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अस्पताल में आक्सीजन प्लांट के लिए सिविल वर्क 85 फीसदी पूरा
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बहादुरगढ़। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की बेहद कमी रही। ऐसे में संभावित तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार की ओर से नागरिक अस्पताल में आक्सीजन प्लांट लगाने का कार्य चल रहा है। इन दिनों प्लांट का सिविल वर्क हो रहा है। यह कार्य भी करीब 85 फीसदी पूरा हो चुका है। महीने भर में ही यहां पर उपकरण इंस्टॉल कर प्लांट को चालू किए किए जाने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
बता दें कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा नागरिक अस्पताल में पुरानी बिल्डिंग के साथ में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया जा रहा है। ऑक्सीजन प्लांट के बेस व छत का कार्य पूरा हो चुका है। अब केवल फर्श व कुछ अन्य कार्य ही बाकी रह गया है। जल्द ही इसके भी पूरा होने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो महीने भर के अंदर ही यह प्लांट चालू होने की उम्मीद है। बचा हुआ सिविल वर्क 2-4 रोज में पूरा कर लिए जाने की संभावना है। इसके बाद इसमें आवश्यकता अनुसार इंजीनियरों के द्वारा मशीनें इंस्टॉल की जाएंगी।
बताया गया है कि प्लांट से लेकर 6 बेड के आइसोलेशन वार्ड और 4 बेड के एचडीयू वार्ड तक पाइप लाइन से ऑक्सीजन पहुंचाई जाएगी। इसके चालू होने के बाद यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों को ऑक्सीजन की कमी नहीं रहेगी। बता दें कि सरकार की ओर से 200 बेड के सभी नागरिक अस्पताल में एक हजार लीटर प्रति मिनट उत्पादन ऑक्सीजन वाले प्लांट की व्यवस्था की जा रही है। इसी कड़ी के तहत यहां के नागरिक अस्पताल में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाया जा रहा है। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में काफी मरीजों को ऑक्सीजन की कमी का संकट झेलना पड़ा था। जिसके कारण कई तरह की परेशानियां मरीजों को उठानी पड़ी थी। शहर के निजी अस्पतालों में भी ऑक्सीजन का संकट हो गया था। स्वयं मरीजों के तीमारदारों को शुरुआती दौर में ऑक्सीजन की व्यवस्था करनी मुश्किल हो रही थी। काफी रुपये खर्च करने के बाद भी उन्हें समय पर ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे थे। हालांकि ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए तुरंत जिला प्रशासन ने इस पर संज्ञान लिया और सभी अस्पतालों में जाकर स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन की ओर से गठित टीमों ने जांच भी की थी। कुछ जगह खामियां मिलने पर उनके खिलाफ संबंधित कार्रवाई भी अमल में लाई गई थी।
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बता दें कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा नागरिक अस्पताल में पुरानी बिल्डिंग के साथ में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया जा रहा है। ऑक्सीजन प्लांट के बेस व छत का कार्य पूरा हो चुका है। अब केवल फर्श व कुछ अन्य कार्य ही बाकी रह गया है। जल्द ही इसके भी पूरा होने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो महीने भर के अंदर ही यह प्लांट चालू होने की उम्मीद है। बचा हुआ सिविल वर्क 2-4 रोज में पूरा कर लिए जाने की संभावना है। इसके बाद इसमें आवश्यकता अनुसार इंजीनियरों के द्वारा मशीनें इंस्टॉल की जाएंगी।
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बताया गया है कि प्लांट से लेकर 6 बेड के आइसोलेशन वार्ड और 4 बेड के एचडीयू वार्ड तक पाइप लाइन से ऑक्सीजन पहुंचाई जाएगी। इसके चालू होने के बाद यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों को ऑक्सीजन की कमी नहीं रहेगी। बता दें कि सरकार की ओर से 200 बेड के सभी नागरिक अस्पताल में एक हजार लीटर प्रति मिनट उत्पादन ऑक्सीजन वाले प्लांट की व्यवस्था की जा रही है। इसी कड़ी के तहत यहां के नागरिक अस्पताल में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाया जा रहा है। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में काफी मरीजों को ऑक्सीजन की कमी का संकट झेलना पड़ा था। जिसके कारण कई तरह की परेशानियां मरीजों को उठानी पड़ी थी। शहर के निजी अस्पतालों में भी ऑक्सीजन का संकट हो गया था। स्वयं मरीजों के तीमारदारों को शुरुआती दौर में ऑक्सीजन की व्यवस्था करनी मुश्किल हो रही थी। काफी रुपये खर्च करने के बाद भी उन्हें समय पर ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे थे। हालांकि ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए तुरंत जिला प्रशासन ने इस पर संज्ञान लिया और सभी अस्पतालों में जाकर स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन की ओर से गठित टीमों ने जांच भी की थी। कुछ जगह खामियां मिलने पर उनके खिलाफ संबंधित कार्रवाई भी अमल में लाई गई थी।
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