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प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले किसानों को देसी गाय की खरीद पर सब्सिडी : डीसी
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झज्जर। हरियाणा सरकार द्वारा खेती में जोखिमों को कम करने व खेती को जहर मुक्त बनाने के लिए किसानों को विभिन्न प्रकार की अनुदान योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने योजनाओं का विस्तार करते हुए अब स्वेच्छा से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले ऐसे किसान, जिसके पास 2 से 5 एकड़ भूमि है, उनको देसी गाय की खरीद पर अधिकतम 25 हजार रुपये की सब्सिडी देने की योजना की शुरुआत की है।
डीसी शक्ति सिंह ने बताया कि योजना का लाभ लेने वाले किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए जीवामृत का घोल तैयार करने के लिए चार बड़े ड्रम मुफ्त दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 50 हजार एकड़ में प्राकृतिक खेती करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए कृषि विभाग द्वारा जागरूकता अभियान चलाकर किसानों का प्राकृतिक खेती करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बाजार में बढ़ रही मांग के मद्देनजर किसानों द्वारा अधिक उपज प्राप्त करने के लिए रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग में जबरदस्त वृद्धि हुई है, जिसके परिणाम स्वरूप कार्बनिक कार्बन में जबरदस्त कमी आई है। मिट्टी तथा फसल उपज में हानिकारक रसायनों में वृद्धि हुई है। इन हानिकारक रसायनों के प्रभाव को कम करने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे कि किसानों की आमदनी को दोगुना तथा खेती को जहर मुक्त बनाया जा सके।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि फसल को बिक्री व कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए फसल का मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण होना जरूरी है। पंजीकरण किसी भी सीएससी सेंटर में जाकर करवाया जा सकता है। वहीं कृषि से संबंधित योजनाओं की अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-2117 पर संपर्क कर सकते है।
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डीसी शक्ति सिंह ने बताया कि योजना का लाभ लेने वाले किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए जीवामृत का घोल तैयार करने के लिए चार बड़े ड्रम मुफ्त दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 50 हजार एकड़ में प्राकृतिक खेती करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए कृषि विभाग द्वारा जागरूकता अभियान चलाकर किसानों का प्राकृतिक खेती करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बाजार में बढ़ रही मांग के मद्देनजर किसानों द्वारा अधिक उपज प्राप्त करने के लिए रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग में जबरदस्त वृद्धि हुई है, जिसके परिणाम स्वरूप कार्बनिक कार्बन में जबरदस्त कमी आई है। मिट्टी तथा फसल उपज में हानिकारक रसायनों में वृद्धि हुई है। इन हानिकारक रसायनों के प्रभाव को कम करने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे कि किसानों की आमदनी को दोगुना तथा खेती को जहर मुक्त बनाया जा सके।
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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि फसल को बिक्री व कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए फसल का मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण होना जरूरी है। पंजीकरण किसी भी सीएससी सेंटर में जाकर करवाया जा सकता है। वहीं कृषि से संबंधित योजनाओं की अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-2117 पर संपर्क कर सकते है।
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