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Jhajjar-Bahadurgarh News: मई में सावन बरसा देता, सारा आकाश सजा देता

Tue, 13 Aug 2024 03:45 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 13 Aug 2024 03:45 AM IST
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Sawan rains in May, the whole sky punishes
कार्यक्रम में प्रस्तुति देती कवयित्रि।
अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था के वार्षिकोत्सव पर काव्य गोष्ठी का आयोजन
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संवाद न्यूज एजेंसी

बहादुरगढ़। अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था का नवम वार्षिकोत्सव राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित सुरभि साहित्य सदन में समारोह पूर्वक मनाया गया। संस्था की अध्यक्षा मधुबाला लबाना के संयोजन व मार्गदर्शन में हुए कार्यक्रम में हरियाणा व दिल्ली और यूपी के रचनाकार शामिल हुए।
मुख्यातिथि के रूप में सऊदी अरब के मशहूर उर्दू शायर अनीस अहमद के सान्निध्य में हुए इस काव्योत्सव की अध्यक्षता कलमवीर विचार मंच बहादुरगढ़ के संस्थापक कवि कृष्ण गोपाल विद्यार्थी ने की। मनीषा यादव की सरस्वती वंदना से शुरूआत हुई। मुख्यातिथि अनीस अहमद व कवि कृष्ण गोपाल विद्यार्थी सहित सरफराज अहमद फराज, अनिल मासूम, राकेश शम्स, दीपक गोस्वामी, अविनाश मिश्र व सुरेंद्र खास आदि ने अपने गीतों, गजलों व मुक्तकों के माध्यम से अपने मन की बात कही। हास्य कवियों अनिल बेधड़क, राजीव तनेजा और कवयित्री रजनीश गोयल ने अपनी चुटीली प्रस्तुति से सभी को लोटपोट किया।
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अनीस अहमद ने कहा कि फासलों के दरमियां दीवानगी बढ़ जाएगी। ऐसा लगता है मोहब्बत और भी बढ़ जाएगी। कृष्ण गोपाल विद्यार्थी ने कहा कि आइये मेहरबां मेरा घर देखिए। दर्द की शाम, गम की सहर देखिए। सरफराज अहमद फराज देहलवी ने कहा कि करम कर करम ऐ खुदाए मोहब्बत, के मुझ से हुई है खताए मोहब्बत सुनाई। मधुबाला लबनाना ने कहा कि झुकी नजरें कयामत हैं मुहब्बत हो ही जाती है। भला कैसे न हो सजदा इबादत हो ही जाती है की प्रस्तुति दी। अनिल मायूस ने कहा कि मासूम की बातों को मासूम ही समझेगा, हर कोई जमाने में मासूम नहीं होता। रीता अदा ने कहा कि काबू हुआ न दिल पर तो लोग क्या कहेंगे। जो देखा उसको मुड़कर तो लोग क्या कहेंगे सुनाई। दीप चंद्र गुप्ता दीप ने कहा कि जो छोड़े राज सिंहासन, बिना सोचे हुए इक पल। पिता के मान को रखने, चला जाए घने जंगल। दीपक गोस्वामी ने कहा कि मैं चांद तोड़कर ला देता, सेहरा से भी मैं निभा देता। मई में सावन बरसा देता, सारा आकाश सजा देता सुनाकर मंत्र मुग्ध किया। कार्यक्रम में कुसुम शर्मा, विभा राज वैभवी, निधि भार्गव मानवी, रीता अदा, डॉ.सीमा वत्स, निवेदिता झा, संगीता चौहान, रोज सैनी, कुसुम अविचल, हेमलता बबली व अनुराधा पाराशर ने ओज, श्रंगार व हास्य की शानदार प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
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-फोटो 56 : कार्यक्रम में प्रस्तुति देती कवियत्री।



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