{"_id":"680155980e25918bb60ab320","slug":"relief-from-heat-wave-sun-shines-brightly-temperature-reaches-40-degrees-bahadurgarh-news-c-200-1-bgh1002-114209-2025-04-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: लू से मिली राहत, धूप रही तेज, तापमान पहुंचा 40 डिग्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: लू से मिली राहत, धूप रही तेज, तापमान पहुंचा 40 डिग्री
Fri, 18 Apr 2025 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 18 Apr 2025 12:55 AM IST
विज्ञापन
बहादुरगढ़। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार को लू का प्रकोप नहीं रहा। हालांकि धूप काफी तेज रही। इससे लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ा। तापमान भी 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 25 डिग्री पर पहुंच गया। मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 18 से 20 अप्रैल तक मौसम शुष्क बना रहेगा। हवा में नमी का स्तर 31 से 73 प्रतिशत तक रहा। अब दो दिनों में तापमान बढ़ने की संभावना है, लेकिन लू नहीं चलेगी। तापमान 42 डिग्री के स्तर को छू सकता है।
वीरवार को दोपहर के समय हवा गर्म रही। 21 व 22 अप्रैल को आसमान साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री और न्यूनतम 24 से 25 डिग्री तक रह सकता है। अभी लू चलने की संभावना बेहद कम है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 18 से 20 अप्रैल के बीच उत्तरी पहाड़ियों पर एक सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस आने वाला है। इस दौरान जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है। ऊंचे इलाकों में बर्फबारी और ओलावृष्टि के भी आसार हैं। इस सिस्टम की वजह से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में एक पूर्व पश्चिम ट्रफ बन सकता है।
विज्ञापन
वीरवार को दोपहर के समय हवा गर्म रही। 21 व 22 अप्रैल को आसमान साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री और न्यूनतम 24 से 25 डिग्री तक रह सकता है। अभी लू चलने की संभावना बेहद कम है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 18 से 20 अप्रैल के बीच उत्तरी पहाड़ियों पर एक सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस आने वाला है। इस दौरान जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है। ऊंचे इलाकों में बर्फबारी और ओलावृष्टि के भी आसार हैं। इस सिस्टम की वजह से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में एक पूर्व पश्चिम ट्रफ बन सकता है।
विज्ञापन