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Jhajjar-Bahadurgarh News: गायनी और एसएनसीयू वार्ड में अब बायोमेट्रिक से मिलेगी एंट्री
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फोटो नंबर-11गायनी वार्ड के गेट पर लगाई गई बायोमेट्रिक डिवाइस। संवाद
नारनौल। नागरिक अस्पताल में गायनी और एसएनसीयू वार्डों में भीड़ नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाने के लिए प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। दोनों वार्डों के प्रवेश द्वार पर बायोमेट्रिक डिवाइस लगाई गई हैं। अब मरीज के साथ आने वाले केवल एक अधिकृत व्यक्ति को ही फिंगरप्रिंट या चेहरे की पहचान के आधार पर अंदर आने-जाने की अनुमति मिलेगी।
बायोमेट्रिक डिवाइस लगने से पहले दोनों वार्डों में सुरक्षा के लिए चार-चार गार्ड तैनात करने पड़ते थे। अब प्रवेश द्वार पर पहचान आधारित व्यवस्था लागू होने से सुरक्षा के लिए एक-एक गार्ड पर्याप्त रहने की उम्मीद है। इससे सुरक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने के साथ कर्मचारियों की तैनाती में भी राहत मिलेगी।
वहीं, अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में एमएनसीयू वार्ड भी शुरू किया गया है। इससे उन माताओं को बड़ी सुविधा मिलेगी, जिनके नवजात शिशुओं को जन्म के बाद स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण विशेष देखभाल की जरूरत होती है। पहले ऐसी स्थिति में बच्चे को एसएनसीयू में रखा जाता था जबकि मां गायनी वार्ड में रहती थी। मां को केवल दूध पिलाने के लिए निर्धारित समय पर बच्चे के पास जाना पड़ता था।
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नई व्यवस्था के तहत एसएनसीयू में छह नवजात शिशुओं के उपचार के लिए मशीनों के साथ छह महिलाओं के लिए बेड भी लगाए गए हैं। अब मां अपने बच्चे के पास रहकर उसकी देखभाल कर सकेगी और उसे स्तनपान भी करा सकेगी। इससे मां और नवजात के बीच संपर्क बना रहेगा तथा बच्चे के पोषण और देखभाल में मदद मिलेगी।
संक्रमण और झगड़ों से भी मिलेगी निजात
एक तरफ जहां इस बायोमेट्रिक मशीन से एसएनसीयू वार्ड के बाहर लोगों की भीड़ नहीं रहेगी, वहीं गायनी वार्ड में आए दिन होने वाले झगड़ों से भी निजात मिलेगी। गायनी वार्ड में अक्सर एक महिला के साथ कई लोग आ जाते हैं और सभी अंदर जाने के लिए गार्ड व अस्पताल कर्मचारियों से झगड़ा करते हैं। इसके अलावा गायनी व एसएनसीयू वार्ड में बार-बार लोगों के आवागमन से संक्रमण फैलने का भी भय रहता था, जिससे भी अब निजात मिलेगी।
वर्जन
गायनी व एसएनसीयू वार्ड में बायोमेट्रिक डिवाइस लगा दी गई है। इसमें गायनी वार्ड का तो कार्य पूरा हो चुका है। एसएनसीयू वार्ड में महिलाओं के बैड लगाने का कार्य चल रहा है, जो एक-दो दिन में पूरा हो जाएगा। बायोमेट्रिक डिवाइस से सुरक्षा के साथ संक्रमण से भी निजात मिलेगी।
डॉ. आशा शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल, नारनौल।
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बायोमेट्रिक डिवाइस लगने से पहले दोनों वार्डों में सुरक्षा के लिए चार-चार गार्ड तैनात करने पड़ते थे। अब प्रवेश द्वार पर पहचान आधारित व्यवस्था लागू होने से सुरक्षा के लिए एक-एक गार्ड पर्याप्त रहने की उम्मीद है। इससे सुरक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने के साथ कर्मचारियों की तैनाती में भी राहत मिलेगी।
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वहीं, अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में एमएनसीयू वार्ड भी शुरू किया गया है। इससे उन माताओं को बड़ी सुविधा मिलेगी, जिनके नवजात शिशुओं को जन्म के बाद स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण विशेष देखभाल की जरूरत होती है। पहले ऐसी स्थिति में बच्चे को एसएनसीयू में रखा जाता था जबकि मां गायनी वार्ड में रहती थी। मां को केवल दूध पिलाने के लिए निर्धारित समय पर बच्चे के पास जाना पड़ता था।
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नई व्यवस्था के तहत एसएनसीयू में छह नवजात शिशुओं के उपचार के लिए मशीनों के साथ छह महिलाओं के लिए बेड भी लगाए गए हैं। अब मां अपने बच्चे के पास रहकर उसकी देखभाल कर सकेगी और उसे स्तनपान भी करा सकेगी। इससे मां और नवजात के बीच संपर्क बना रहेगा तथा बच्चे के पोषण और देखभाल में मदद मिलेगी।
संक्रमण और झगड़ों से भी मिलेगी निजात
एक तरफ जहां इस बायोमेट्रिक मशीन से एसएनसीयू वार्ड के बाहर लोगों की भीड़ नहीं रहेगी, वहीं गायनी वार्ड में आए दिन होने वाले झगड़ों से भी निजात मिलेगी। गायनी वार्ड में अक्सर एक महिला के साथ कई लोग आ जाते हैं और सभी अंदर जाने के लिए गार्ड व अस्पताल कर्मचारियों से झगड़ा करते हैं। इसके अलावा गायनी व एसएनसीयू वार्ड में बार-बार लोगों के आवागमन से संक्रमण फैलने का भी भय रहता था, जिससे भी अब निजात मिलेगी।
वर्जन
गायनी व एसएनसीयू वार्ड में बायोमेट्रिक डिवाइस लगा दी गई है। इसमें गायनी वार्ड का तो कार्य पूरा हो चुका है। एसएनसीयू वार्ड में महिलाओं के बैड लगाने का कार्य चल रहा है, जो एक-दो दिन में पूरा हो जाएगा। बायोमेट्रिक डिवाइस से सुरक्षा के साथ संक्रमण से भी निजात मिलेगी।
डॉ. आशा शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल, नारनौल।