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Jhajjar-Bahadurgarh News: एसयूसीआई के कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
Fri, 12 Jul 2024 06:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 12 Jul 2024 06:41 AM IST
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झज्जर। रेवाड़ी बाईपास पर क्रांतिकारी पार्टी एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों ने बढ़ती महंगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। सभी ने बढ़ती महंगाई पर अंकुश लगाने की मांग की है। इस अवसर पर जिला कमेटी सदस्य ओमबीर सिंह ने बताया कि बीजेपी सरकार खुद महंगाई बढ़ा रही है। खाने-पीने तथा जरूरत की हर वस्तु पर जीएसटी लगा रखा है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि दालों के रेट आसमान छू रहे हैं। टमाटर, प्याज जैसी सब्जियां के भाव भी हर दिन बढ़ते जा रहे हैं। थैलियों में गेहूं का आटा भी 33 से 35 रुपये प्रति किलो मिल रहा है। एक पखवाड़े पहले दूध के रेट भी कंपनियों ने 3-4 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए थे। लोकल कमेटी सदस्य सतपाल सिंह सभ्रवाल ने बताया कि आज हर हाथ में मोबाइल फोन है, कंपनियों ने मोबाइल डाटा के रेट भी लगभग 25-30 परसेंट बढ़ा दिए हैं। लगभग मूलभूत आवश्यकता बनी बिजली पर भी 47 पैसे प्रति यूनिट फ्यूल सरचार्ज लगा कर इसे और अधिक महंगा कर दिया है। लोकल कमेटी सदस्य संसार सुरहेती ने कहा कि नो डिटेंशन पॉलिसी के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ाई खत्म कर दी गई है और प्राइवेट स्कूल हर साल ट्यूशन फीस तथा फण्ड्स, ट्रांसपोर्ट चार्जेज, ड्रेस, बैल्ट, किताब कापियों, बैग तथा जूतों आदि के दाम बढ़ा रहे हैं। लोकल कमेटी सदस्य किशन छबीली ने कहा कि इलाज भी आम आदमी के बूते से बाहर हो गया है। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर बहुत महंगी दवाइयां लिख देते हैं जो हस्पतालों में उपलब्ध नहीं हैं और यदि प्राइवेट के पास जाएं तो उन डॉक्टरों की फीस बहुत ज्यादा है। प्रदर्शन में ओमबीर सिंह, सतपाल सभ्रवाल, संसार सुरहेती, प्रवीण शेखूपुर, किशन छबीली, जोगेंद्र सिंह सैनी, मेनपाल मिस्त्री, रवि रईया तथा विनोद गोरखपुर ने भाग लिया।
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कार्यकर्ताओं ने कहा कि दालों के रेट आसमान छू रहे हैं। टमाटर, प्याज जैसी सब्जियां के भाव भी हर दिन बढ़ते जा रहे हैं। थैलियों में गेहूं का आटा भी 33 से 35 रुपये प्रति किलो मिल रहा है। एक पखवाड़े पहले दूध के रेट भी कंपनियों ने 3-4 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए थे। लोकल कमेटी सदस्य सतपाल सिंह सभ्रवाल ने बताया कि आज हर हाथ में मोबाइल फोन है, कंपनियों ने मोबाइल डाटा के रेट भी लगभग 25-30 परसेंट बढ़ा दिए हैं। लगभग मूलभूत आवश्यकता बनी बिजली पर भी 47 पैसे प्रति यूनिट फ्यूल सरचार्ज लगा कर इसे और अधिक महंगा कर दिया है। लोकल कमेटी सदस्य संसार सुरहेती ने कहा कि नो डिटेंशन पॉलिसी के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ाई खत्म कर दी गई है और प्राइवेट स्कूल हर साल ट्यूशन फीस तथा फण्ड्स, ट्रांसपोर्ट चार्जेज, ड्रेस, बैल्ट, किताब कापियों, बैग तथा जूतों आदि के दाम बढ़ा रहे हैं। लोकल कमेटी सदस्य किशन छबीली ने कहा कि इलाज भी आम आदमी के बूते से बाहर हो गया है। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर बहुत महंगी दवाइयां लिख देते हैं जो हस्पतालों में उपलब्ध नहीं हैं और यदि प्राइवेट के पास जाएं तो उन डॉक्टरों की फीस बहुत ज्यादा है। प्रदर्शन में ओमबीर सिंह, सतपाल सभ्रवाल, संसार सुरहेती, प्रवीण शेखूपुर, किशन छबीली, जोगेंद्र सिंह सैनी, मेनपाल मिस्त्री, रवि रईया तथा विनोद गोरखपुर ने भाग लिया।
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