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Jhajjar-Bahadurgarh News: पहली स्टेज पर कैंसर का पता न लगने से बढ़ रहा रोग, सात साल में 70 लाख बार की जा चुकी जांच
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बादली। बाढ़सा गांव स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में प्रतिदिन नई पंजीकरण संख्या 100 के पार है। संस्थान ने भी कैंसर रोग बढ़ने पर चिंता जताई है। इसका कारण यह भी है कि पहली स्टेज में कैंसर का पता नहीं लग रहा है। देश की सबसे बड़ी रोबोटिक लैब में सात साल में कैंसर संबंधी 70 लाख जांच की गई है।संस्थान ने मंगलवार को आयोजित कार्यशाला में कैंसर की शीघ्र पहचान और जांच के लिए शिविर, तम्बाकू समाप्ति गतिविधियों पर जोर दिया है। इसके लिए निजी वार्ड और सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (सीएमआईई) की जाती है।
नई-नई तकनीक अपनाई जा रही है जिसमें निवारक ऑन्कोलॉजी सेवाएं नियमित हैं। इसी का परिणाम है कि बीते 2025 वर्ष की ओपीडी 40 हजार पहुंच गई। 2024 में 35,330 रोगी पहुंचे जबकि 2023 में यह आकड़ा 30,603 था। 2023 में मेडिकल ऑन्कोलॉजी क्लीनिक सर्विस में मात्र 1828 रोगी ही पहुंचे थे।
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एनसीआई हेड डॉक्टर संजय थुलकर ने बताया कि महिलाओं में बढ़ रहा ब्रेस्ट कैंसर चिंता का विषय है जिस पर विशेष अनुसंधान की जरूरत हैं। इसके लिए संस्थान में अलग से ब्लॉक बनाया गया है। इसके अतिरिक्त नाभिकीय चिकित्सा विभाग स्थापित किया गया है।
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इलाज साल 2024 2025
बड़े आप्रेशन 1858 2 हजार
सामान्य आप्रेशन 1911 2200
ओपीडी 450 500 (प्रतिदिन)
नए पंजीकरण 90 100 (प्रतिदिन)