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सात हजार रिश्वत लेते डॉक्टर और कर्मी रंगे हाथ गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
Updated Sun, 10 Apr 2016 01:04 AM IST
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रिश्वत
- फोटो : buraeau
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विजिलेंस टीम ने शनिवार की दोपहर सिविल अस्पताल में एमओ विनोद कुमार व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी नरेश कुमार को सात हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
विजिलेंस के अनुसार नरेश ने यह रिश्वत पथरी के इलाज के लिए आई एक महिला से आपरेशन करवाने के लिए मांगे थे। महिला ने नरेश की मांग जब परिवार के सदस्यों को बताई तो उन्होंने इसकी शिकायत विजिलेंस टीम को दी। जिस पर टीम ने बड़े नाटकीय ढंग से कार्यवाही करते हुए दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।
विजिलेंस प्रभारी इंस्पेक्टर ओमप्रकाश ने बताया कि माजरा ग्रामवासी ज्ञानो देवी पत्नी बलवान काफी दिन से पथरी के दर्द से परेशान थी। इलाज के लिए ज्ञानो देवी शहर के सामान्य अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर विनोद के पास पहुंची और ऑपरेशन से निकालने की बात कही। वहां मौजूद कर्मचारी नरेश डॉक्टर के कहने पर उसे बाहर ले गया और कहा कि ऑपरेशन में काफी खर्च होगा और मैं आपकी मदद करूंगा। नरेश ने महिला से कहा कि 7000 हजार रुपये में आपका ऑपरेशन हो जाएगा। महिला ने बताया कि इस बात को मानते हुए उसने उसी समय 2500 रुपये दे दिए।
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नरेश डॉक्टर के पास गया तो डॉक्टर ने उसे लौटाते हुए कहा कि ऑपरेशन के बाद ही सारे पैसे इकट्ठे दे देना। जब यह बात उसके रिश्तेदार को पता चली तो दादनपुर निवासी लक्ष्मण ने यह सूचना विजिलेंस टीम को दी। विजिलेंस की टीम ने डॉक्टर को मौके पर पकड़ने के लिए शिकायतकर्ता के साथ भेज दिया। ऑपरेशन होने के बाद लक्ष्मण ने फोर्थ क्लास कर्मचारी नरेश को 7 हजार रुपए दे दिए तथा विजिलेंस टीम को इशारा कर दिया। इसी दौरान नरेश उन रुपयों को लेकर डॉ. विनोद के पास ऑपरेशन थियेटर में चला गया तथा रुपये देकर बाहर आ गया। लक्ष्मण का इशारा मिलते ही विजिलेंस टीम ने वहां पहुंचकर डॉ. विनोद को रिश्वत के रुपयों के साथ काबू कर लिया। उसके बाद फोर्थ क्लास कर्मचारी नरेश को भी हिरासत में ले लिया। दोनों आरोपियों का सिविल अस्पताल में मेडिकल कराया तथा उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
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विजिलेंस के अनुसार नरेश ने यह रिश्वत पथरी के इलाज के लिए आई एक महिला से आपरेशन करवाने के लिए मांगे थे। महिला ने नरेश की मांग जब परिवार के सदस्यों को बताई तो उन्होंने इसकी शिकायत विजिलेंस टीम को दी। जिस पर टीम ने बड़े नाटकीय ढंग से कार्यवाही करते हुए दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।
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विजिलेंस प्रभारी इंस्पेक्टर ओमप्रकाश ने बताया कि माजरा ग्रामवासी ज्ञानो देवी पत्नी बलवान काफी दिन से पथरी के दर्द से परेशान थी। इलाज के लिए ज्ञानो देवी शहर के सामान्य अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर विनोद के पास पहुंची और ऑपरेशन से निकालने की बात कही। वहां मौजूद कर्मचारी नरेश डॉक्टर के कहने पर उसे बाहर ले गया और कहा कि ऑपरेशन में काफी खर्च होगा और मैं आपकी मदद करूंगा। नरेश ने महिला से कहा कि 7000 हजार रुपये में आपका ऑपरेशन हो जाएगा। महिला ने बताया कि इस बात को मानते हुए उसने उसी समय 2500 रुपये दे दिए।
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नरेश डॉक्टर के पास गया तो डॉक्टर ने उसे लौटाते हुए कहा कि ऑपरेशन के बाद ही सारे पैसे इकट्ठे दे देना। जब यह बात उसके रिश्तेदार को पता चली तो दादनपुर निवासी लक्ष्मण ने यह सूचना विजिलेंस टीम को दी। विजिलेंस की टीम ने डॉक्टर को मौके पर पकड़ने के लिए शिकायतकर्ता के साथ भेज दिया। ऑपरेशन होने के बाद लक्ष्मण ने फोर्थ क्लास कर्मचारी नरेश को 7 हजार रुपए दे दिए तथा विजिलेंस टीम को इशारा कर दिया। इसी दौरान नरेश उन रुपयों को लेकर डॉ. विनोद के पास ऑपरेशन थियेटर में चला गया तथा रुपये देकर बाहर आ गया। लक्ष्मण का इशारा मिलते ही विजिलेंस टीम ने वहां पहुंचकर डॉ. विनोद को रिश्वत के रुपयों के साथ काबू कर लिया। उसके बाद फोर्थ क्लास कर्मचारी नरेश को भी हिरासत में ले लिया। दोनों आरोपियों का सिविल अस्पताल में मेडिकल कराया तथा उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।