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गलत बिल की वजह से कई लोग नहीं जमा करवा पा रहे प्रॉपर्टी टैक्स
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नगर परिषद में बिल भुगतान के लिए लगी लाइन। संवाद
- फोटो : Bahadurgarh
नगर परिषद द्वारा लोगों को भेजे गए प्रॉपर्टी टैक्स के काफी बिलों में गलतियां सामने आ रही हैं। जिसकी वजह से लोग भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। परिषद कार्यालय में बिल दुरुस्त करवाने और भुगतान करने के लिए मंगलवार को भी भीड़ लगी रही।
सरकार ने 30 सितंबर तक टैक्स जमा करवाने पर 25 फीसदी छूट देने की घोषणा की है। लेकिन बिल जल्दी सही नहीं होने से लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। कई लोगों ने छूट के साथ बिल भुगतान की तारीख बढ़ाने की मांग की है, ताकि बिलों को दुरुस्त करवाकर भुगतान किया जा सके।
प्रेम नगर निवासी एडवोकेट नवीन कुमार सिंगल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल और शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज को ट्वीट करके छूट के साथ संपत्ति कर जमा करवाने के लिए जनता को और समय देने की मांग की है। नई बस्ती निवासी जयवीर कौशिक, प्रदीप कुमार दलाल व एडवोकेट सतीश कुमार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर समस्या का समाधान करवाने की मांग की। उन्होंने ज्ञापन में कहा है कि घरों की रजिस्ट्री के बाद ही हाउस टैक्स की समय सीमा तय की जाए। हाउस टैक्स नोटिस सालाना जारी किया जाना चाहिए और आम आदमी पर 18 फीसदी ब्याज लागू नहीं किया जाए।
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ज्ञापन में कहा गया है कि कोरोना महामारी के दौर में बहुत से लोगों का रोजगार छिन गया, इसलिए इन वर्षों में प्रॉपर्टी टैक्स से छूट दी जाए। कौशिक ने कहा कि जब पानी, सीवर, बिजली के बिल लिए जा रहे हैं तो नगर परिषद को प्रॉपर्टी टैक्स नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मालिक को पूर्व जानकारी के बिना ही रिहायशी भूमि पर भी वाणिज्यिक कर लगा दिया जाता है, इसलिए सटीक सर्वेक्षण की आवश्यकता है। एसडीएम भूपेंद्र कुमार ने कहा कि उनका ज्ञापन मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दिया जाएगा।
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सरकार ने 30 सितंबर तक टैक्स जमा करवाने पर 25 फीसदी छूट देने की घोषणा की है। लेकिन बिल जल्दी सही नहीं होने से लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। कई लोगों ने छूट के साथ बिल भुगतान की तारीख बढ़ाने की मांग की है, ताकि बिलों को दुरुस्त करवाकर भुगतान किया जा सके।
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प्रेम नगर निवासी एडवोकेट नवीन कुमार सिंगल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल और शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज को ट्वीट करके छूट के साथ संपत्ति कर जमा करवाने के लिए जनता को और समय देने की मांग की है। नई बस्ती निवासी जयवीर कौशिक, प्रदीप कुमार दलाल व एडवोकेट सतीश कुमार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर समस्या का समाधान करवाने की मांग की। उन्होंने ज्ञापन में कहा है कि घरों की रजिस्ट्री के बाद ही हाउस टैक्स की समय सीमा तय की जाए। हाउस टैक्स नोटिस सालाना जारी किया जाना चाहिए और आम आदमी पर 18 फीसदी ब्याज लागू नहीं किया जाए।
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ज्ञापन में कहा गया है कि कोरोना महामारी के दौर में बहुत से लोगों का रोजगार छिन गया, इसलिए इन वर्षों में प्रॉपर्टी टैक्स से छूट दी जाए। कौशिक ने कहा कि जब पानी, सीवर, बिजली के बिल लिए जा रहे हैं तो नगर परिषद को प्रॉपर्टी टैक्स नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मालिक को पूर्व जानकारी के बिना ही रिहायशी भूमि पर भी वाणिज्यिक कर लगा दिया जाता है, इसलिए सटीक सर्वेक्षण की आवश्यकता है। एसडीएम भूपेंद्र कुमार ने कहा कि उनका ज्ञापन मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दिया जाएगा।