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शोध पद्धति को अपना व्यवहार बनाएं : डाॅ. आहूजा
Fri, 18 Oct 2024 03:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 18 Oct 2024 03:58 AM IST
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-फोटो 55 : वैश्य गर्ल्स कालेज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डा. मारकंडेय आहूजा को सम्मान
बहादुरगढ़। बहादुरगढ़ शिक्षा सभा ने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए अध्यापकों में तर्क, चिंतन, कार्यशैली में बदलाव व विकास को लेकर फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम किया।
मुख्य वक्ता के रूप में बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय रोहतक के पूर्व वाइस चांसलर डाॅ. मारकंडेय आहूजा ने कहा कि अपने मूल्यों, विश्वास, व्यवहार और स्वयं कुछ नया सीखने की लगन से एक संगठन को सकारात्मक कार्य संस्कृति प्रदान कर सकते हैं। आत्मिक चिंतन, विश्लेषणात्मक तर्कशक्ति और हर पल नई ऊर्जा का संचार मनोबल, संतुलन व सामंजस्य को बढ़ाता है।
जीवन के हर क्षेत्र में शोध पद्धति को हम अपना व्यवहार बनाएं। सभा प्रधान श्रीनिवास गुप्ता ने कहा कि उत्कृष्ट राष्ट्र और नवीन समाज निर्माण के लिए छात्र एक मजबूत धुरी है। वैश्य आर्य कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डाॅ. राजवंती शर्मा ने कहा कि शिक्षक विषयों की पहचान कर उन पर ध्यान केंद्रित करते हुए लगातार कुछ नया खोजने के लिए जुड़े रहें। मंच संचालन महाविद्यालय की रिसर्च कमेटी प्रभारी डाॅ. शालू शर्मा ने किया।
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कार्यक्रम में वैश्य आर्य कन्या महाविद्यालय, वैश्य आर्य शिक्षण महिला महाविद्यालय और वैश्य आर्य कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल, वैश्य आर्य कन्या प्राथमिक विद्यालय बहादुरगढ़ के समस्त स्टाफ ने भाग लिया। कार्यक्रम में विभिन्न पदाधिकारियों में प्रेमचंद बंसल, एसके अग्रवाल, एमसी जोशी, सत्यनारायण अग्रवाल, एसके अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, पवन जैन, यशपाल गांधी, हरमिलाप, आशीष कुमार, जयभगवान लोहिया, अजय, रामकरण आदि मौजूद थे।
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मुख्य वक्ता के रूप में बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय रोहतक के पूर्व वाइस चांसलर डाॅ. मारकंडेय आहूजा ने कहा कि अपने मूल्यों, विश्वास, व्यवहार और स्वयं कुछ नया सीखने की लगन से एक संगठन को सकारात्मक कार्य संस्कृति प्रदान कर सकते हैं। आत्मिक चिंतन, विश्लेषणात्मक तर्कशक्ति और हर पल नई ऊर्जा का संचार मनोबल, संतुलन व सामंजस्य को बढ़ाता है।
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जीवन के हर क्षेत्र में शोध पद्धति को हम अपना व्यवहार बनाएं। सभा प्रधान श्रीनिवास गुप्ता ने कहा कि उत्कृष्ट राष्ट्र और नवीन समाज निर्माण के लिए छात्र एक मजबूत धुरी है। वैश्य आर्य कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डाॅ. राजवंती शर्मा ने कहा कि शिक्षक विषयों की पहचान कर उन पर ध्यान केंद्रित करते हुए लगातार कुछ नया खोजने के लिए जुड़े रहें। मंच संचालन महाविद्यालय की रिसर्च कमेटी प्रभारी डाॅ. शालू शर्मा ने किया।
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कार्यक्रम में वैश्य आर्य कन्या महाविद्यालय, वैश्य आर्य शिक्षण महिला महाविद्यालय और वैश्य आर्य कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल, वैश्य आर्य कन्या प्राथमिक विद्यालय बहादुरगढ़ के समस्त स्टाफ ने भाग लिया। कार्यक्रम में विभिन्न पदाधिकारियों में प्रेमचंद बंसल, एसके अग्रवाल, एमसी जोशी, सत्यनारायण अग्रवाल, एसके अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, पवन जैन, यशपाल गांधी, हरमिलाप, आशीष कुमार, जयभगवान लोहिया, अजय, रामकरण आदि मौजूद थे।