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Jhajjar-Bahadurgarh News: कोयलपुर गांव में हाई ट्रांसमिशन लाइन पर चल रहे काम को लेकर किसान और प्रशासन में बना तनाव
Wed, 10 Sep 2025 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 10 Sep 2025 01:52 AM IST
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09jjrp21- कोयलपुर गांव में सुबह काम रुकवाने के लिए पहुंचे ग्रामीण। स्रोत-ग्रामीण
साल्हावास। पॉवर ग्रिड के लिए निकाली जा रही बिजली की हाई ट्रांसमिशन लाइन पर चल रहे काम को कोयलपुर गांव में मंगलवार को भी किसानों ने रुकवा दिया। सुबह जब प्रशासन ड्यूटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में काम करवाने के लिए पहुंचा तो ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। ग्रामीणों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बनी रही।
इस मामले में सीएम के ओएसडी से किसानों की बात करवाकर सीएम से चंडीगढ़ में मुलाकात करवाई गई। यहां किसानों ने अपनी मांग रखी, जिस पर सीएम ने दोबारा सर्वे कराकर मुआवजा दिए जाने की बात कही। इसके बाद किसानों ने अपना आंदोलन खत्म किया। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार श्रीनिवास मौके पर रहे।
मंगलवार को सात लोग मुख्यमंत्री नायाब सैनी से मिलने पहुंचे और वर्तमान स्थिति से अवगत करवाते हुए 20 दिन में घोषित मुआवजा देने व दोबारा से सर्वे करवाने की मांग रखी है। इस पर उन्हें सीएम की तरफ से अवगत कराया गया कि अब वाला मुआवजा 20 दिन में डाल देंगे और प्रशासन दोबारा सर्वे करेगा। यदि मुआवजा बढ़ता है तो भी जल्द ही मिलेगा।
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किसानों की तरफ से भी स्पष्ट किया गया कि 20 दिन में घोषित मुआवजा नहीं मिला तो दोबारा आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। किसानों का कहना था कि उनको जो मुआवजा दिया जा रहा है, वह आसपास के गांवों से कम है। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा था, लेकिन किसानों ने काम शुरू नहीं होने दिया। कोयलपुर गांव में मुआवजा बढ़ोतरी की मांग को लेकर किसान एसडीएम और उपायुक्त से मिले और बातचीत की थी, लेकिन बातचीत सिरे नहीं चढ़ी।
अलग अलग गांव के लिए अलग-अलग मार्केट रेट
जिले के 36 गावों से होकर गुजरने वाली हाई ट्रांसमिशन लाइन के लिए अलग अलग गांवों के लिए अलग-अलग मुआवजा मार्केट रेट के आधार पर दिया जा रहा है। इसमें कोयलपुर का मुआवजा 42 लाख 20 हजार है, जो सबसे कम है। इसके अलावा आसपास के हुमायूंपुर, अकेहड़ी मदनपुर गांव के लिए 61 लाख रुपये मार्केट वैल्यू लगाई गई है। बिरोहड़ के लिए 52 लाख 25 हजार व कोयलपुर के लिए 42 20 हजार रुपये है।
20 दिन के अंदर मुआवजा राशि वितरण के लिए होंगे बाध्य
कोयलपुर धरना में कंपनी के डीजीएम राहुल व तहसीलदार श्रीनिवास के साथ विचार-विमर्श के बाद यह तय हुआ कि प्रभावित किसानों द्वारा मुआवजा के पेपर पूर्ण करके प्रस्तुत करने के बाद डीजीएम व तहसीलदार मातनहेल 20 दिन के अंदर मुआवजा वितरण करने के लिए बाध्य होंगे।
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इस मामले में सीएम के ओएसडी से किसानों की बात करवाकर सीएम से चंडीगढ़ में मुलाकात करवाई गई। यहां किसानों ने अपनी मांग रखी, जिस पर सीएम ने दोबारा सर्वे कराकर मुआवजा दिए जाने की बात कही। इसके बाद किसानों ने अपना आंदोलन खत्म किया। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार श्रीनिवास मौके पर रहे।
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मंगलवार को सात लोग मुख्यमंत्री नायाब सैनी से मिलने पहुंचे और वर्तमान स्थिति से अवगत करवाते हुए 20 दिन में घोषित मुआवजा देने व दोबारा से सर्वे करवाने की मांग रखी है। इस पर उन्हें सीएम की तरफ से अवगत कराया गया कि अब वाला मुआवजा 20 दिन में डाल देंगे और प्रशासन दोबारा सर्वे करेगा। यदि मुआवजा बढ़ता है तो भी जल्द ही मिलेगा।
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किसानों की तरफ से भी स्पष्ट किया गया कि 20 दिन में घोषित मुआवजा नहीं मिला तो दोबारा आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। किसानों का कहना था कि उनको जो मुआवजा दिया जा रहा है, वह आसपास के गांवों से कम है। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा था, लेकिन किसानों ने काम शुरू नहीं होने दिया। कोयलपुर गांव में मुआवजा बढ़ोतरी की मांग को लेकर किसान एसडीएम और उपायुक्त से मिले और बातचीत की थी, लेकिन बातचीत सिरे नहीं चढ़ी।
अलग अलग गांव के लिए अलग-अलग मार्केट रेट
जिले के 36 गावों से होकर गुजरने वाली हाई ट्रांसमिशन लाइन के लिए अलग अलग गांवों के लिए अलग-अलग मुआवजा मार्केट रेट के आधार पर दिया जा रहा है। इसमें कोयलपुर का मुआवजा 42 लाख 20 हजार है, जो सबसे कम है। इसके अलावा आसपास के हुमायूंपुर, अकेहड़ी मदनपुर गांव के लिए 61 लाख रुपये मार्केट वैल्यू लगाई गई है। बिरोहड़ के लिए 52 लाख 25 हजार व कोयलपुर के लिए 42 20 हजार रुपये है।
20 दिन के अंदर मुआवजा राशि वितरण के लिए होंगे बाध्य
कोयलपुर धरना में कंपनी के डीजीएम राहुल व तहसीलदार श्रीनिवास के साथ विचार-विमर्श के बाद यह तय हुआ कि प्रभावित किसानों द्वारा मुआवजा के पेपर पूर्ण करके प्रस्तुत करने के बाद डीजीएम व तहसीलदार मातनहेल 20 दिन के अंदर मुआवजा वितरण करने के लिए बाध्य होंगे।