फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Farmers will stand on Tikri border till the final decision of SKM

टीकरी बॉर्डर पर एसकेएम के अंतिम फैसले तक डटे रहेंगे किसान

Fri, 03 Dec 2021 01:36 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 03 Dec 2021 01:36 AM IST
विज्ञापन
Farmers will stand on Tikri border till the final decision of SKM
सभा में मौजूद आंदोलनकारी किसान। - फोटो : Bahadurgarh
बहादुरगढ़। तीन कृषि कानूनों के वापसी होने के बाद आंदोलन शीघ्र खत्म होने की चर्चाओं के बीच हजारों आंदोलनकारी किसान टीकरी बॉर्डर पड़ाव में डटे हुए हैं। सभी 4 दिसंबर शनिवार को सिंघू बार्डर पर होने वाली संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की बैठक में लिए जाने वाले निर्णयों का इंतजार कर रहे हैं। वीरवार को भी किसान नेताओं ने मोर्चा के अंतिम फैसले तक डटे रहने का आह्वान किया।
विज्ञापन

किसान आंदोलनकारियों के टीकरी बॉर्डर पड़ाव में दोनों प्रमुख बैठकें हुईं। इस दौरान नयागांव के पकौड़ा चौक के पास भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) और संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों की बैठक हुई। टीकरी बॉर्डर सभा में कुल हिंद किसान सभा के प्रधान कुलवंत सिंह मौलवी वाला ने कहा कि हमारे आंदोलन को एक साल पूरा हो चुका है। हमारी जीत हो चुकी है। अभी एमएसपी बाकी है। अब आंदोलन चलाने के संबंध में संयुक्त किसान मोर्चा जो फैसला देगा, उस पर हम फूल चढ़ाएंगे। बीकेयू राजेवाल के प्रधान परगट सिंह तलवंडी ने कहा कि 4 दिसंबर को एसकेएम की मीटिंग में हम अंतिम फैसला लेंगे, तब तक बॉर्डर पर डटे रहो।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि एक साल से पहले हमने हमने पंजाब में रेल रोकी, रोड जाम किए। उसके बाद दिल्ली की ओर कूच किया। अब जाकर हमें जीत मिली है। उन्होंने कहा कि किसान महाराजा रणजीत सिंह के वारिस हैं, जो पीछे नहीं हटते। हरियाणा के लोगों ने पूरा साथ दिया। 26 जनवरी को इस सरकार ने आंदोलन को खराब करना चाहा, फिर भी मोर्चा के नेताओं ने प्रयास करके शांति बनाए रखी। कुल हिंद किसान सभा के नेता बलकरण सिंह बराड़ ने कहा कि इस आंदोलन ने यह साबित कर दिया है कि किसानों में एकता है। बीकेयू डकोंदा के पंजाब राज्य प्रधान बलदेव सिंह भाई रूपा ने कहा कि इस आंदोलन में कोई बड़ी परेशानी आने पर भी हमने आराम से बैठकर उसका हल निकाल लिया, यह बड़ी बात है।
विज्ञापन
विज्ञापन

‘अब एमएसपी लेकर ही जाएंगे’
टीकरी बॉर्डर पर आयोजित बैठक में जम्हूरी किसान सभा के प्रधान अमरीक सिंह फबड़े भाईके ने कहा कि हम लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे हैं। अब एमएसपी लेकर ही जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार डब्लूटीओ के समझौते से बाहर हो जाए तभी किसानों का भला हो सकता है। ऑल इंडिया किसान सभा रोहतक के इंद्रजीत सिंह ने कहा कि हमारे आंदोलन के साथ भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद हैं। इसलिए हम पीछे नहीं मुड़े। उन्होंने कहा कि किसानों पर 45000 मुकदमे दर्ज हैं। ये सभी मुकदमे वापस लेने पड़ेंगे। बीकेयू जींद के जियालाल व रमेश ढुल पाई (कैथल) ने भी सभा में विचार व्यक्त किए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed