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पंजाब से आए किसानों ने ढांसा बॉर्डर पर किया भंगड़ा
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बादली। गुलिया एवं सर्वखाप की ओर से ढांसा बॉर्डर पर धरना चल रहा धरना शुक्रवार को 46वें दिन में प्रवेश कर गया। पंजाब से बादली में पहुंचे किसानों ने न केवल सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की बल्कि भंगड़ा प्रस्तुत किया। किसान आंदोलन के धरने की अध्यक्षता विनोद गुलिया ने की।
धरने को संबोधित करते हुए महम से पूर्व विधायक बाली पहलवान ने कहा कि केंद्र सरकार के साथ किसान संयुक्त मोर्चा की बातचीत चल रही। केंद्र सरकार लगातार टालमटोल कर रही हैं। किसानों की एक ही मांग है कि तीनों कानून वापस ले और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी का कानून बने।
किसान नेता रामचंद्र यादव ने मंच संचालन करते हुए बताया कि 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर बड़ा कार्यक्रम ढांसा बॉर्डर पर किया जाएगा। विनोद गुलिया ने कहा कि केंद्र सरकार अपनी हठ को छोड़ 26 जनवरी को किसान परेड निकलने की इजाजत दे। शांतिपूर्वक किसान परेड निकालेंगे। धरने को साबका पूर्व सैनिक संघर्ष समिति के राष्ट्रीय सलाहकार सरदार सूबेदार गोसल व सरदार मोहिन्दर सिंह ने संबोधित किया।
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नेताओं का कहना था कि भूतपूर्व सैनिक किसान आंदोलन की अगली पंक्तियों में रहेंगे। हमारे ऊपर आतंकवादी होने का आरोप सरकार लगा रही हैं। हमने देश की रक्षा के लिए जान की बाजी लगाई है। आज जब किसान को गुलाम बनाने की तैयारी चल रही हैं तो हम चुप कैसे बैठ सकते है। धरने को महम चोबीसी के पूर्व विधायक बाली पहलवान ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसान आंदोलन के अनुशासन के सामने झुक गई है। केंद्र सरकार को कोई रास्ता दिखाई नहीं दे रहा है। हमारी मांग मानना ही एकमात्र विकल्प है। धरने पर माछरौली गांव का जत्था पहुंचा। माछरौली गांव वासियों ने तन-मन-धन से किसान आंदोलन को सहयोग देने का भरोसा दिलाया। धरने को मुख्य रूप से अखिल भारतीय किसान सभा के जिला अध्यक्ष जय प्रकाश बेनीवाल, वीरेंद्र डागर, एडवोकेट सतबीर गुलिया, मजदूर नेता सरजीत जहांगीरपुर, सुरेंद्र मालिक, प्रीतम कुकडोला, जय भगवान गुलिया, मास्टर प्रमोद चाहर सिलाना ने भी संबोधित किया।
किसान एकता के लगाए नारे
बादली में चल रहे किसान आंदोलन के दौरान पंजाब के किसान पहुंचे। उन्होंने यहां किसानों का हौसला देखकर उनके साथ जमकर भंगड़ा किया। उन्होंने किसान एकता के नारे लगाए और हरियाणा के किसानों का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से हरियाणा के किसानों का उन्हें सहयोग मिला है उससे वह संतुष्ट है। इस दौरान उन्होंने हरियाणा पंजाब भाईचारा एकता जिंदाबाद के नारे भी लगाए।
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धरने को संबोधित करते हुए महम से पूर्व विधायक बाली पहलवान ने कहा कि केंद्र सरकार के साथ किसान संयुक्त मोर्चा की बातचीत चल रही। केंद्र सरकार लगातार टालमटोल कर रही हैं। किसानों की एक ही मांग है कि तीनों कानून वापस ले और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी का कानून बने।
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किसान नेता रामचंद्र यादव ने मंच संचालन करते हुए बताया कि 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर बड़ा कार्यक्रम ढांसा बॉर्डर पर किया जाएगा। विनोद गुलिया ने कहा कि केंद्र सरकार अपनी हठ को छोड़ 26 जनवरी को किसान परेड निकलने की इजाजत दे। शांतिपूर्वक किसान परेड निकालेंगे। धरने को साबका पूर्व सैनिक संघर्ष समिति के राष्ट्रीय सलाहकार सरदार सूबेदार गोसल व सरदार मोहिन्दर सिंह ने संबोधित किया।
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नेताओं का कहना था कि भूतपूर्व सैनिक किसान आंदोलन की अगली पंक्तियों में रहेंगे। हमारे ऊपर आतंकवादी होने का आरोप सरकार लगा रही हैं। हमने देश की रक्षा के लिए जान की बाजी लगाई है। आज जब किसान को गुलाम बनाने की तैयारी चल रही हैं तो हम चुप कैसे बैठ सकते है। धरने को महम चोबीसी के पूर्व विधायक बाली पहलवान ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसान आंदोलन के अनुशासन के सामने झुक गई है। केंद्र सरकार को कोई रास्ता दिखाई नहीं दे रहा है। हमारी मांग मानना ही एकमात्र विकल्प है। धरने पर माछरौली गांव का जत्था पहुंचा। माछरौली गांव वासियों ने तन-मन-धन से किसान आंदोलन को सहयोग देने का भरोसा दिलाया। धरने को मुख्य रूप से अखिल भारतीय किसान सभा के जिला अध्यक्ष जय प्रकाश बेनीवाल, वीरेंद्र डागर, एडवोकेट सतबीर गुलिया, मजदूर नेता सरजीत जहांगीरपुर, सुरेंद्र मालिक, प्रीतम कुकडोला, जय भगवान गुलिया, मास्टर प्रमोद चाहर सिलाना ने भी संबोधित किया।
किसान एकता के लगाए नारे
बादली में चल रहे किसान आंदोलन के दौरान पंजाब के किसान पहुंचे। उन्होंने यहां किसानों का हौसला देखकर उनके साथ जमकर भंगड़ा किया। उन्होंने किसान एकता के नारे लगाए और हरियाणा के किसानों का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से हरियाणा के किसानों का उन्हें सहयोग मिला है उससे वह संतुष्ट है। इस दौरान उन्होंने हरियाणा पंजाब भाईचारा एकता जिंदाबाद के नारे भी लगाए।