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Jhajjar-Bahadurgarh News: अब सहानुभूति का हाथ रखकर चिकित्सक व स्टॉफ कहेंगे आई एम सॉरी

Tue, 03 Sep 2024 06:50 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Tue, 03 Sep 2024 06:50 AM IST
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Now with a hand of sympathy the doctors and staff will say I am sorry
झज्जर। स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाले चिकित्सक व स्टॉफ सदस्य अब मरीजों या उनके जानकारों को मरीज के संबंध में दुखद सूचना देने के लिए प्रोटोकॉल की जानकारी लेंगे। इसके लिए सभी को स्पाइक्स प्रोटोकॉल की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसे लेकर मुख्यालय की तरफ से आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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आमतौर पर सरकारी अस्पतालों में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने की स्थिति में चिकित्सक या फिर स्टॉफ सदस्य मरीजों के परिजनों को सीधे जानकारी दे डालते हैं, ऐसे में कई बार मौत की खबर सुनने वाला गंभीर बीमारी से पीड़ित होने के चलते वह सदमे में चले जाते हैं। कई बार उनकी तबीयत बिगड़ जाती है या मौत हो जाती है। ऐसे में गुस्साएं परिजन हिंसा पर उतर आते हैं और कई बार अस्पताल या स्टॉफ, चिकित्सक के साथ मारपीट कर दी जाती है। अब इन परिजनों को सहानुभूति के साथ जानकारी प्रदान की जाएगी। स्टॉफ का प्रयास रहेगा कि परिजनों का गुस्सा शांत रहे और वह हिंसक न हों। कई बार उपचार के दौरान दाखिल मरीज की मौत हो जाती है। इस पर परिजन लापरवाही के आरोप लगाकर स्टाफ, चिकित्सकों से मारपीट कर देते हैं या कई बार अस्पताल में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आती है, लेकिन अब इसकी पूरी ट्रेनिंग दी जाएगी।
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क्या है स्पाइक्स
-एस यानी साक्षात्कार- डॉक्टर्स व स्टाफ मरीज के परिजनों को शांत जगह पर ले जाकर बैठाकर आंखों से आंखे मिलाकर और कंधे पर हाथ रखकर मरीज को सांत्वना देंगे।

-पी यानी परसेप्शन- परिजनों की मनोस्थिति को समझकर उन्हें अच्छी तरह सुना जाएगा। जानने की कोशिश होगी कि वह मेडिकल कंडीशन व इलाज को लेकर क्या सोच रहा है।

-आई यानी इंफोर्मेशन- परिजनों को नम्रता व सहानुभूति के साथ संपूर्ण जानकारी देंगे। मरीज को बचाने की पूरी कोशिश से अवगत भी करवाएंगे।

-के यानी नॉलेज-लापरवाही बरतने या गलत इंजेक्शन लगाने के आरोप पर सही नॉलेज देकर दुविधा व गलतफहमी को दूर किया जाएगा।

-ई यानी इमोशन- उनकी भावनाओं को समझते हुए संवेदनशील व्यवहार करके सांत्वना दी जाएगी। उनकी हिम्मत बढ़ाने का काम किया जाएगा। गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीज की काउंसिलिंग भी करेंगे।
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-एस यानी समरी- परिजनों को संतुष्ट करने के लिए प्रत्येक सवाल का जवाब दिया जाएगा। उन्हें बीमारी व इलाज की संपूर्ण जानकारी एवं प्रक्रिया से अवगत करवाएंगे।


वर्जन
स्पाइक्स प्रोटोकॉल के जरिये परिजनों को बुरी सूचना देने से पहले उनसे अच्छा व्यवहार, संयम, सहानभूति का रिश्ता बनाना होता है ताकि परिजन सदमे में नहीं जाए। क्वालिटी के तहत यह जरूरी भी है।
डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, सिविल सर्जन, झज्जर
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