झज्जर । उपायुक्त संजय जून ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण पर नियंत्रण तथा स्वच्छता से जुड़े कार्यों को लेकर गंभीरता से काम होना चाहिए। इस कार्य में किसी प्रकार की बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाए। उन्होंने यह बात वीरवार को लघु सचिवालय स्थित कांफ्रेंस हॉल में एनजीटी व ईपीसीए द्वारा मिले निर्देशानुसार जिले से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए कही। डीसी संजय जून ने बैठक में वायु प्रदूषण नियंत्रण, कचरा निस्तारण, बायो मेडिकल कचरा निस्तारण, फसल अवशेषों के निपटान, प्रदूषण नियंत्रण व स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बहादुरगढ़ में औद्योगिक इकाईयों से निकलने वाले कचरे के उचित निपटान के लिए संबंधित इकाईयों की समय-समय पर जांच की जाए। खुले में कूड़ा जलाने की प्रवृति पर रोक लगाने के लिए गंभीरता से कार्य किया जाए। उन्होंने प्रदूषण विभाग व शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्लास्टिक के बड़े स्टाकिस्ट पर रेड की जाए ताकि पॉलिथीन के प्रयोग पर नियंत्रण किया जा सके। उन्होंने फसल अवशेष जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ईपीसीए के चेयरमैन डॉ. भूरेलाल द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए जारी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन होना चाहिए। उन्होंने ईपीसीए से मिले निर्देशों के आधार पर सभी विभागों की एक्शन टेकन रिपोर्ट की जानकारी ली। इस अवसर पर एसडीएम बेरी डॉ. राहुल नरवाल, एसडीएम बादली जगनिवास, एसडीएम बहादुरगढ़ तरुण पावरिया, एसडीएम झज्जर शिखा, सीटीएम अश्वनी कुमार, सिविल सर्जन डॉ. रणदीप सिंह पूनिया, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता आरसी सौलखा, कार्यकारी अभियंता अजेंद्र सुहाग, तहसीलदार मुखत्यार सिंह, बीडीपीओ बेरी राजपाल चहल, बीडीपीओ मातनहेल परमेंद्र सिंह, नपा सचिव झज्जर नरेंद्र सैनी, नपा सचिव बेरी संजय रोहिल्ला सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।