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सारा दिन 1000 व 500 के नोटों को छुट्टे करवाने की जुगत में लगे रहे लोग
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
Updated Wed, 09 Nov 2016 11:56 PM IST
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बस स्टैंड चलो वहां एक बस टिकट खरीद लेंगे, अच्छा रेलवे स्टेशन चलो शायद 1000 व 500 के छुट्टे मिल जाएंगे। ये कहना था रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए इन नोटों को छुट्टे करवाने की जुगत में लगे लोगों का। हम तो आज बेटी के विवाह के लिए सामान लेने आए थे। लेकिन हमें क्या मालूम था कि आज हमारे पैसों से खरीदारी नहीं हो सकेगी। वो तो एक भला दुकानदार मिल गया जिससे रिक्वेस्ट करने के बाद कुछ सामान तो दे दिया, लेकिन फिर भी हमें बाकी सामान से वंचित रहना पड़ा। ये कहना था बेटी के विवाह के लिए बाजार से खरीदारी करने आए एक बाप का। जिसके घर में कुछ ही दिनों में शहनाईयां बजने वाली हैं। लेकिन भारत सरकार द्वारा 500 व 1000 के नोट बंध किए जाने के कारण शादी में खलल पड़ती नजर आ रही है। इसके अलावा भी बुधवार को सरकार की इस घोषणा का काफी प्रभाव देखने को मिला। बाजार में देखने वाली रोनक व ग्राहकों में भी काफी प्रभाव देखने को मिला। दुकानदार भी काफी हद तक ग्राहकों की कमी के कारण सुस्ताते नजर आए। पैट्रोल पंपों पर छुट्टे पैसों के अभाव में तेल डलवाने वालों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले की जल्दबाजी के कारण एक बार फिर से लोगों का जीवन अस्त व्यस्त दिखाई दिया। हां इतना जरूर था कि कुछेक दुकानदार व वाहन चालक इन नोटों को ले रहे थे। लेकिन छुट्टे पैसों के अभाव के कारण उनकी गति भी धीमी पड़ गई थी। आमजन के लिए बुधवार का दिन काफी पटाक्षेप वाला बना रहा कि पता नहीं वहां पर ये नोट चलेंगे या नहीं, इन नोटों के सहारे हम वो कार्य कर पाएंगें या फिर खाली हाथ ही घर लौटना पड़ेगा। नोटों के प्रति हुए फेर बदल की सूचना के कारण छोटे से लेकर बड़ा व्यापारी व दुकानदार और खरीदार भी प्रभावित रहे। लेकिन इन सबके बावजूद भी कुछेक दुकानदार ग्राहक की परिस्थिति को देखते हुए उन्हें उधार पर या इन नोटों के बदले सामान दे रहे थे। लेकिन उनको साथ ही इस बात का भय भी सता रहा था कि कहीं ये नोट उन पर भारी ना पड़ जाएं।
क्या कहना है मोबाइल डीलरों का
नोटों के प्रति मंगलवार को आए इस फेरबदल के कारण शहर में मोबाईन डीलिंग का काम करने वाले विजय हरित व रजत का कहना था कि आज तो सुबह से ग्राहकी में काफी कमी है। उन्होंने बताया कि हमें भी इस बात का डर है कि ग्राहकों द्वारा लिए गए नोट किस बजट तक बैंक में जमा हो सकेंगे। कहीं इस फैसले में कोई और कंडीशन तो छुपी हुई नहीं है। उन्होंने कहा कि अब तो नई करेंसी आने के बाद ही काम कार्य सुचारू रूप से चल सकेगा।
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बैंक व एटीएम बंध होने के कारण बढ़ी समस्या
मंगलवार को आए अचानक फैसले के कारण बुधवार को सभी बैंक व एटीएम बंध रहे। जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा। 500 व 1000 के नोटों पर आए फैसले के कारण खाद व बीज भंडार की दुकानों से भी किसानों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। विवाह शादियों के लिए बाजार से सामान की खरीददारी करने आए भूपेश, रामरत्न व शावित्री देवी ने बताया कि उनके घर में कुछ ही दिनो बाद शादी है। जिसके चलते वो आज बाजार से खरीददारी करने के लिए आए थे, उन्हे एटीएम से पैसे भी निकलवाने थे। लेकिन सरकार के एकदम से लिए गए इस फैसले के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ना तो बैंक से कैश उपलब्ध हो सका और ना ही बाजार में घर से लाए गए 500 व 1000 के नाटों से सामान खरीद सके।
बस स्टेंड रेलवे स्टेशन पर रही छुट्टे पैसों की परेशानी
500 व 1000 के नोटों के बदले छुट्टे पैसे लेने के चक्कर में कुछ लोग बस टिकट भी खरीदते नजर आए। ये वो लोग थे जिन्हें कहीं जाना भी नहीं था और वे 1000 व 500 के नोट छुट्टे करवाने के लिए बस टिकट लेने के लिए लाईन में खड़े थे। कारण सिर्फ एक ही था कि भाई यहां से 30 रुपये की टिकट लेने से मुझे हजार के नोट के छुट्टे मिल जाएंगे और उनसे मैं बाजार जाकर अपनी रोजमर्रा की जरूरत का सामान खरीद लूंगा। इसके अलावा भी यात्रियों के लिए टिकट खरीदने में छुट्टे पैसे ना मिलने के कारण परेशानी बनी रही।
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सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले की जल्दबाजी के कारण एक बार फिर से लोगों का जीवन अस्त व्यस्त दिखाई दिया। हां इतना जरूर था कि कुछेक दुकानदार व वाहन चालक इन नोटों को ले रहे थे। लेकिन छुट्टे पैसों के अभाव के कारण उनकी गति भी धीमी पड़ गई थी। आमजन के लिए बुधवार का दिन काफी पटाक्षेप वाला बना रहा कि पता नहीं वहां पर ये नोट चलेंगे या नहीं, इन नोटों के सहारे हम वो कार्य कर पाएंगें या फिर खाली हाथ ही घर लौटना पड़ेगा। नोटों के प्रति हुए फेर बदल की सूचना के कारण छोटे से लेकर बड़ा व्यापारी व दुकानदार और खरीदार भी प्रभावित रहे। लेकिन इन सबके बावजूद भी कुछेक दुकानदार ग्राहक की परिस्थिति को देखते हुए उन्हें उधार पर या इन नोटों के बदले सामान दे रहे थे। लेकिन उनको साथ ही इस बात का भय भी सता रहा था कि कहीं ये नोट उन पर भारी ना पड़ जाएं।
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क्या कहना है मोबाइल डीलरों का
नोटों के प्रति मंगलवार को आए इस फेरबदल के कारण शहर में मोबाईन डीलिंग का काम करने वाले विजय हरित व रजत का कहना था कि आज तो सुबह से ग्राहकी में काफी कमी है। उन्होंने बताया कि हमें भी इस बात का डर है कि ग्राहकों द्वारा लिए गए नोट किस बजट तक बैंक में जमा हो सकेंगे। कहीं इस फैसले में कोई और कंडीशन तो छुपी हुई नहीं है। उन्होंने कहा कि अब तो नई करेंसी आने के बाद ही काम कार्य सुचारू रूप से चल सकेगा।
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बैंक व एटीएम बंध होने के कारण बढ़ी समस्या
मंगलवार को आए अचानक फैसले के कारण बुधवार को सभी बैंक व एटीएम बंध रहे। जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा। 500 व 1000 के नोटों पर आए फैसले के कारण खाद व बीज भंडार की दुकानों से भी किसानों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। विवाह शादियों के लिए बाजार से सामान की खरीददारी करने आए भूपेश, रामरत्न व शावित्री देवी ने बताया कि उनके घर में कुछ ही दिनो बाद शादी है। जिसके चलते वो आज बाजार से खरीददारी करने के लिए आए थे, उन्हे एटीएम से पैसे भी निकलवाने थे। लेकिन सरकार के एकदम से लिए गए इस फैसले के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ना तो बैंक से कैश उपलब्ध हो सका और ना ही बाजार में घर से लाए गए 500 व 1000 के नाटों से सामान खरीद सके।
बस स्टेंड रेलवे स्टेशन पर रही छुट्टे पैसों की परेशानी
500 व 1000 के नोटों के बदले छुट्टे पैसे लेने के चक्कर में कुछ लोग बस टिकट भी खरीदते नजर आए। ये वो लोग थे जिन्हें कहीं जाना भी नहीं था और वे 1000 व 500 के नोट छुट्टे करवाने के लिए बस टिकट लेने के लिए लाईन में खड़े थे। कारण सिर्फ एक ही था कि भाई यहां से 30 रुपये की टिकट लेने से मुझे हजार के नोट के छुट्टे मिल जाएंगे और उनसे मैं बाजार जाकर अपनी रोजमर्रा की जरूरत का सामान खरीद लूंगा। इसके अलावा भी यात्रियों के लिए टिकट खरीदने में छुट्टे पैसे ना मिलने के कारण परेशानी बनी रही।