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घने कोहरे से धीमी रही वाहनों की रफ्तार
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Speed ??of vehicles slowed due to dense fog
- फोटो : Jhjhar
सर्दी का मौसम समाप्ति की ओर बढ़ता जा रहा है और गर्मी के मौसम का आगमन होने लगा है। सोमवार की मध्य रात्रि के बाद क्षेत्र में घना कोहरा छा गया, जो मंगलवार की सुबह करीब नौ बजे तक छा रहा। सुबह के समय वाहनों की स्पीड कोहरे की वजह से काफी धीमी दिखाई दी। सौ की स्पीड से दौड़ने वाले वाहन सड़कों पर रेंगते हुए दिखे। वाहन चालकों को अपने वाहनों की दिन समय अपनी हेडलाइट जलाकर सड़कों से गुजरने पर मजबूर होना पड़ा। फरवरी के अंतिम सप्ताह में गर्मी अपना असर दिखाना शुरू कर देती है। लेकिन इस बार दिन के समय तो हल्की गर्मी महसूस होती है। लेकिन रात के समय ठंड बरकार है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अब तापमान में अगले चार दिन तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। जबकि वीरवार व शुक्रवार को आसमान में बादल छाए रहने के साथ-साथ शनिवार व रविवार को क्षेत्र में बारिश की संभावना भी जताई जा रही है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस जबकि बुधवार को एक डिग्री व वीरवार को दो डिग्री सेल्सियस बढ़ोतरी होने की संभावना है। न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस बढ़ोतरी का अनुमान है।
मौसम में बदलाव बढ़ा रहा किसानों की चिंता
मौसम के इस बदलाव के बीच किसानों की फसलें भी पककर तैयार होने लगी है। इससे किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। क्योंकि उनकी मेहनत उगाई गई फसल घर आने वाले वाली है। इस समय मौसम के बिगड़ते किसानों चेहरों पर चिंता की लकीरें दिखाई देती है। अगर मौसम विभाग पूर्वानुमान खरा उतरा है तो सरसों की फसल को नुकसान होने की संभावनाएं है।
मौसम में बदलाव की संभावना है। अगर बारिश होती है तो फसलों की सिंचाई रोक ले, क्योंकि बारिश होने के बाद तेज हवाएं चलती है तो फसलें गिरने की संभावनाएं बढ़ जाती है।
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डॉ. जगजीत सांगवान, उप मंडल अधिकारी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग झज्जर।
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मौसम में बदलाव बढ़ा रहा किसानों की चिंता
मौसम के इस बदलाव के बीच किसानों की फसलें भी पककर तैयार होने लगी है। इससे किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। क्योंकि उनकी मेहनत उगाई गई फसल घर आने वाले वाली है। इस समय मौसम के बिगड़ते किसानों चेहरों पर चिंता की लकीरें दिखाई देती है। अगर मौसम विभाग पूर्वानुमान खरा उतरा है तो सरसों की फसल को नुकसान होने की संभावनाएं है।
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मौसम में बदलाव की संभावना है। अगर बारिश होती है तो फसलों की सिंचाई रोक ले, क्योंकि बारिश होने के बाद तेज हवाएं चलती है तो फसलें गिरने की संभावनाएं बढ़ जाती है।
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डॉ. जगजीत सांगवान, उप मंडल अधिकारी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग झज्जर।