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किसानों ने जलाईं कृषि कानूनों की प्रतियां
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ढांसा बॉर्डर पर होली में जलाई गई कृषि कानूनों की प्रतियां।
- फोटो : Bahadurgarh
बहादुरगढ़/बादली। आंदोलनकारी किसानों ने रविवार को होली की आग में तीन कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं। किसानों ने कहा कि सरकार ने ये कानून बना भले ही दिए, लेकिन हम इन कानूनों को मरते दम तक नहीं मानेंगे।
टीकरी बॉर्डर, ढांसा बॉर्डर और रोहद टोल प्लाजा पर रविवार को भी किसानों का धरना जारी रहा। टीकरी बॉर्डर पर मुख्य सभा में किसान नेताओं ने कहा कि हमें अपने त्योहार घरों से बाहर दिल्ली की सीमाओं पर मनाने में कोई कठिनाई नहीं है, लेकिन सरकार को कानून तो वापस लेने ही होंगे। एमएसपी के लिए भी स्थायी प्रावधान करना होगा। टीकरी बॉर्डर व ढांसा बॉर्डर समेत कई स्थानों पर होली की अग्नि में तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां जलाई गईं। रोहद टोल प्लाजा पर किसान सभा के नेता कैप्टन शमशेर सिंह मलिक और राठी रूहिल खाप के प्रमुख लोगों ने धरने पर बैठे किसानों को संबोधित किया। टीकरी बॉर्डर पर भाजपा और जजपा नेताओं के पुतले भी जलाए गए। ढांसा बॉर्डर सभा में विनोद गुलिया समेत कई किसान नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
किसानों ने चलाया सफाई अभियान
किसानों ने टीकरी बॉर्डर से बहादुरगढ़ के नए बस स्टैंड तक सफाई अभियान चलाया। इसमें एक साथ 300 से अधिक आंदोलनकारियों ने भाग लिया। किसानों ने बहादुरगढ़ प्रशासन से आंदोलनकारियों के पड़ाव में नियमित रूप से सफाई करवाने और बिजली पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
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ढांसा बॉर्डर पर किसानों का धरना 112वें दिन में प्रवेश कर गया। धरने की अध्यक्षता विनोद गुलिया अध्यक्ष गुलिया खाप ने की। गुलिया ने बताया कि केंद्र सरकार की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ किया गया। उन्होंने कहा कि भगवान केंद्र सरकार को सद्बुद्धि प्रदान करें ताकि किसानों को बर्बाद होने से बचाया जा सके। बाद में धरने पर होलिका दहन किया गया। होली की अग्नि में तीनों कानूनों की प्रतियां भी जलाई गई। किसानों ने अपना संकल्प दोहराया कि जब तक बिल वापस नहीं होंगे तब तक हमारा आंदोलन वापस नहीं होगा। अखिल भारतीय किसान सभा के जिला अध्यक्ष जय प्रकाश बैनीवाल, वीरेंद्र डागर अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन दिल्ली प्रदेश, रामनिवास यादव गांव देवरखाना, बेद पाल ठेकेदार, हिम्मल पहलवान, राज सिंह डागर, धर्मेंद्र यादव व काला नंबरदार सहित सभी वक्ताओं ने आंदोलन को मजबूत बनाने की अपील की।
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टीकरी बॉर्डर, ढांसा बॉर्डर और रोहद टोल प्लाजा पर रविवार को भी किसानों का धरना जारी रहा। टीकरी बॉर्डर पर मुख्य सभा में किसान नेताओं ने कहा कि हमें अपने त्योहार घरों से बाहर दिल्ली की सीमाओं पर मनाने में कोई कठिनाई नहीं है, लेकिन सरकार को कानून तो वापस लेने ही होंगे। एमएसपी के लिए भी स्थायी प्रावधान करना होगा। टीकरी बॉर्डर व ढांसा बॉर्डर समेत कई स्थानों पर होली की अग्नि में तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां जलाई गईं। रोहद टोल प्लाजा पर किसान सभा के नेता कैप्टन शमशेर सिंह मलिक और राठी रूहिल खाप के प्रमुख लोगों ने धरने पर बैठे किसानों को संबोधित किया। टीकरी बॉर्डर पर भाजपा और जजपा नेताओं के पुतले भी जलाए गए। ढांसा बॉर्डर सभा में विनोद गुलिया समेत कई किसान नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
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किसानों ने चलाया सफाई अभियान
किसानों ने टीकरी बॉर्डर से बहादुरगढ़ के नए बस स्टैंड तक सफाई अभियान चलाया। इसमें एक साथ 300 से अधिक आंदोलनकारियों ने भाग लिया। किसानों ने बहादुरगढ़ प्रशासन से आंदोलनकारियों के पड़ाव में नियमित रूप से सफाई करवाने और बिजली पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
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ढांसा बॉर्डर पर किसानों का धरना 112वें दिन में प्रवेश कर गया। धरने की अध्यक्षता विनोद गुलिया अध्यक्ष गुलिया खाप ने की। गुलिया ने बताया कि केंद्र सरकार की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ किया गया। उन्होंने कहा कि भगवान केंद्र सरकार को सद्बुद्धि प्रदान करें ताकि किसानों को बर्बाद होने से बचाया जा सके। बाद में धरने पर होलिका दहन किया गया। होली की अग्नि में तीनों कानूनों की प्रतियां भी जलाई गई। किसानों ने अपना संकल्प दोहराया कि जब तक बिल वापस नहीं होंगे तब तक हमारा आंदोलन वापस नहीं होगा। अखिल भारतीय किसान सभा के जिला अध्यक्ष जय प्रकाश बैनीवाल, वीरेंद्र डागर अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन दिल्ली प्रदेश, रामनिवास यादव गांव देवरखाना, बेद पाल ठेकेदार, हिम्मल पहलवान, राज सिंह डागर, धर्मेंद्र यादव व काला नंबरदार सहित सभी वक्ताओं ने आंदोलन को मजबूत बनाने की अपील की।