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Jhajjar-Bahadurgarh News: हरियाली के दोस्त, सुधारने में जुटे हवा की सेहत
Wed, 05 Jun 2024 04:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 05 Jun 2024 04:27 AM IST
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बहादुरगढ़। अपने शहर में ऐसे कई सजग प्रहरी हैं, जिन्होंने हरियाली से दोस्ती की और हवा की सेहत सुधारने में सहयोगी बनें। इनका मानना है कि पर्यावरण को बचाने की खुद से शुरूआत करनी होगी। हरियाली के लिए जरूरी नहीं कि पार्क और खेत हों। गली, डिवाइडर, रोड, खाली जमीन पर पौधे लगाकर धरा को हरा-भरा किया जा सकता है। शहर में इसी तरह की हरियाली को बढ़ावा देने में लगे हैं कई सामाजिक कार्यकर्ता और कई विभागों से सेवानिवृत्त हुए लोग।
पेड की टहनी भी टूटती है तो होता है दर्द : मलिक
पर्यावरण संरक्षण के नाम पर केवल सरकारी अनुदान की उम्मीद करने वाले सामाजिक संगठनों के लिए मॉडल टाउन बहादुरगढ़ के निवासी सतपाल मलिक शास्त्री जी मिसाल बनकर उभरे हैं। संस्कृत में एमए और बीएड सत्यपाल मलिक दिल्ली के शिक्षा विभाग में बतौर पीजीटी अध्यापक कार्यरत थे। वर्ष 2016 में वह दिल्ली के रानीखेड़ा स्कूल से वाइस प्रिंसिपल सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने रानीखेड़ा के सरकारी स्कूल की वीरान भूमि को भी हरा-भरा कर दिया था। इसके बाद से ही वे यहां पौधों को वृक्ष बनाने में जुटे हुए हैं। इन्होंने न केवल लोगों को पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया, बल्कि पौधों की नियमित सिंचाई करने के साथ-साथ उनकी निराई-गुड़ाई के साथ-साथ रखवाली भी की। रेलवे रोड स्थित ब्रिगेडियर होशियार सिंह स्टेडियम के वीराने को हरियाली में बदल दिया है। हाई स्कूल की सरकारी जमीन पर सत्यपाल सिंह मलिक ने 200 से अधिक पौधे लगाए और उन्हें पाल पोसकर वृक्ष के रूप में तैयार किया। अगर किसी पेड़ की कोई एक टहनी भी टूट जाती है तो उन्हें दर्द होता है।
एसडीओ पद से सेवानिवृत्ति के बाद पर्यावरण के लिए समर्पित
विद्युत निगम में एसडीओ के पद से 2022 में सेवानिवृत्त होने के बाद सेक्टर-6 निवासी मुकेश शर्मा ने अपना जीवन पर्यावरण के लिए समर्पित कर दिया। मुकेश शर्मा ने पहले सरकारी नौकरी के माध्यम से समाज सेवा की और अब तन मन से पेड़ पौधों की सेवा कर रहें हैं। सेवानिवृति के बाद उन्होंने सेक्टर-2 पार्क, सेक्टर-6 पार्क, सामुदायिक भवन, देवीलाल पार्क व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर 100 से अधिक पौधे लगाए हैं। इनकी देखभाल वे लगातार कर रहे हैं। पेड़ पौधों का वे बच्चे की तरह पालन पोषण कर रहें हैं। शर्मा ने कहा कि वे स्वयं पौधों की देखभाल करते हैं और जरूरत के अनुसार पेड़ों पर दवा का छिड़काव भी करते हैं।
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सामाजिक कार्यकर्ता सतीश शर्मा भी जुटे हैं पर्यावरण सुधारने में
लाइनपार की वत्स कॉलोनी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता सतीश शर्मा भी पर्यावरण सुधारने में जुटे हैं। पिछले कई वर्षों से लगातार अलग-अलग स्थानों पर पौधे लगा रहे हैं। अब तक 150 से अधिक पौधे लगा चुके हैं। रोजाना देखभाल भी करते हैं। उन्होंने कहा कि जो पौधे उन्होंने लगाए थे अब वे वृक्ष का रूप धारण कर चुके हैं।
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पेड की टहनी भी टूटती है तो होता है दर्द : मलिक
पर्यावरण संरक्षण के नाम पर केवल सरकारी अनुदान की उम्मीद करने वाले सामाजिक संगठनों के लिए मॉडल टाउन बहादुरगढ़ के निवासी सतपाल मलिक शास्त्री जी मिसाल बनकर उभरे हैं। संस्कृत में एमए और बीएड सत्यपाल मलिक दिल्ली के शिक्षा विभाग में बतौर पीजीटी अध्यापक कार्यरत थे। वर्ष 2016 में वह दिल्ली के रानीखेड़ा स्कूल से वाइस प्रिंसिपल सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने रानीखेड़ा के सरकारी स्कूल की वीरान भूमि को भी हरा-भरा कर दिया था। इसके बाद से ही वे यहां पौधों को वृक्ष बनाने में जुटे हुए हैं। इन्होंने न केवल लोगों को पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया, बल्कि पौधों की नियमित सिंचाई करने के साथ-साथ उनकी निराई-गुड़ाई के साथ-साथ रखवाली भी की। रेलवे रोड स्थित ब्रिगेडियर होशियार सिंह स्टेडियम के वीराने को हरियाली में बदल दिया है। हाई स्कूल की सरकारी जमीन पर सत्यपाल सिंह मलिक ने 200 से अधिक पौधे लगाए और उन्हें पाल पोसकर वृक्ष के रूप में तैयार किया। अगर किसी पेड़ की कोई एक टहनी भी टूट जाती है तो उन्हें दर्द होता है।
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एसडीओ पद से सेवानिवृत्ति के बाद पर्यावरण के लिए समर्पित
विद्युत निगम में एसडीओ के पद से 2022 में सेवानिवृत्त होने के बाद सेक्टर-6 निवासी मुकेश शर्मा ने अपना जीवन पर्यावरण के लिए समर्पित कर दिया। मुकेश शर्मा ने पहले सरकारी नौकरी के माध्यम से समाज सेवा की और अब तन मन से पेड़ पौधों की सेवा कर रहें हैं। सेवानिवृति के बाद उन्होंने सेक्टर-2 पार्क, सेक्टर-6 पार्क, सामुदायिक भवन, देवीलाल पार्क व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर 100 से अधिक पौधे लगाए हैं। इनकी देखभाल वे लगातार कर रहे हैं। पेड़ पौधों का वे बच्चे की तरह पालन पोषण कर रहें हैं। शर्मा ने कहा कि वे स्वयं पौधों की देखभाल करते हैं और जरूरत के अनुसार पेड़ों पर दवा का छिड़काव भी करते हैं।
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सामाजिक कार्यकर्ता सतीश शर्मा भी जुटे हैं पर्यावरण सुधारने में
लाइनपार की वत्स कॉलोनी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता सतीश शर्मा भी पर्यावरण सुधारने में जुटे हैं। पिछले कई वर्षों से लगातार अलग-अलग स्थानों पर पौधे लगा रहे हैं। अब तक 150 से अधिक पौधे लगा चुके हैं। रोजाना देखभाल भी करते हैं। उन्होंने कहा कि जो पौधे उन्होंने लगाए थे अब वे वृक्ष का रूप धारण कर चुके हैं।