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Jhajjar-Bahadurgarh News: नए कानून के विरोध में निजी बस चालकों व ट्रक यूनियन ने किया चक्का जाम
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झज्जर। केंद्र सरकार ने हिट एंड रन कानून के विरोध में सोमवार को झज्जर में प्राइवेट बसों के पहिये थम गए। संचालकाें ने बिल को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। जिले में 50 से ज्यादा प्राइवेट बसों का चक्काजाम हुआ। बस ड्राइवरों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा 26 दिसंबर को लोकसभा में न्याय संहिता बिल पारित किया गया है। चालकों की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए यूनियन इसका विरोध करती हैं। इस बिल के लागू होने से देशभर के वाह चालक बर्बाद हो जाएंगे।
वहीं ट्रक यूनियन ने भी इस बिल का विरोध करते हुए नारेबाजी की और कोई ट्रक व अन्य लोडिंग वाहन नहीं चलने दिए। साथ ही बिल को वापस लेने की मांग की। निजी बसें नहीं चलने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बस अड्डे पर बसों की कमी का असर देखा गया। यात्री घंटों बसों का इंतजार करते रहे। सरकारी बसों पर ही सफर करना पड़ा। सबसे ज्यादा दिक्कत रेवाड़ी, साल्हावास, बेरी, कलानौर, रोहतक जाने वाले यात्रियों को हुई।
भाईचारा ट्रक यूनियन वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान मंगल गुलिया ने कहा कि विरोध में सभी ट्रकों को आज से बंद कर दिया है। सभी यूनियन ने सोमवार को मीटिंग कर निर्णय लिया है कि तीन जनवरी को मीटिंग कर डीसी को ज्ञापन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि तीन जनवरी को एनएच-71ए पर धरना, प्रदर्शन करेंगे और अनिश्चितकालीन धरना देंगे। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार ड्राइवरों के प्रति साफ्ट नहीं होगी और कानूनों में सुधार नहीं करेगी तो हड़ताल जारी रहेगी।
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सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। इसलिए वह मजबूरीबन सड़कों पर उतर रहे हैं। सभी ड्राइवरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आज के समय ड्राइवर और मोटर मालिक की हालत दयनीय है। गर्मी, सर्दी, धुंध में भी सामान पहुंचाते हैं, लेकिन उनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जाता। यह कानून फांसी से लटकाने वाला है। वहीं प्राइवेट बस चालक राजेश, अनिल, मुकेश, हरीश ने कहा कि यह कानून गलत है। हर घर में ड्राइवर है। हर किसी से हादसा हो सकता है। कोई जानबूझकर हादसा नहीं करता है। सरकार ने कानून बनाकर 10 साल सजा की बात कही है। कहा कि यदि ड्राइवर जेल चला गया तो उसके परिवार को कौन देखेगा। सरकार ने लाइसेंस बना रखे हैं। यदि लाइसेंस की कोई वेल्यू नहीं रहेगी तो इसे तोड़ दिया जाएगा।
इंसेट
एक-दो दिन का बचा है डीजल, पेट्राेल
यदि ड्राइवर हड़ताल पर जाते हैं तो इसका सीधा असर डीजल, पेट्रोल के अलावा गैस सप्लाई पर पड़ेगा। इसके अलावा सब्जियों व अन्य खाद्य पदार्थों की आपूर्ति भी असर देखने को मिलेगा। फिलहाल पेट्रोल पंपों पर दो से तीन दिन की सप्लाई है। यदि तीन जनवरी को हड़ताल अनिश्चितकालीन होती है तो सप्ताह के अंत में दिक्कत आएगी। इसी प्रकार से गैस सिलिंडरों की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है। फिलहाल कुछ दिन की सप्लाई है, लेकिन आने वाले दिनों में दिक्कत बढे़गी। अनाज मंडी में सोमवार को रूटीन में सब्जियां आईं, लेकिन ड्राइवरों की हड़ताल का असर इन पर भी देखने को मिलेगा। सब्जी मंडी में पंजाब, राजस्थान, दिल्ली से अधिकतर सब्जियां और फल आते हैं।
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वहीं ट्रक यूनियन ने भी इस बिल का विरोध करते हुए नारेबाजी की और कोई ट्रक व अन्य लोडिंग वाहन नहीं चलने दिए। साथ ही बिल को वापस लेने की मांग की। निजी बसें नहीं चलने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बस अड्डे पर बसों की कमी का असर देखा गया। यात्री घंटों बसों का इंतजार करते रहे। सरकारी बसों पर ही सफर करना पड़ा। सबसे ज्यादा दिक्कत रेवाड़ी, साल्हावास, बेरी, कलानौर, रोहतक जाने वाले यात्रियों को हुई।
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भाईचारा ट्रक यूनियन वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान मंगल गुलिया ने कहा कि विरोध में सभी ट्रकों को आज से बंद कर दिया है। सभी यूनियन ने सोमवार को मीटिंग कर निर्णय लिया है कि तीन जनवरी को मीटिंग कर डीसी को ज्ञापन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि तीन जनवरी को एनएच-71ए पर धरना, प्रदर्शन करेंगे और अनिश्चितकालीन धरना देंगे। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार ड्राइवरों के प्रति साफ्ट नहीं होगी और कानूनों में सुधार नहीं करेगी तो हड़ताल जारी रहेगी।
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सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। इसलिए वह मजबूरीबन सड़कों पर उतर रहे हैं। सभी ड्राइवरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आज के समय ड्राइवर और मोटर मालिक की हालत दयनीय है। गर्मी, सर्दी, धुंध में भी सामान पहुंचाते हैं, लेकिन उनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जाता। यह कानून फांसी से लटकाने वाला है। वहीं प्राइवेट बस चालक राजेश, अनिल, मुकेश, हरीश ने कहा कि यह कानून गलत है। हर घर में ड्राइवर है। हर किसी से हादसा हो सकता है। कोई जानबूझकर हादसा नहीं करता है। सरकार ने कानून बनाकर 10 साल सजा की बात कही है। कहा कि यदि ड्राइवर जेल चला गया तो उसके परिवार को कौन देखेगा। सरकार ने लाइसेंस बना रखे हैं। यदि लाइसेंस की कोई वेल्यू नहीं रहेगी तो इसे तोड़ दिया जाएगा।
इंसेट
एक-दो दिन का बचा है डीजल, पेट्राेल
यदि ड्राइवर हड़ताल पर जाते हैं तो इसका सीधा असर डीजल, पेट्रोल के अलावा गैस सप्लाई पर पड़ेगा। इसके अलावा सब्जियों व अन्य खाद्य पदार्थों की आपूर्ति भी असर देखने को मिलेगा। फिलहाल पेट्रोल पंपों पर दो से तीन दिन की सप्लाई है। यदि तीन जनवरी को हड़ताल अनिश्चितकालीन होती है तो सप्ताह के अंत में दिक्कत आएगी। इसी प्रकार से गैस सिलिंडरों की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है। फिलहाल कुछ दिन की सप्लाई है, लेकिन आने वाले दिनों में दिक्कत बढे़गी। अनाज मंडी में सोमवार को रूटीन में सब्जियां आईं, लेकिन ड्राइवरों की हड़ताल का असर इन पर भी देखने को मिलेगा। सब्जी मंडी में पंजाब, राजस्थान, दिल्ली से अधिकतर सब्जियां और फल आते हैं।