फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Farmers celebrated Turban Handle Day at Tiki Border

टीकरी बॉर्डर पर किसानों ने मनाया पगड़ी संभाल दिवस

Wed, 24 Feb 2021 01:37 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 24 Feb 2021 01:37 AM IST
विज्ञापन
Farmers celebrated Turban Handle Day at Tiki Border
टीकरी बॉर्डर पर सभा में अपने नेताओं के विचार सुनते किसान। संवाद - फोटो : Bahadurgarh
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सरदार अजीत सिंह और स्वामी सहजानंद सरस्वती का जन्मदिवस 23 फरवरी को पगड़ी संभाल दिवस के रूप में मनाया गया। किसान मजदूर जत्थेबंदी ने टीकरी बॉर्डर पर सभा का आयोजन कर पगड़ी संभाल जट्टा आंदोलन को समर्पित किया। कृषि कानूनों को निरस्त करने, एमएसपी को अधिनियमित करने की मांग की। किसानों ने शान के साथ रंग बिरंगी पगड़ियां पहनीं। रोहद टोल प्लाजा पर शहीद भगत सिंह की भांजी गुरजीत कौर ने आंदोलनकारियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि किसानों की एकता आंदोलन को सफलता अवश्य दिलाएगी। टीकरी बार्डर पर पंजाब के युवाओं ने पगड़ी संभाल जट्टा एकांकी नाटक पेश किया।
विज्ञापन

किसान नेता परगट सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने ऐसे कानून बनाकर अंग्रेजों की तर्ज पर पूंजीपतियों के लिए किसानों की जमीन को जब्त करने की साजिश तैयार की है। शहीद भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह और लाला लाजपत राय के नेतृत्व में किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ एक किसान आंदोलन शुरू किया गया था, जिसमें 6 मई 1907 को अजीत सिंह और लाला लाजपत राय को जेल भेज दिया गया था। नवंबर 1907 में आंदोलन से घबराई ब्रिटिश सरकार ने तीनों कानूनों को वापस लेने के साथ किसान नेताओं को रिहा कर दिया था। यह आंदोलन 9 महीने तक चला था और इस विजयी आंदोलन को पगड़ी संभाल जट्टा आंदोलन के रूप में जाना गया। इस मौके पर मंच पर शहीद भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह का चित्र लगाया गया था। किसानों ने कृषि कानून रद्द करो, किसान मजदूर एकता जिंदाबाद, किसानों की लूट और कॉरपोरेट को छूट नहीं चलेगी, बिजली बिल 2020 वापस लो और इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि ब्रिटिश सरकार की तरह, मोदी सरकार को कृषि कानूनों को निरस्त करना होगा। 23 फसलों की खरीद की गारंटी वाला कानून बनाना होगा। किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को धरने उठाने की धमकी दे रही है। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी की आड़ में किसानों को जारी किए जा रहे पर्चे रद्द किए जाएं और सभी जेलों में बंद किसानों और युवाओं को रिहा किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के नेता रामकंवार व उजाला सिंह ने बताया कि अंग्रेजी राज में इन दोनों नेताओं ने किसानों की लूट के खिलाफ बड़े संघर्ष किए थे। प्रदेश सचिव जयकरण मांडोठी ने कहा कि उन्होंने लगान, आबियाना टैक्स और मंडियों में होने वाली लूट के खिलाफ किसानों को लामबंद किया था। आज भी अंग्रेजी राज की तर्ज पर किसानों की लूट जारी है। किसान व आम जनों के खिलाफ वैसे ही कानून लागू कर दिए हैं, जिनसे किसानों की लागत भी पूरी नहीं होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed