{"_id":"573395a44f1c1b9b3791a02c","slug":"jhajjar-crime-electric-news-jhajjar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सामूहिक अवकाश पर रहकर सड़कों पर उतरे बिजलीकर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सामूहिक अवकाश पर रहकर सड़कों पर उतरे बिजलीकर्मी
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
Updated Thu, 12 May 2016 01:57 AM IST
विज्ञापन
बिजलीकर्मी
- फोटो : bureau
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजली निगम के 23 सब डिवीजनों का निजीकरण करने को लेकर हुए धरने व भूख हड़ताल के बाद बुधवार को कच्चे व पक्के कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे। मंडल कार्यालय से लेकर शहर के प्रमुख बाजारों, कोर्ट परिसर में रोष प्रदर्शन करते हुए निगम कर्मियों ने सरकार को चेताया कि यदि कर्मचारी विरोधी निर्णय जल्द वापस नहीं लिया तो वे आर-पार की लड़ाई लड़ने से भी पीछे नहीं हटेेंगे।
प्रदर्शन करने से पूर्व एक सभा का आयोजन हुआ। इसमें प्रदर्शन को लेकर पहले पूरी रणनीति बनाते हुए कार्य रूपरेखा तैयार की गई। एचएसईबी वर्कर्स यूनियन व एएचपीसी वर्कर्स यूनियन सर्कल सचिव जयकंवार छिकारा व बंसीलाल की अध्यक्षता में निगम कर्मियों ने सामूहिक अवकाश पर रहते हुए शहर में प्रदर्शन किया। इसमें मंडल कार्यालय के अलावा चारों उपमंडल के कर्मचारी शामिल रहे। बिजली कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में हरियाणा कर्मचारी महासंघ, हरियाणा सर्व कर्मचारी संघ, स्वास्थ्य विभाग, मजदूर कल्याण मंच, कृषक खेत मजदूर संघ, एसयूसीआई सहित कई अन्य संगठनों ने अपना पूरा साथ दिया।
ज्वाइंट एक्शन कमेटी के पदाधिकारी जयकंवार छिकारा व बंसीलाल ने कहा कि सरकार अपनी निजीकरण की नीति वापस नहीं लेती तो आगे संघर्ष और तेज होगा। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार 12 मई को जींद में ज्वाइंट एक्शन कमेटी के पदाधिकारियों की भी बैठक होगी। इसमें आगे की रूपरेखा तैयार होगी। प्रदर्शन के दौरान हरियाणा कर्मचारी महासंघ के नेता उत्तम सिंह व सर्व कर्मचारी संघ के नेता दिलबाग सिंह ने निगम कमिर्यों को आश्वस्त किया कि वे उनके साथ है। उनके हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी। एचएसईबी के पूर्व उप प्रधान नरेंद्र बैनीवाल ने कहा कि सरकार की नीतियां गलत है। कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने की बजाय उन्हें बेरोजगार करने पर तुली है। उन्होंने कहा कि निजीकरण व ठेका प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिससे कर्मचारियों का शोषण भी हो रहा है। निजीकरण से निगम का घाटा भी दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। बिजली यूनिट महंगी हो रही है और आमजन पर इसका बोझ पड़ रहा है। सभा में मंच संचालन बलवंत यादव ने किया। शाखा प्रधान बिजेेंद्र फौगाट, सुखबीर, प्रदीप, रविंद्र, सुरेंद्र, सुरेशचंद, जयदेव, नरेंद्र, राकेश, राजकुमार, मनोज, पंकज, बिजेंद्र सैनी, वीरभान, अमित, राज सिंह, ऋषिपाल ने भी सभा में अपने विचार रखे।
विज्ञापन
सूने रहे आफिस
बिजलीकर्मियों के सामूहिक अवकाश पर रहने से मंडल परिसर व अन्य सब स्टेशन बुधवार को सूने रहे। किसी न किसी काम के लिए उपभोक्ता आते रहे लेकिन कुर्सी खाली पड़ी होने व कोई कर्मचारी नहीं दिखाई देने से उन्हें मन मसोसकर वापस घर लौटना पड़ा। हालांकि निगम अधिकारियों ने व्यवस्थाओं को बनाए रखने में अपनी तरफ से पूरा प्रयास किया लेकिन फिर भी पूरी तरह से व्यवस्था सिरे नहीं चढ़ पाई।
विज्ञापन
प्रदर्शन करने से पूर्व एक सभा का आयोजन हुआ। इसमें प्रदर्शन को लेकर पहले पूरी रणनीति बनाते हुए कार्य रूपरेखा तैयार की गई। एचएसईबी वर्कर्स यूनियन व एएचपीसी वर्कर्स यूनियन सर्कल सचिव जयकंवार छिकारा व बंसीलाल की अध्यक्षता में निगम कर्मियों ने सामूहिक अवकाश पर रहते हुए शहर में प्रदर्शन किया। इसमें मंडल कार्यालय के अलावा चारों उपमंडल के कर्मचारी शामिल रहे। बिजली कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में हरियाणा कर्मचारी महासंघ, हरियाणा सर्व कर्मचारी संघ, स्वास्थ्य विभाग, मजदूर कल्याण मंच, कृषक खेत मजदूर संघ, एसयूसीआई सहित कई अन्य संगठनों ने अपना पूरा साथ दिया।
विज्ञापन
ज्वाइंट एक्शन कमेटी के पदाधिकारी जयकंवार छिकारा व बंसीलाल ने कहा कि सरकार अपनी निजीकरण की नीति वापस नहीं लेती तो आगे संघर्ष और तेज होगा। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार 12 मई को जींद में ज्वाइंट एक्शन कमेटी के पदाधिकारियों की भी बैठक होगी। इसमें आगे की रूपरेखा तैयार होगी। प्रदर्शन के दौरान हरियाणा कर्मचारी महासंघ के नेता उत्तम सिंह व सर्व कर्मचारी संघ के नेता दिलबाग सिंह ने निगम कमिर्यों को आश्वस्त किया कि वे उनके साथ है। उनके हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी। एचएसईबी के पूर्व उप प्रधान नरेंद्र बैनीवाल ने कहा कि सरकार की नीतियां गलत है। कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने की बजाय उन्हें बेरोजगार करने पर तुली है। उन्होंने कहा कि निजीकरण व ठेका प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिससे कर्मचारियों का शोषण भी हो रहा है। निजीकरण से निगम का घाटा भी दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। बिजली यूनिट महंगी हो रही है और आमजन पर इसका बोझ पड़ रहा है। सभा में मंच संचालन बलवंत यादव ने किया। शाखा प्रधान बिजेेंद्र फौगाट, सुखबीर, प्रदीप, रविंद्र, सुरेंद्र, सुरेशचंद, जयदेव, नरेंद्र, राकेश, राजकुमार, मनोज, पंकज, बिजेंद्र सैनी, वीरभान, अमित, राज सिंह, ऋषिपाल ने भी सभा में अपने विचार रखे।
विज्ञापन
सूने रहे आफिस
बिजलीकर्मियों के सामूहिक अवकाश पर रहने से मंडल परिसर व अन्य सब स्टेशन बुधवार को सूने रहे। किसी न किसी काम के लिए उपभोक्ता आते रहे लेकिन कुर्सी खाली पड़ी होने व कोई कर्मचारी नहीं दिखाई देने से उन्हें मन मसोसकर वापस घर लौटना पड़ा। हालांकि निगम अधिकारियों ने व्यवस्थाओं को बनाए रखने में अपनी तरफ से पूरा प्रयास किया लेकिन फिर भी पूरी तरह से व्यवस्था सिरे नहीं चढ़ पाई।