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Jhajjar-Bahadurgarh News: एक अक्तूबर से ग्रैप प्रभावी होने की संभावना
Sun, 08 Sep 2024 05:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 08 Sep 2024 05:14 AM IST
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फोटो 66 : एक फैक्ट्री में लगा डीजी सेट।
बहादुरगढ़। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के आदेश पर हर साल की तरह इस साल भी 1 अक्तूबर से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) प्रभावी होने की संभावना है। ग्रैप प्रभावी होते ही उद्योगों में कई तरह की पाबंदियां लग जाएंगी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की टीमें सख्ती भी बरतेंगी।
इसी कड़ी में प्रदूषण फैलाने में अहम योगदान देने वाले डीजल जनरेटर (डीजी) सेट को लेकर भी और सख्ती बरती जाएगी। डीजी सेट को नियमों के अनुसार नहीं चलाने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसी के चलते यहां के उद्यमियों ने अपने डीजी सेट में आरईसीडी (रेट्रोफिटिड एमिशन कंट्रोल डिवाइस) व ड्यूल फ्यूल किट लगाने की प्रक्रिया फिर से तेज कर दी है।
1 अक्तूबर 2023 के बाद 19 किलोवाट से ज्यादा क्षमता वाले डीजी सेट में यह अनिवार्य है। कार्रवाई से बचने के लिए उद्यमी डीजी सेट में अप्रमाणित एजेंसियों से आरईसीडी और ड्यूल फ्यूल किट लगवा रहे हैं। इस तरह की काफी शिकायत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की गत दिनों हुई बैठक में सामने आई हैं, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को कनफेडरेशन आफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्री की बैठक में भी इसी तरह की बात सामने आई हैं।
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यहां पर भारत सरकार की अंतरराष्ट्रीय आटोमोटिव प्रोद्योगिकी केंद्र (आईसीएटी) से प्रमाणित आटोमोटो जेनसेट के प्रतिनिधि ने बहादुरगढ़ के उद्यमियों को आगाह किया है कि वे अपने डीजी सेट में सीएक्यूएम से प्रमाणित एजेंसी से ही किट लगवाए। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हजारों की संख्या में डीजी सेट हैं और प्रमाणित एजेंसियों के पास डीजी सेट में किट लगाने की मांग सिर्फ करीब 1500 की आई हैं तो इस पर सीपीसीबी ने भी चिंता जाहिर की है। इस पर संभावना जताई गई है कि इंडस्ट्री संचालक अपने डीजी सेट में अप्रमाणित एजेंसियों से किट लगवा रहे हैं। ऐसे में अप्रमाणित एजेंसियाें और किट लगवाने वाली इंडस्ट्री पर नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है।
डीजी सेट में किट लगवाने की मांग
एजेंसी मांग
एमएस चक्र इनोवेशन पुणे 740
एमएस पीआइ ग्रीन इनोवेशन पुणे 494
एमएस आटोमोटो जेनसेट दिल्ली 275
एमएस प्लाटिनो आटोमेटिव चेन्नई 50
एमएस मेक्समोक मोटर वर्क्स तमिलनाडु 10
एमएस वास्थी इंस्टरूमेंट हैदराबाद--
उद्यमी प्रमाणित एजेंसियों से लगवाएं किट
कनफेडरेशन आफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्री के प्रधान प्रवीण गर्ग ने बताया कि हमारी बैठक में पता चला है कि कुछ वेंडर डीजी सेट में किट लगा रहे हैं। ये किट तो प्रमाणित हैं लेकिन वेंडर अप्रमाणित बताए जा रहे हैं। ऐसे में उद्यमियों से हमने अपील की है कि वे किट के साथ-साथ किट लगाने वाले वेंडर का सर्टिफिकेट भी जांच कर लें। अगर अप्रमाणित वेंडर की किट लगी मिलती है तो उद्यमियों को विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में उद्यमियों को सावधान रहने की जरूरत है।
वर्जन
