फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Laughter and applause echoed at the foundation-laying ceremony of the Dada Sarang Dev temple.

Jhajjar-Bahadurgarh News: दादा सारंग देव मंदिर के नींव समारोह में गूंजे ठहाके और तालियां

Sun, 20 Sep 2026 06:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Sun, 20 Sep 2026 06:20 PM IST
विज्ञापन
Laughter and applause echoed at the foundation-laying ceremony of the Dada Sarang Dev temple.
फोटो नंबर 73: मंच पर रागनी सुनाते कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा। (संवाद)
मनोज कौशिक
विज्ञापन

बादली। दादा सारंग देव मंदिर के नींव समारोह में धार्मिक माहौल के साथ हंसी-मजाक और अपनापन भी देखने को मिला। मंच से डॉ. अरविंद शर्मा, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और पूर्व मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने अपने अंदाज में लोगों से संवाद किया। उनकी बातों पर पंडाल में कई बार ठहाके गूंजे और तालियां बजती रहीं।
मंदिर की नींव रखते हुए डॉ. अरविंद शर्मा ने 2019 के लोकसभा चुनाव से जुड़ा किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि टिकट मिलने के बाद उनकी माता ने सबसे पहले बादली स्थित दादा सारंग देव मंदिर में माथा टेकने की बात कही थी। वह चुनाव से पहले मंदिर पहुंचे और चुनाव में बड़ी जीत हासिल की। वहीं, 2024 में टिकट मिलने के बाद मंदिर पहुंचने में देरी हुई और चुनाव परिणाम उनके पक्ष में नहीं रहा।
विज्ञापन

यह बात सुनकर पंडाल में मौजूद लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ गई। उन्होंने कहा कि अपने आराध्य देव को कभी नहीं भूलना चाहिए और सबसे पहले उनके चरणों में अपनी कामना रखनी चाहिए। सरपंच आनंद गुलिया के आग्रह पर डॉ. शर्मा ने सावन माह पर आधारित रागिनी भी सुनाई। उन्होंने कहा कि वह कलाकार नहीं हैं, लेकिन विभिन्न कार्यक्रमों में उनसे रागिनी या कविता सुनाने का आग्रह किया जाता है। इसके बाद उन्होंने रागिनी प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि उनके भाई की शादी गुलिया गोत्र में हुई है, इसलिए बादली से उनका पारिवारिक रिश्ता है। बुजुर्गों ने उन्हें मान स्वरूप पैसे दिए तो उन्होंने पैर छूकर आशीर्वाद लिया। वहीं, पूर्व मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने चुटीले अंदाज में कहा कि फिलहाल वह सरकार का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए महिपाल ढांडा को साथ लाए हैं, ताकि वे क्षेत्र के लिए कुछ देकर जाएं। उन्होंने अपनी चाची का रिश्ता बादली से बताते हुए खुद को गांव का भांजा भी बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed