विज्ञापन

हर रोज छेड़छाड़ का शिकार होती हैं बेटियां

ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर बहादुरगढ़ Updated Tue, 02 Dec 2014 12:23 AM IST
Every day is a victim of molestation daughters
विज्ञापन
ख़बर सुनें
सोनीपत की दो बहनों के साथ रोडवेज बस में जो कुछ हुआ, उसी से कमोबेश अधिकांश छात्राओं को रोजाना जूझना पड़ता है। सोमवार को झज्जर बस स्टैंड पर भी छात्राओं की बेबसी साफ नजर आई।
विज्ञापन
यहां बस की पिछली खिड़की के पास खड़े एक मनचले ने बस में बैठी छात्राओं पर फब्तियां कसनी शुरू कर दी। इस पर जब लड़कियों ने खिड़की का शीशा बंद करना चाहा, तो युवक ने शीशा पकड़ लिया।

बाद में छात्राओं ने मिलकर शीशा बंद कर दिया। इस पर युवक हाथ से शीशे को पीटने लगा और अश्लील फब्तियां भी कसने लगा। यह सब देख वहां खड़े अन्य लड़के हंसने लगे।

छात्राओं ने बताया कि उन्हें इन हालत से हर रोज गुजरना पड़ता है। वे भी ऐसे लड़कों को सबक सिखा सकती हैं, लेकिन इस डर से चुप रह जाती हैं कि घर वालों को पता चला, तो कहीं पढ़ाई न छुड़वा दें।
  
खड़े होकर करना पड़ता है सफर
रोडवेज की प्रत्येक बस में महिलाओं के लिए 20 सीट आरक्षित होती हैं। इसके लिए बाकायदा सीटों पर लिखा भी होता है कि ये सीट केवल महिलाओं के लिए हैं।

उनमें से ज्यादातर सीटों पर युवक या पुरुष बैठे होते हैं। ऐसे में छात्राओं को खड़े होकर सफर करना पड़ता है। रोडवेज की ओर से छात्राओं को स्कूल व कॉलेज से बस स्टैंड तक लाने के लिए तो विशेष बस लगा दी है,

लेकिन बस स्टैंड से गांवों तक जाने के लिए कोई बस नहीं लगाई गई है। मजबूरी में छात्राओं को सामान्य बसों में ही सफर करना पड़ता है और मनचलों की बदतमीजी झेलनी पड़ती है।

खुड्डन के लिए थी बस
झज्जर से खुड्डन के लिए महिला स्पेशल बस लगाई गई थी। यह बस पौने तीन बजे झज्जर बस स्टैंड से चलती थी। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि बस में सफर करने वाली छात्राओं की संख्या बहुत कम थी।

इस पर छात्राओं ने इस सामान्य श्रेणी का कर देने की बात कही। छात्राओं के कहने पर ही बस को महिला स्पेशल से सामान्य श्रेणी का किया गया।

झज्जर डिपो से कोई महिला स्पेशल बस नहीं है, जो स्कूल व कॉलेजों की छुट्टी होने के बाद छात्राओं को गांवों तक छोड़ने के लिए जाए।

 ये हैं डिपो से चलने वाली महिला स्पेशल बस
- झज्जर से रोहतक सुबह 7 बजकर 46 मिनट पर
- झज्जर से सांपला सुबह 8 बजे
- बेरी से सांपला सुबह 8 बजे
- मातन से सांपला सुबह 8 बजे
- मातनहेल से रोहतक सुबह 8 बजे
- माजरा से रोहतक सुबह 8 बजे
: इनमें से कोई भी ऐसी बस नहीं है जो शिक्षण संस्थानों की छुट्टी के बाद उन्हें वापस छोड़ने के लिए जाती हो

छात्राओं के लिए अलग से बस होनी चाहिए। रोहतक में छात्राओं ने जो बहादुरी दिखाई वह काबिल ए तारीफ है। इससे बाकी छात्राओं को प्रेरणा लेनी चाहिए तथा खुद की सुरक्षा करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।
कालू गुज्जर, पार्षद, वार्ड 15

माहौल बहुत खराब हो गया है। प्रशासन व पुलिस को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। युवतियों को खुद तैयार रहना चाहिए तथा इस बात की भी जानकारी रखनी चाहिए कि अगर कभी ऐसी स्थिति बनती है तो पुलिस को किस नंबर पर संपर्क करना चाहिए।
मंजू देवी, पार्षद, वार्ड 12

लोगों को सुरक्षा देना प्रशासन का काम है। छात्राएं स्कूल व कॉलेज से सुरक्षित घर तक पहुंचे, इसके लिए पुलिस व प्रशासन को पुख्ता प्रबंध करने चाहिए। बस स्टैंड पर पुलिस चौकी बनाई जानी चाहिए या फिर वहां पर पुलिस की नियमित ड्यूटी लगानी चाहिए
किशोर, पार्षद, वार्ड 16

छात्राओं की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि सार्वजनिक स्थानाें व बस स्टैंड पर सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाना चाहिए।

छात्राओं के लिए महिला स्पेशल बस लगानी चाहिए। इसके लिए स्कूल व कॉलेजों में जागरुकता अभियान भी चलाया जाना चाहिए, जिससे छात्राएं विरोध करने के लिए जागरूक हो सकें।
मीनाक्षी देवी, पार्षद, वार्ड 11

छुट्टी के बाद छात्राओं को गांवों तक छोड़ने के लिए महिला स्पेशल बस नहीं लगाई है। पहले झज्जर से खुड्डन तक महिला स्पेशल बस चलाई जा रही थी।

बस खाली रहने के कारण छात्राओं के अनुरोध पर उसे सामान्य श्रेणी में किया गया था। किसी भी रूट से हमें महिला स्पेशल बस लगाने की मांग नहीं मिली है। अगर मांग आती है है तो इस बारे में कार्रवाई की जाएगी।
एनके गर्ग, जीएम, झज्जर डिपो

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Jhajjar/Bahadurgarh

डॉक्टर की पर्ची पर तीन अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर होंगे गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड

डॉक्टर की पर्ची पर तीन अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर होंगे गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड

17 नवंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

डॉक्टर साहब गए आराम फरमाने, गार्ड ने ऐसे किया इलाज

हरियाणा के सिरसा में एक डॉक्टर की संवेदनहीनता देखने को मिली। यहां पर डॉक्टर साहब घायल शख्स का इलाज करने के बजाय आराम फरमाने चले गए। जिसके बाद मौके पर मौजूद एक सफाईकर्मी ने घायल शख्स को टांके लगाए।

19 सितंबर 2017

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree