फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Farmers protesting on Tikari border celebrated Mujara Lehar Sangharsh Day

टीकरी बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों ने मनाया मुजारा लहर संघर्ष दिवस

Sat, 20 Mar 2021 12:13 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 20 Mar 2021 12:13 AM IST
विज्ञापन
Farmers protesting on Tikari border celebrated Mujara Lehar Sangharsh Day
तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर टीकरी बॉर्डर पर धरनारत किसानों ने शुक्रवार को मुजारा लहर संघर्ष दिवस मनाया। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आंदोलनकारी किसानों ने शुक्रवार को मंडियों में प्रदर्शन किया। उन्होंने मार्केट कमेटी के अधिकारियों के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने कहा कि यह दिन किसानों ने मुजारा लहर दिवस के रूप में मनाने के लिए घोषित कर रखा है।
विज्ञापन

बता दें कि 1920 के दशक में पट्टेदार किसानों ने राजाओं, जमींदारों व ब्रिटिश अधिकारियों से भूमि स्वामित्व के अधिकार पाने के लिए आंदोलन किया था। उस आंदोलन को मुजारा आंदोलन के नाम से जाना जाता है। उसी की याद में 19 मार्च को यह दिवस मनाने की घोषण की गई थी। एक दिन पहले किसानों ने 26 मार्च के भारत बंद को लेकर विभिन्न संगठनों के साथ एक बैठक भी की थी। यह बैठक टीकरी बॉर्डर पर हुई थी। इसमें आगामी गतिविधियों को लेकर चर्चा की गई। साथ ही इस बंद को सफल बनाने के लिए नई रणनीति भी बनाई गई। 23 मार्च को दिल्ली के बॉर्डर पर आंदोलनरत किसान शहीदी दिवस मनाएंगे। इस दिन युवाओं को आंदोलन का मंच सौंपा जाएगा। 26 मार्च को पूर्ण भारत बंद के आह्वान के बाद 28 मार्च को होली पर्व के दिन तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां जलाई जाएंगी।
विज्ञापन

उल्लेखनीय है कि किसानों ने लोहड़ी पर्व पर भी तीनों कृषि कानूनों के विरोध में उक्त कानून की प्रतियां जलाई थीं। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने भी एफसीआई द्वारा गेहूं की फसल को खरीदने के लिए लगाई गई नाजायज शर्तों का कड़ा विरोध किया। संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण मांडोठी ने कहा कि इन नाजायज शर्तों को हटाने के लिए प्रधानमंत्री के नाम ई-मेल के जरिये एक ज्ञापन भी भेजा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बॉर्डर पर जारी रही किसान सभा
पिछले साढ़े तीन माह से अधिक समय से दिल्ली की सीमा पर किसान धरना देकर बैठे हैं। दिल्ली बहादुरगढ़ को जोड़ने वाले टीकरी बॉर्डर पर भी किसान गत वर्ष 27 नवंबर से धरना दे रहे हैं। जो शांतिपूर्ण तरीके से अभी जारी है। आए दिन यहां पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश व पश्चिम बंगाल सहित अन्य सूबों से किसान पहुंचकर आंदोलनरत किसानों को अपना समर्थन दे रहे हैं। साथ में यहां हाने वाली किसान सभाओं में बैठकर किसान नेताओं के विचार सुनते हैं और आंदोलन को तेज करने की रणनीति में अपनी प्रमुख भागीदारी निभा रहे हैं। शुक्रवार को भी टीकरी बॉर्डर पर किसानों की सभा जा रही। इसमें आंदोलन के दौरान आगामी रणनीतियों को सफल बनाने को लेकर मंथन होता रहा।

भूख हड़ताल कर किसानों ने जताया रोष
कृषि कानूनों के खिलाफ और एमएसपी को कानूनी दर्जा दिलाने के लिए आंदोलनकारी किसानों ने धरने के 113वें दिन एक दिवसीय भूखहड़ताल की। किसानों ने रोष स्वरूप कहा कि सरकार अड़ियल रवैया अपना रही है और हठधर्मिता पर अड़ी है। एक दिवसीय भूख हड़ताल में धौलियां खुर्द से बिट्टू प्रधान, पवन, दीप सिंह, जगजीवन, गुरवीर सिंह, अमृत पाल सिंह, मलकीत सिंह, अमनजीत, बलबीर, स्वर्ण सिंह व अमरजीत बैठे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed