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अग्रिम पंक्ति के लोगों को किसान आंदोलन के प्रति जागरूक करेंगे : उगराहां
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सभा में उगराहां के विचार सुनतीं महिला किसान।
- फोटो : Bahadurgarh
भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि हम लंबे समय तक आंदोलन करने के लिए गांवों में तैयारी बढ़ाएंगे और पंजाब व दिल्ली में अग्रिम पंक्ति के लोगों को राजनीतिक रूप से जागरूक करेंगे। उगराहां ने कहा कि इन कानूनों के पीछे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक व विश्व व्यापार संगठन समेत तीन प्रमुख शक्तियां काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि आज हमें इन तीन लुटेरों से लंबे समय तक लड़ने के लिए तैयार रहना होगा। यह लड़ाई अधूरी हो सकती है क्योंकि हमारी राजनीतिक स्थिति उतनी ऊंची नहीं है, जितनी जनविरोधी नीतियों की है। इसलिए हमें इससे लड़ने के लिए पूरी की जरूरत है। दुनिया के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि मेहनतकश लोगों ने अपने अधिकारों के लिए इतने लंबे समय तक संघर्ष किया है और मेहनतकशों का मनोबल अभी भी कायम है। इसलिए, यह अपरिहार्य है कि इस किसान संघर्ष का इतिहास दुनिया में लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता की संघर्ष शक्ति का यह चमत्कार है कि प्रधानमंत्री को समझ नहीं आ रहा कि इस संघर्ष से कैसे निपटा जाए। सोमवार को राजविंदर सिंह राजू रामनगर (बठिंडा), हरप्रीत सिंह दून कलां, सरबजीत सिंह भुरथला और मलकीत सिंह हेरिके ने भी सभा को संबोधित किया।
महिलाओं को जोड़ने पर जोर
सुखजीत कौर मानसा और लवली कौर संगरूर ने कहा कि मोर्चा मजबूत करने के लिए महिला नेता गांवों में जाकर महिलाओं को इन कानूनों से अवगत करा रही हैं और उन्हें महिलाओं की संख्या बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। यूनियन के बैनर तले अमृतसर जिले के अटारी प्रखंड से सोमवार को काफी संख्या में लोग अटारी प्रखंड अध्यक्ष करमजीत सिंह नांगली और प्रखंड सचिव परविंदर सिंह के नेतृत्व में पंडाल में शामिल हुए।
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उन्होंने कहा कि आज हमें इन तीन लुटेरों से लंबे समय तक लड़ने के लिए तैयार रहना होगा। यह लड़ाई अधूरी हो सकती है क्योंकि हमारी राजनीतिक स्थिति उतनी ऊंची नहीं है, जितनी जनविरोधी नीतियों की है। इसलिए हमें इससे लड़ने के लिए पूरी की जरूरत है। दुनिया के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि मेहनतकश लोगों ने अपने अधिकारों के लिए इतने लंबे समय तक संघर्ष किया है और मेहनतकशों का मनोबल अभी भी कायम है। इसलिए, यह अपरिहार्य है कि इस किसान संघर्ष का इतिहास दुनिया में लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता की संघर्ष शक्ति का यह चमत्कार है कि प्रधानमंत्री को समझ नहीं आ रहा कि इस संघर्ष से कैसे निपटा जाए। सोमवार को राजविंदर सिंह राजू रामनगर (बठिंडा), हरप्रीत सिंह दून कलां, सरबजीत सिंह भुरथला और मलकीत सिंह हेरिके ने भी सभा को संबोधित किया।
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महिलाओं को जोड़ने पर जोर
सुखजीत कौर मानसा और लवली कौर संगरूर ने कहा कि मोर्चा मजबूत करने के लिए महिला नेता गांवों में जाकर महिलाओं को इन कानूनों से अवगत करा रही हैं और उन्हें महिलाओं की संख्या बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। यूनियन के बैनर तले अमृतसर जिले के अटारी प्रखंड से सोमवार को काफी संख्या में लोग अटारी प्रखंड अध्यक्ष करमजीत सिंह नांगली और प्रखंड सचिव परविंदर सिंह के नेतृत्व में पंडाल में शामिल हुए।
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