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किसान न डरेंगे और न हटेंगे, हक लेकर रहेंगे : सांगवान
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बादली। ढांसा बॉर्डर पर किसानों का धरना वीरवार को भी जारी रहा। किसानों को संबोधित करते हुए चरखी दादरी से निर्दलीय विधायक सोमबीर सांगवान ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को डराकर आंदोलन को समाप्त करने के लिए प्रयासरत है, लेकिन किसान किसी भी सूरत में सरकार की मंशा को पूरा नहीं होने देंगे। दिनोंदिन आंदोलन स्थल पर किसानों की संख्या बढ़ती जाएगी। हम न कोरोना से डरेंगे और न ही सरकार के दबाव में आंदोलन से पीछे हटेंगे। आंदोलन को तीनों कानूनों के रद्द होने और एमएसपी पर कानून बनाए जाने के बाद छोड़ा ही जाएगा।
विधायक सांगवान ने कहा कि सरकार के इशारे पर हिसार में किसानों पर किया लाठीचार्ज निंदनीय व भर्त्सनापूर्ण कार्य है। सरकार को मामले में संज्ञान में लेते हुए किसानों से माफी मांगनी चाहिए और किसानों की मांगों को पूरा करना चाहिए। आंदोलन में अब किसानों की संख्या बढ़ने लगी है, जिसका कारण खेतीबाड़ी का कामकाज पूरा होना है। महिलाओं के साथ-साथ अब युवाओं की भागीदारी होने लगी है। उन्होंने कहा कि आंदोलन हर वर्ग से जुड़ा है। इसमें श्रमिक भी शामिल हैं। सरकारी कर्मचारी और निजी कंपनियों के कर्मचारियों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है।
इससे पहले सभा की अध्यक्षता करते हुए गुलिया खाप के प्रधान विनोद बादली ने कहा कि आंदोलन को हर वर्ग का सहयोग और समर्थन मिला है, जिससे किसानों की ताकत दोगुनी हो गई है। दिल्ली किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र डागर, बेदन ठेकेदार, हिम्मल पहलवान, सरजीत गुलिया, प्रीतम कुकड़ोला, कपूरी सिंह, धर्मेंद्र सुरहेड़ा और हेमचंद्र ने भी किसानों को संबोधित किया और सरकार से तीनों नए केंद्रीय कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की।
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विधायक सांगवान ने कहा कि सरकार के इशारे पर हिसार में किसानों पर किया लाठीचार्ज निंदनीय व भर्त्सनापूर्ण कार्य है। सरकार को मामले में संज्ञान में लेते हुए किसानों से माफी मांगनी चाहिए और किसानों की मांगों को पूरा करना चाहिए। आंदोलन में अब किसानों की संख्या बढ़ने लगी है, जिसका कारण खेतीबाड़ी का कामकाज पूरा होना है। महिलाओं के साथ-साथ अब युवाओं की भागीदारी होने लगी है। उन्होंने कहा कि आंदोलन हर वर्ग से जुड़ा है। इसमें श्रमिक भी शामिल हैं। सरकारी कर्मचारी और निजी कंपनियों के कर्मचारियों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है।
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इससे पहले सभा की अध्यक्षता करते हुए गुलिया खाप के प्रधान विनोद बादली ने कहा कि आंदोलन को हर वर्ग का सहयोग और समर्थन मिला है, जिससे किसानों की ताकत दोगुनी हो गई है। दिल्ली किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र डागर, बेदन ठेकेदार, हिम्मल पहलवान, सरजीत गुलिया, प्रीतम कुकड़ोला, कपूरी सिंह, धर्मेंद्र सुरहेड़ा और हेमचंद्र ने भी किसानों को संबोधित किया और सरकार से तीनों नए केंद्रीय कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की।
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