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Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Haryana Governor Bandaru Dattatreya reached Mata Bhimeshwari temple on Tuesday on Beri

Jhajjar: भीमेश्वरी मंदिर में पांडु पुत्र भीम की प्रतिमा ढूंढते रह गए राज्यपाल, लगवाने के लिए डीसी को दिए आदेश

Wed, 28 Jun 2023 07:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह विपिन कुमार बांगा, संवाद न्यूज एजेंसी, बेरी, झज्जर (हरियाणा)
विपिन कुमार बांगा, संवाद न्यूज एजेंसी, बेरी, झज्जर (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 28 Jun 2023 07:01 AM IST
सार

राज्यपाल बोले, जब मां भीमेश्वरी देवी को पांडु पुत्र भीम के नाम से जाना जाता है, लेकिन भीम की प्रतिमा नजर नहीं आ रही है। प्रतिमा लगवाने के लिए डीसी को दिए आदेश दिए गए हैं, ताकि भक्तों को मंदिर के इतिहास की सटीक जानकारी मिल सके। 

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Haryana Governor Bandaru Dattatreya reached Mata Bhimeshwari temple on Tuesday on Beri
मंदिर के बारे में जिला उपायुक्त से जानकारी लेते राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय मंगलवार को बेरी के मां भीमेश्वरी मंदिर पहुंचे। यहां उनकी आस्था ओर श्रद्धाभाव देखते ही बनती थी। राज्यपाल ने मां भीमेश्वरी को पोषाक अर्पण करते हुए उनकी पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर के इतिहास के बारे में आत्यधिक रुचि लेते हुए यहां दरबार मे आने वाले भक्तों की संख्या और चढ़ावे के बारे में भी जानकारी ली।
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राज्यपाल बोले, जब मां भीमेश्वरी देवी को पांडु पुत्र भीम के नाम से जाना जाता है, लेकिन भीम की प्रतिमा नजर नहीं आ रही है। हालांकि डीसी शक्ति सिंह ने अवगत करवाया कि पांडु पुत्र की प्रतिमा नहीं है। इतिहास के अनुसार जिस तालाब में भीम ने स्नान किया था, उसके सुंदरीकरण पर प्रशासन का पूरा ध्यान है।
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तब राज्यपाल बोले कि मंदिर में भीम की भव्य प्रतिमा लगाई जाए ताकि यहां आने वाले भक्तों को महाभारतकालीन इतिहास की जानकारी मिल सके। दत्तात्रेय ने मंदिर परिसर मे चल रहे विकास कार्य की जानकारी ली और मंदिर ट्रस्ट में एक महिला सदस्य को शामिल करने के लिए कहा।

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पुजारी कुलदीप वशिष्ठ ने राज्यपाल को विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पूरे देश में यह इकलौता मंदिर है जहां मां की मूर्ति एक और मंदिर दो हैं। अष्टधातु की मां की मूर्ति को मंगला आरती के समय बाहर लाते हैं और पूजन करते हैं। दोपहर में शयन के समय मां की मूर्ति अंदर वाले (गर्भगृह) मंदिर में ले जाते हैं। वहां शाम की आरती होती है।

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