फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Reconciliation of laws can also be resolved without negotiation: Chuduni

बगैर बातचीत किए कानूनों को निरस्त करने से हो सकता है समाधान : चढ़ूनी

Mon, 28 Dec 2020 01:41 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 28 Dec 2020 01:41 AM IST
विज्ञापन
Reconciliation of laws can also be resolved without negotiation: Chuduni
गुलिया खाप के नेतृत्व में चल रहे किसान आंदोलन का संबोधित करते गुरनाम सिंह चढ़ूनी। संवाद - फोटो : Bahadurgarh
बादली। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने बादली के ढांसा बॉर्डर पहुंचकर किसानों का जोश और उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे तो बिना बातचीत भी समाधान हो सकता है। उन्होंने 28 दिसंबर को होने वाली बातचीत पर कहा कि सरकार को तीनों कानूनों को निरस्त कर दे तो किसान अपने घर वापस लौट जाएंगे और बातचीत की जरूरत भी नहीं होगी। चढूनी ने नई रणनीति के बारे में बताया कि जब तक आंदोलन चलेगा, तब तक प्रदेश के सभी टोल फ्री करवाए जाएंगे।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि सोने की चिड़िया के नाम जाने वाला हिंदुस्तान का किसान कर्ज में डूबकर आत्महत्या करने को मजबूर है। देश के टुकड़े-टुकड़े करने का प्रयास करने वाली भाजपा के खिलाफ जनाक्रोश में आमजन किसानों के साथ एकजुट हो गया है। आंदोलन में शांति बनाए रखने के लिए उन्होंने सर्वखाप और किसानों का आभार प्रकट किया। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि अनुशासन में रहते हुए आंदोलन को सफल बनाना है। जनता, पुलिस, सेना और प्रशासनिक अधिकारियों से उनका कोई विरोध नहीं है, हमें सत्ता में बैठे नेताओं और उनके कार्यक्रमों का विरोध करना है। किसान भी देश का हिस्सा हैं और उनको देश की राजधानी दिल्ली में जाने से रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने सड़कों को तोड़ दिया और पानी की बौछारें और आंसू गैस का प्रयोग किया, जोकि सरकार का किसान विरोध होने का प्रमाण है।
विज्ञापन

रिलायंस और स्वामी रामदेव के उत्पादों का होगा बहिष्कार
चढूनी ने कहा कि कानूनों में बदलाव मुद्दा नहीं है बल्कि उन्हें सिर्फ कानूनों को निरस्त करने के बाद ही पीछे हटना है। उन्होंने नई रणनीति के बारे में बताया कि जब तक आंदोलन चलेगा, तब तक प्रदेश के सभी टोल फ्री करवाए जाएंगे। रिलायंस और स्वामी रामदेव के उत्पादों का बहिष्कार किया जाएगा। किसी भी चुनाव में ऐसे राजनीतिक लोगों का बहिष्कार किया जाएगा, जिन्होंने किसान आंदोलन में समर्थन नहीं दिया है। उन्होंने हरियाणा में होने वाले पंचायती चुनाव के बारे में संकेत देते हुए किसानों से आह्वान किया कि बिना किसी हिंसा के सिर्फ वोट की ताकत से सत्ताधारियों को किसान की ताकत और सर्वखाप की एकता का अहसास करवाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed