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राह चलती छात्रा का सीरो सर्वे के लिए सैंपल लिया, भड़के परिजन
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बेरी में सीरो सर्वे के लिए पहुंची टीम। संवाद
- फोटो : Jhjhar
बेरी। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से शुरू किया गया सीरो सर्वे पहले ही दिन विवादों में आ गया है। बेरी में बुधवार शाम 5 बजे स्वास्थ्य विभाग की टीम वार्ड नंबर 11 में एंटी बॉडी जांच के लिए सैंपल लेने के लिए पहुंची थी। टीम ने एक 15 साल की छात्रा को बीच रास्ते में रोककर एंटी बॉडी जांच के लिए सैंपल लिया तो बच्ची के अभिभावक भड़क गए और उन्होंने इसका जमकर विरोध किया।
इस दौरान जब छात्रा के पिता ने टीम से बिना अनुमति के सैंपल लेने के बारे में पूछा तो टीम उनको जवाब तक नहीं दे पाई। छात्रा के पिता ने टीम से पूछा कि सैंपल किस चीज का लिया। टीम में तैनात अधिकारी का कहना था कि जिन लोगों को वैक्सीन लग चुकी है, उनका एंटी बॉडी चेकअप का सैंपल ले रहे हैं। पिता ने विरोध करते हुए कहा कि 15 साल की बच्ची को उन्होंने रोका कैसे और उसने कहा कि अभी सरकार की तरफ से 18 साल से कम उम्र के बच्चों को तो वैक्सीन लगाई नहीं जा रही है, फिर सैंपल किस चीज का लिया है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बच्चों व 18 साल से ऊपर के लोगों में कोरोना को लेकर एंटीबॉडी की जांच के लिए सीरो सर्वे शुरू करवाया गया है। बच्चों के सैंपल लेने से पहले उनके अभिभावकों की अनुमति भी आवश्यक है।
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ट्यूशन पढ़ने जा रही छात्रा
पिता नरेश का कहना है कि जब बच्ची को वैक्सीन लगी ही नहीं तो एंटी बॉडी चेकअप किसका कर रहे हो। अगर स्वास्थ्य विभाग की टीम को सैंपल लेना है तो घर-घर जाए या या कोई स्थान निर्धारित करके कैंप लगाया जाए। यह सैंपल लेने का कौन सा तरीका है। ट्यूशन पढ़ने जा रही बच्ची को बीच रास्ते में रोका और एंटी बॉडी का सैंपल ले लिया। पिता का कहना है कि बच्ची को क्या पता कि यह टीम स्वास्थ्य विभाग की है या नहीं। वीरवार को टीम के खिलाफ उचित कार्रवाई को लेकर उपमंडल अधिकारी से मिलेंगे।
वर्जन
सरकार की तरफ से सीरो सर्वे शुरू किया गया है। इसके तहत सात से 9 साल, 10 से 17 साल व 18 साल से ऊपर के लोगों के सैंपल लेने हैं। इसके लिए घर-घर जाकर माता-पिता की सहमति से सैंपल लेने हैं। फार्म पर अभिभावकों के हस्ताक्षर भी करवाए जाने हैं। बेरी का मामला संज्ञान में आया है। उनके अभिभावकों से मिलकर उन्हें समझाया जाएगा।
- डॉ. सुनील लाकड़ा, एसएमओ, सीएचसी, दुबलधन।
वर्जन
घर-घर जाकर सीरो सर्वे करवाया जा रहा है। बेरी के इस मामले में अगर कोई शिकायत मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन, झज्जर
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इस दौरान जब छात्रा के पिता ने टीम से बिना अनुमति के सैंपल लेने के बारे में पूछा तो टीम उनको जवाब तक नहीं दे पाई। छात्रा के पिता ने टीम से पूछा कि सैंपल किस चीज का लिया। टीम में तैनात अधिकारी का कहना था कि जिन लोगों को वैक्सीन लग चुकी है, उनका एंटी बॉडी चेकअप का सैंपल ले रहे हैं। पिता ने विरोध करते हुए कहा कि 15 साल की बच्ची को उन्होंने रोका कैसे और उसने कहा कि अभी सरकार की तरफ से 18 साल से कम उम्र के बच्चों को तो वैक्सीन लगाई नहीं जा रही है, फिर सैंपल किस चीज का लिया है।
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स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बच्चों व 18 साल से ऊपर के लोगों में कोरोना को लेकर एंटीबॉडी की जांच के लिए सीरो सर्वे शुरू करवाया गया है। बच्चों के सैंपल लेने से पहले उनके अभिभावकों की अनुमति भी आवश्यक है।
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ट्यूशन पढ़ने जा रही छात्रा
पिता नरेश का कहना है कि जब बच्ची को वैक्सीन लगी ही नहीं तो एंटी बॉडी चेकअप किसका कर रहे हो। अगर स्वास्थ्य विभाग की टीम को सैंपल लेना है तो घर-घर जाए या या कोई स्थान निर्धारित करके कैंप लगाया जाए। यह सैंपल लेने का कौन सा तरीका है। ट्यूशन पढ़ने जा रही बच्ची को बीच रास्ते में रोका और एंटी बॉडी का सैंपल ले लिया। पिता का कहना है कि बच्ची को क्या पता कि यह टीम स्वास्थ्य विभाग की है या नहीं। वीरवार को टीम के खिलाफ उचित कार्रवाई को लेकर उपमंडल अधिकारी से मिलेंगे।
वर्जन
सरकार की तरफ से सीरो सर्वे शुरू किया गया है। इसके तहत सात से 9 साल, 10 से 17 साल व 18 साल से ऊपर के लोगों के सैंपल लेने हैं। इसके लिए घर-घर जाकर माता-पिता की सहमति से सैंपल लेने हैं। फार्म पर अभिभावकों के हस्ताक्षर भी करवाए जाने हैं। बेरी का मामला संज्ञान में आया है। उनके अभिभावकों से मिलकर उन्हें समझाया जाएगा।
- डॉ. सुनील लाकड़ा, एसएमओ, सीएचसी, दुबलधन।
वर्जन
घर-घर जाकर सीरो सर्वे करवाया जा रहा है। बेरी के इस मामले में अगर कोई शिकायत मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन, झज्जर