डीजी सेट में आरईसीडी व ड्यूल फ्यूल किट प्रमाणित एजेंसियों से ही लगवाए जाए। अगर कोई अप्रमाणित वेंडर डीजी सेट में इस तरह की किट लगाते हुए मिला या फिर किसी इंडस्ट्री में प्रमाणित एजेंसियों की बजाय दूसरी किट मिली तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -अमित दहिया, सहायक पर्यावरण अभियंता, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बहादुरगढ़।
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इसी कड़ी में प्रदूषण फैलाने में अहम योगदान देने वाले डीजल जनरेटर (डीजी) सेट को लेकर भी और सख्ती बरती जाएगी। डीजी सेट को नियमों के अनुसार नहीं चलाने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसी के चलते यहां के उद्यमियों ने अपने डीजी सेट में आरईसीडी (रेट्रोफिटिड एमिशन कंट्रोल डिवाइस) व ड्यूल फ्यूल किट लगाने की प्रक्रिया फिर से तेज कर दी है।
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1 अक्तूबर 2023 के बाद 19 किलोवाट से ज्यादा क्षमता वाले डीजी सेट में यह अनिवार्य है। कार्रवाई से बचने के लिए उद्यमी डीजी सेट में अप्रमाणित एजेंसियों से आरईसीडी और ड्यूल फ्यूल किट लगवा रहे हैं। इस तरह की काफी शिकायत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की गत दिनों हुई बैठक में सामने आई हैं, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को कनफेडरेशन आफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्री की बैठक में भी इसी तरह की बात सामने आई हैं।
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यहां पर भारत सरकार की अंतरराष्ट्रीय आटोमोटिव प्रोद्योगिकी केंद्र (आईसीएटी) से प्रमाणित आटोमोटो जेनसेट के प्रतिनिधि ने बहादुरगढ़ के उद्यमियों को आगाह किया है कि वे अपने डीजी सेट में सीएक्यूएम से प्रमाणित एजेंसी से ही किट लगवाए। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हजारों की संख्या में डीजी सेट हैं और प्रमाणित एजेंसियों के पास डीजी सेट में किट लगाने की मांग सिर्फ करीब 1500 की आई हैं तो इस पर सीपीसीबी ने भी चिंता जाहिर की है। इस पर संभावना जताई गई है कि इंडस्ट्री संचालक अपने डीजी सेट में अप्रमाणित एजेंसियों से किट लगवा रहे हैं। ऐसे में अप्रमाणित एजेंसियाें और किट लगवाने वाली इंडस्ट्री पर नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है।
डीजी सेट में किट लगवाने की मांग
एजेंसी मांग
एमएस चक्र इनोवेशन पुणे 740
एमएस पीआइ ग्रीन इनोवेशन पुणे 494
एमएस आटोमोटो जेनसेट दिल्ली 275
एमएस प्लाटिनो आटोमेटिव चेन्नई 50
एमएस मेक्समोक मोटर वर्क्स तमिलनाडु 10
एमएस वास्थी इंस्टरूमेंट हैदराबाद
उद्यमी प्रमाणित एजेंसियों से लगवाएं किट
कनफेडरेशन आफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्री के प्रधान प्रवीण गर्ग ने बताया कि हमारी बैठक में पता चला है कि कुछ वेंडर डीजी सेट में किट लगा रहे हैं। ये किट तो प्रमाणित हैं लेकिन वेंडर अप्रमाणित बताए जा रहे हैं। ऐसे में उद्यमियों से हमने अपील की है कि वे किट के साथ-साथ किट लगाने वाले वेंडर का सर्टिफिकेट भी जांच कर लें। अगर अप्रमाणित वेंडर की किट लगी मिलती है तो उद्यमियों को विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में उद्यमियों को सावधान रहने की जरूरत है।
वर्जन
डीजी सेट में आरईसीडी व ड्यूल फ्यूल किट प्रमाणित एजेंसियों से ही लगवाए जाए। अगर कोई अप्रमाणित वेंडर डीजी सेट में इस तरह की किट लगाते हुए मिला या फिर किसी इंडस्ट्री में प्रमाणित एजेंसियों की बजाय दूसरी किट मिली तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -अमित दहिया, सहायक पर्यावरण अभियंता, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बहादुरगढ़।