इसके बाद अगले वर्ष 5 फरवरी से विवाह के मुहूर्त की शुरुआत होगी।
काठमंडी स्थित शिव-हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित सीयाराम ने बताया कि शुभ विवाह मुहूर्त की गणना पंचांग, तिथिवार, नक्षत्र और शुक्र बृहस्पति के अस्त-उदय पर आधारित होती है। 2026 में चातुर्मास, खरमास और शुक्र एवं बृहस्पति के अस्त होने की अवधि को छोड़कर बाकी सभी महीनों में विवाह के लिए शुभ तिथियां उपलब्ध हैं।
सौरमंडल में गुरु ग्रह ने 5 दिसंबर को वक्री गति से ककर्म राशि से मिथुन राशि में प्रवेश कर लिया है। इसके बाद वे 2 जून 2026 को अपनी उच्च राशि कर्क में चले जाएंगे और 31 अक्तूबर 2026 तक रहेंगे। इस दौरान उच्च राशि के गुरु बहुत शुभ परिणाम देंगे।
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लालचंद कॉलोनी निवासी ज्योतिषाचार्य रमेश भगत ने बताया कि देवउठनी एकादशी के बाद शुरू हुए विवाह मुहूर्त 7 दिसंबर से रुक जाएंगे। 16 दिसंबर से एक माह सूर्य की धनु संक्रांति के कारण खरमास शुरू हो जाएगा। उसमें भी विवाह और मांगलिक कार्यक्रम नहीं होते हैं। विवाह मुहूर्त में गुरु शुक्र अस्त का भी विचार किया जाता है।
12 दिसंबर 2025 को शुक्र 52 दिन के लिए अस्त हो जाएंगे और 1 फरवरी 2026 को शुक्र उदय होंगे। शुक्र अस्त रहने के कारण वर्ष 2026 के जनवरी में भी विवाह का कोई शुभ मुहूर्त नहीं है। उसके बाद 5 फरवरी 2026 से विवाह आदि कार्य शुरू होंगे।
बॉक्स
वर्ष 2026 में शुभ विवाह मुहूर्त
फरवरी : 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20 और 21
मार्च : 7, 8, 9, 11, 12
अप्रैल : 15, 20, 21, 23, 25, 26, 27, 28, 29, 30
मई : 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13, 14
जून : 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29
जुलाई : 1, 6, 7, 11, 12
नवंबर : 21, 24, 25, 26
दिसंबर : 2, 3, 4, 5, 6
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काठमंडी स्थित शिव-हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित सीयाराम ने बताया कि शुभ विवाह मुहूर्त की गणना पंचांग, तिथिवार, नक्षत्र और शुक्र बृहस्पति के अस्त-उदय पर आधारित होती है। 2026 में चातुर्मास, खरमास और शुक्र एवं बृहस्पति के अस्त होने की अवधि को छोड़कर बाकी सभी महीनों में विवाह के लिए शुभ तिथियां उपलब्ध हैं।
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सौरमंडल में गुरु ग्रह ने 5 दिसंबर को वक्री गति से ककर्म राशि से मिथुन राशि में प्रवेश कर लिया है। इसके बाद वे 2 जून 2026 को अपनी उच्च राशि कर्क में चले जाएंगे और 31 अक्तूबर 2026 तक रहेंगे। इस दौरान उच्च राशि के गुरु बहुत शुभ परिणाम देंगे।
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लालचंद कॉलोनी निवासी ज्योतिषाचार्य रमेश भगत ने बताया कि देवउठनी एकादशी के बाद शुरू हुए विवाह मुहूर्त 7 दिसंबर से रुक जाएंगे। 16 दिसंबर से एक माह सूर्य की धनु संक्रांति के कारण खरमास शुरू हो जाएगा। उसमें भी विवाह और मांगलिक कार्यक्रम नहीं होते हैं। विवाह मुहूर्त में गुरु शुक्र अस्त का भी विचार किया जाता है।
12 दिसंबर 2025 को शुक्र 52 दिन के लिए अस्त हो जाएंगे और 1 फरवरी 2026 को शुक्र उदय होंगे। शुक्र अस्त रहने के कारण वर्ष 2026 के जनवरी में भी विवाह का कोई शुभ मुहूर्त नहीं है। उसके बाद 5 फरवरी 2026 से विवाह आदि कार्य शुरू होंगे।
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वर्ष 2026 में शुभ विवाह मुहूर्त
फरवरी : 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20 और 21
मार्च : 7, 8, 9, 11, 12
अप्रैल : 15, 20, 21, 23, 25, 26, 27, 28, 29, 30
मई : 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13, 14
जून : 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29
जुलाई : 1, 6, 7, 11, 12
नवंबर : 21, 24, 25, 26
दिसंबर : 2, 3, 4, 5, 6